चंडीगढ़: हरियाणा के प्रशासनिक गलियारों से एक अत्यंत महत्वपूर्ण और बड़ी खबर सामने आई है। प्रदेश के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी के प्रधान सचिव (PSCM) और 1992 बैच के वरिष्ठ आईएएस अधिकारी अरुण कुमार गुप्ता तय समयानुसार आगामी 30 सितंबर को सेवानिवृत्त होने जा रहे हैं।
राज्य सरकार द्वारा उनके कार्यकाल को आगे बढ़ाने के लिए सेवा विस्तार (एक्सटेंशन) का प्रस्ताव केंद्र सरकार को प्रेषित किया गया था, किंतु केंद्र स्तर से इस प्रस्ताव पर औपचारिक अनुमोदन नहीं मिल सका है। इस निर्णय के बाद उनका तय तिथि पर पदमुक्त होना निश्चित हो गया है।
💼 मुख्यमंत्री कार्यालय (CMO) में संभाल रहे थे प्रमुख पदभार: वित्त एवं योजना विभाग का भी था जिम्मा
वरिष्ठ आईएएस अधिकारी का अनुभव और प्रशासनिक भूमिका:
1992 बैच के वरिष्ठ अधिकारी: आईएएस अरुण कुमार गुप्ता 1992 बैच के एक वरिष्ठ एवं दक्ष प्रशासनिक अधिकारी हैं। प्रशासनिक गलियारों में उनकी पहचान एक बेहद गंभीर, कार्यकुशल और अनुभवी रणनीतिकार के रूप में होती है।
अहम विभागों का दायित्व: वे मुख्यमंत्री के प्रधान सचिव के अत्यंत महत्वपूर्ण दायित्व के साथ-साथ राज्य के वित्त और योजना विभाग का अतिरिक्त प्रभार भी सफलतापूर्वक संभाल रहे हैं।
सरकार के भरोसेमंद अफसर: अपनी प्रशासनिक दक्षता और नीतिगत फैसलों के त्वरित क्रियान्वयन के चलते वे राज्य सरकार के शीर्ष भरोसेमंद अधिकारियों में गिने जाते रहे हैं।
आगामी फेरबदल और नए प्रशासनिक समीकरण:⏳ केंद्र से सेवा विस्तार को नहीं मिली हरी झंडी: CMO और प्रशासनिक ढांचे में बड़े फेरबदल के आसार
एक वर्ष के विस्तार का प्रस्ताव: हरियाणा सरकार ने उनके व्यापक प्रशासनिक अनुभव और योजनाओं के समन्वय को ध्यान में रखते हुए केंद्र सरकार से उनके कार्यकाल में एक वर्ष के सेवा विस्तार की सिफारिश की थी।
स्वीकृति न मिलने से तय हुई विदाई: केंद्रीय कार्मिक एवं प्रशिक्षण मंत्रालय (DoPT) से अनुमति न मिलने के कारण अब 30 सितंबर को उनकी विदाई तय हो चुकी है।
नए अफसरों की होगी तैनाती: अरुण कुमार गुप्ता के सेवानिवृत्त होते ही हरियाणा सिविल सचिवालय और मुख्यमंत्री कार्यालय (CMO) के प्रशासनिक ढांचे में बड़े फेरबदल देखने को मिलेंगे। सीएम के नए प्रधान सचिव के रूप में वरिष्ठ अफसरों के नामों पर विचार-विमर्श तेज हो गया है।
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