चंडीगढ़: चंडीगढ़ के सेक्टर-10 स्थित प्रसिद्ध गवर्नमेंट म्यूजियम एंड आर्ट गैलरी में सोमवार को “होला मोहल्ला” विषय पर आधारित एक विशेष फोटोग्राफी प्रदर्शनी का गरिमामय शुभारंभ किया गया। पंजाब के राज्यपाल एवं चंडीगढ़ के प्रशासक गुलाब चंद कटारिया ने मुख्य अतिथि के रूप में शिरकत कर इस प्रदर्शनी का औपचारिक उद्घाटन किया।
गवर्नमेंट म्यूजियम एंड आर्ट गैलरी और चंडीगढ़ ललित कला अकादमी के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित यह अनूठी प्रदर्शनी 15 सितंबर 2026 तक आम लोगों व कला प्रेमियों के अवलोकन के लिए खुली रहेगी।
🏛️ “कला और फोटोग्राफी विरासत को नई पीढ़ी तक पहुंचाने का सशक्त माध्यम”: प्रशासक गुलाब चंद कटारिया
प्रदर्शनी में प्रदर्शित एक-एक तस्वीर का सूक्ष्मता से अवलोकन करने के बाद प्रशासक गुलाब चंद कटारिया ने संबोधित करते हुए कहा, “भारत की समृद्ध और अनमोल सांस्कृतिक विरासत को सहेजने तथा उसे युवा पीढ़ी तक पहुंचाने में कला और फोटोग्राफी की अत्यंत महत्वपूर्ण भूमिका है। ऐसी अंतरराष्ट्रीय स्तर की प्रदर्शनियां हमारी ऐतिहासिक परंपराओं और सांस्कृतिक धरोहर को जीवंत रूप में जन-जन के समक्ष प्रस्तुत करती हैं तथा लोगों को अपनी जड़ों से जोड़ने का अमूल्य अवसर प्रदान करती हैं। ऐसे आयोजनों से समाज अपनी ऐतिहासिक पहचान और उच्च मूल्यों को अधिक गहराई से समझ पाता है।”
📸 तस्वीरों में जीवंत हुआ होला मोहल्ला पर्व का शौर्य, आस्था और वीरता का अनूठा स्वरूप
इस राज्यस्तरीय प्रदर्शनी में देश के प्रसिद्ध फोटोग्राफर संजय दास द्वारा अपने कैमरे में कैद की गई अद्भुत और दुर्लभ तस्वीरें प्रदर्शित की गई हैं। इन जीवंत तस्वीरों के माध्यम से होला मोहल्ला पर्व की अटूट धार्मिक आस्था, सिखों की पारंपरिक वीरता, निहंग सिंहों के शौर्यपूर्ण युद्ध कौशल (गटका) और सामुदायिक जीवन के विविध आकर्षक रंगों को बेहद प्रभावशाली ढंग से पेश किया गया है।
ये तस्वीरें यहां आने वाले दर्शकों को आनंदपुर साहिब के इस ऐतिहासिक और आध्यात्मिक पर्व की प्रत्यक्ष एवं जीवंत अनुभूति कराती हैं तथा सिख परंपरा की गौरवशाली विरासत से गहराई से परिचित कराती हैं।
🎨 डॉ. सीमा भल्ला के क्यूरेशन में समझ आएगा पर्व का ऐतिहासिक व आध्यात्मिक महत्व, शाम 5 बजे तक खुली रहेगी प्रदर्शनी
प्रदर्शनी का उत्कृष्ट क्यूरेशन प्रसिद्ध कला इतिहासकार एवं आर्ट क्रिटिक डॉ. सीमा भल्ला द्वारा किया गया है। प्रदर्शनी में होला मोहल्ला की सदियों पुरानी परंपराओं, इसके ऐतिहासिक महत्व और सांस्कृतिक विरासत को एक सुव्यवस्थित व क्रमबद्ध दृश्य प्रस्तुति (Visual Narrative) के रूप में सजाया गया है।
यह फोटोग्राफी प्रदर्शनी प्रतिदिन सुबह 10:00 बजे से शाम 5:00 बजे तक आम जनता और पर्यटकों के लिए नि:शुल्क खुली रहेगी। आयोजकों का मानना है कि यहां आने वाले कला प्रेमी फोटोग्राफी के माध्यम से होला मोहल्ला की आध्यात्मिकता, शौर्य, भाईचारे और सांस्कृतिक विरासत को बेहद करीब से अनुभव कर सकेंगे।
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