भोपाल (मध्य प्रदेश): मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल में मासिक स्टाइपेंड बढ़ाने की मांग को लेकर इंटर्न डॉक्टरों का विरोध-प्रदर्शन लगातार तेज होता जा रहा है।
कमला पार्क क्षेत्र में अनिश्चितकालीन धरने पर बैठे इन भावी चिकित्सकों के आंदोलन को अब मुख्य विपक्षी दल कांग्रेस का भी खुला समर्थन मिल गया है। मंगलवार रात कांग्रेस के कई वरिष्ठ नेता और जनप्रतिनिधि प्रदर्शनकारियों के समर्थन में सीधे धरनास्थल पर पहुंचे, जहां उन्होंने आंदोलनकारी डॉक्टरों से बातचीत कर उनकी समस्याओं व मांगों को विस्तार से सुना।
📢 मांग पूरी न होने पर उग्र आंदोलन की चेतावनी: विधायक आरिफ मसूद बोले- सड़क पर उतरेंगे
कांग्रेस का रुख और राजनीतिक समर्थन:
सरकार पर उपेक्षा का आरोप: धरनास्थल पर पहुंचे कांग्रेस विधायक आरिफ मसूद ने कहा कि यह अत्यंत दुर्भाग्यपूर्ण और शर्मनाक है कि स्वास्थ्य व्यवस्था की रीढ़ माने जाने वाले इंटर्न डॉक्टरों को अपने जायज हक के लिए सड़कों पर बैठना पड़ रहा है, जबकि शासन उनकी मांगों पर गंभीरता नहीं दिखा रहा है।
त्वरित निर्णय की मांग: मसूद ने सरकार से स्टाइपेंड में तत्काल वृद्धि की घोषणा करने की मांग की।
धरने में शामिल होने का अल्टीमेटम: उन्होंने स्पष्ट चेतावनी दी कि यदि शासन ने समय रहते सकारात्मक निर्णय नहीं लिया, तो कांग्रेस पार्टी पूरी ताकत के साथ डॉक्टरों के इस आंदोलन में शामिल होगी और आवश्यकता पड़ने पर वे स्वयं सैकड़ों समर्थकों के साथ धरनास्थल पर अनशन करेंगे।
प्रशासनिक प्रतिक्रिया और छात्रों का रुख:🤝 ‘बातचीत से निकलेगा हल’: कलेक्टर बोले- सरकार से वार्ता जारी, लिखित आदेश पर अड़े डॉक्टर्स
आंदोलनकारी डॉक्टरों का संकल्प: प्रदर्शनकारी डॉक्टर अनिकेत शर्मा ने स्पष्ट किया कि वे किसी भी सूरत में अपने कदम पीछे नहीं खींचेंगे। जब तक स्टाइपेंड वृद्धि का विधिवत लिखित शासकीय आदेश जारी नहीं हो जाता, तब तक उनका यह धरना दिन-रात जारी रहेगा।
भोपाल कलेक्टर का पक्ष: भोपाल कलेक्टर प्रियंक मिश्रा ने कहा कि छात्र अत्यंत शांतिपूर्ण तरीके से अपनी बात रख रहे हैं, जो सराहनीय है। उन्होंने बताया कि छात्रों की मांगों के संदर्भ में शासन स्तर पर विचार-विमर्श चल रहा है। कलेक्टर ने आशा व्यक्त की कि संवाद के माध्यम से जल्द ही सकारात्मक और व्यावहारिक समाधान निकाल लिया जाएगा।
प्रमुख मांगें और कानून-व्यवस्था की स्थिति:🚦 ₹14,377 से बढ़ाकर ₹30,000 स्टाइपेंड करने की मांग: ट्रैफिक व्यवस्था पर पुलिस की नजर
स्टाइपेंड दोगुना करने की गुहार: इंटर्न डॉक्टरों की मुख्य मांग है कि उन्हें वर्तमान में मिलने वाले ₹14,377 के अल्प स्टाइपेंड को बढ़ाकर कम से कम ₹30,000 प्रतिमाह किया जाए। डॉक्टरों का कहना है कि वर्षों से केवल मौखिक आश्वासन दिए जा रहे हैं, जबकि जमीनी स्तर पर कोई ठोस नीति नहीं बनी।
मार्ग अवरुद्ध न करने की हिदायत: कानून-व्यवस्था और यातायात प्रबंधन को लेकर एडिशनल पुलिस कमिश्नर शैलेंद्र सिंह चौहान ने बताया कि पुलिस अधिकारियों ने आंदोलनकारियों से चर्चा कर मुख्य मार्गों को बाधित न करने की अपील की है, जिससे आम नागरिकों को असुविधा न हो।
बढ़ते टकराव के आसार: कांग्रेस के खुले समर्थन के बाद इस आंदोलन ने बड़ा राजनीतिक रूप ले लिया है, जिससे आने वाले दिनों में शासन और आंदोलनरत चिकित्सकों के बीच गतिरोध और अधिक बढ़ने की संभावना जताई जा रही है।
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