जबलपुर: मध्य प्रदेश के संस्कारधानी कहे जाने वाले जबलपुर जिले में खाकी ने नशे के सौदागरों के खिलाफ एक बहुत बड़ी कार्रवाई को अंजाम दिया है। पार्सल कंटेनर की आड़ में छिपकर करोड़ों रुपए के गांजे की अवैध तस्करी करने वाले दो शातिर आरोपियों को पुलिस ने धर दबोचा है। पुलिस ने पकड़े गए आरोपियों के कब्जे से कुल 871 किलोग्राम अवैध गांजा बरामद किया है, जिसकी अनुमानित कीमत बाजार में लगभग सवा चार करोड़ रुपए आंकी जा रही है। इसके साथ ही, इस तस्करी की वारदात में प्रयुक्त किए जा रहे पार्सल कंटेनर की कीमत भी करीब 50 लाख रुपए बताई जा रही है। इस सनसनीखेज खुलासे को अंजाम देने में क्राइम ब्रांच और गोसलपुर थाना पुलिस की संयुक्त टीम ने अहम भूमिका निभाई है। पुलिस को गोपनीय तंत्र से पुख्ता सूचना मिली थी कि एक पार्सल कंटेनर के भीतर भारी मात्रा में मादक पदार्थ भरकर गुप्त रूप से तस्करी की जा रही है। खुफिया सूचना मिलते ही क्राइम ब्रांच और गोसलपुर थाना पुलिस ने तत्परता दिखाते हुए संयुक्त रूप से मोर्चा संभाल लिया। जबलपुर-कटनी राष्ट्रीय राजमार्ग पर गोसलपुर थाना क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले मुस्कुरा ग्राम के समीप हाईवे पर कड़ी घेराबंदी करके संदिग्ध कंटेनर को रोक लिया गया। जब पुलिस बल ने वाहन की गहनता से तलाशी ली, तो अंदर का नजारा देखकर अधिकारी भी दंग रह गए। वाहन के भीतर भारी मात्रा में गांजे की खेप छिपाई गई थी। इस पूरी जाँच के दौरान लगभग एक हजार किलो (871 किलो सटीक) गांजा बरामद हुआ। मौके से पुलिस ने दो आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है, जिनकी पहचान धर्मवीर सिंह और विक्रम कर्मकार के रूप में हुई है। ये दोनों आरोपी पड़ोसी राज्य उत्तर प्रदेश के अलीगढ़ जिले के रहने वाले बताए जा रहे हैं। शुरुआती अनुसंधान में यह बात सामने आई है कि कंटेनर का मालिक धर्मवीर सिंह खुद इस अवैध गांजा तस्करी का संचालन कर रहा था और अपने सहयोगी के साथ मिलकर पूरे सिंडिकेट को चला रहा था। पुलिस पूछताछ में यह खुलासा हुआ है कि ये दोनों तस्कर अंबाला से गांजे की भारी-भरकम खेप लेकर रवाना हुए थे और कंटेनर के माध्यम से कटनी की दिशा में आगे बढ़ रहे थे। तस्करों ने कानून की आँखों में धूल झोंकने के लिए पार्सल कंटेनर की आड़ लेने का यह नायाब तरीका निकाला था। खास बात यह थी कि तय मार्ग पर अलग-अलग स्थानों पर मौजूद स्थानीय हैंडलर्स को गांजे के पैकेट रास्ते में ही सप्लाई किए जा रहे थे। यानी सफर के दौरान यह कंटेनर एक चलती-फिरती दुकान की तरह अलग-अलग पड़ावों पर नशे की खेप की डिलीवरी भी करता जा रहा था। गोसलपुर थाना प्रभारी भावना तिवारी ने मीडिया को जानकारी दी कि आरोपियों से लगातार गहन पूछताछ की जा रही है ताकि यह पता लगाया जा सके कि उन्होंने रास्ते में किन-किन प्रमुख स्थानों पर गांजे के पैकेट उतारे हैं और इस पूरे नेटवर्क में उनके साथ अन्य कितने लोग संलिप्त हैं। पुलिस अब इस बात का पूरा विवरण जुटाने में लगी है कि यह मादक पदार्थ मूल रूप से कहाँ से खरीदा गया था और इसके अंतिम गंतव्य कौन-से स्थान थे। रास्ते के उन तमाम डिलीवरी पॉइंट्स की शिनाख्त की जा रही है जहाँ माल उतारा गया था। फिलहाल, पकड़े गए दोनों आरोपियों के खिलाफ सुसंगत धाराओं के तहत एनडीपीएस (NDPS) एक्ट के अंतर्गत मामला दर्ज कर लिया गया है। पुलिस अधिकारियों को पूरी आशंका है कि इस बड़ी कार्रवाई के दायरे में आने वाले अन्य लिंकों के जरिए मादक पदार्थों की तस्करी से जुड़े एक बहुत बड़े अंतरराज्यीय नेटवर्क का पर्दाफाश हो सकेगा। अब पूरी जाँच का मुख्य फोकस अंबाला से लेकर कटनी तक के इस तस्करी रूट, मुख्य सप्लायरों, स्थानीय मददगारों और माल की रिसीविंग करने वालों की धरपकड़ पर केंद्रित है।जबलपुर-कटनी नेशनल हाईवे पर की गई नाकाबंदी, मुस्कुरा ग्राम के पास दबोचा गया संदिग्ध कंटेनर
अंबाला से कटनी की तरफ जा रहे थे तस्कर, रास्ते में अलग-अलग जगहों पर की जा रही थी पैकेटों की डिलीवरी
एनडीपीएस एक्ट के तहत दर्ज हुआ मुकदमा, अंबाला से कटनी तक फैले तस्करी के नेटवर्क की हो रही है तलाश
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जबलपुर: मध्य प्रदेश के संस्कारधानी कहे जाने वाले जबलपुर जिले में खाकी ने नशे के सौदागरों के खिलाफ एक बहुत बड़ी कार्रवाई को अंजाम दिया है। पार्सल कंटेनर की आड़ में छिपकर करोड़ों रुपए के गांजे की अवैध तस्करी करने वाले दो शातिर आरोपियों को पुलिस ने धर दबोचा है। पुलिस ने पकड़े गए आरोपियों के कब्जे से कुल 871 किलोग्राम अवैध गांजा बरामद किया है, जिसकी अनुमानित कीमत बाजार में लगभग सवा चार करोड़ रुपए आंकी जा रही है। इसके साथ ही, इस तस्करी की वारदात में प्रयुक्त किए जा रहे पार्सल कंटेनर की कीमत भी करीब 50 लाख रुपए बताई जा रही है। इस सनसनीखेज खुलासे को अंजाम देने में क्राइम ब्रांच और गोसलपुर थाना पुलिस की संयुक्त टीम ने अहम भूमिका निभाई है। पुलिस को गोपनीय तंत्र से पुख्ता सूचना मिली थी कि एक पार्सल कंटेनर के भीतर भारी मात्रा में मादक पदार्थ भरकर गुप्त रूप से तस्करी की जा रही है।
जबलपुर-कटनी नेशनल हाईवे पर की गई नाकाबंदी, मुस्कुरा ग्राम के पास दबोचा गया संदिग्ध कंटेनर
खुफिया सूचना मिलते ही क्राइम ब्रांच और गोसलपुर थाना पुलिस ने तत्परता दिखाते हुए संयुक्त रूप से मोर्चा संभाल लिया। जबलपुर-कटनी राष्ट्रीय राजमार्ग पर गोसलपुर थाना क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले मुस्कुरा ग्राम के समीप हाईवे पर कड़ी घेराबंदी करके संदिग्ध कंटेनर को रोक लिया गया। जब पुलिस बल ने वाहन की गहनता से तलाशी ली, तो अंदर का नजारा देखकर अधिकारी भी दंग रह गए। वाहन के भीतर भारी मात्रा में गांजे की खेप छिपाई गई थी। इस पूरी जाँच के दौरान लगभग एक हजार किलो (871 किलो सटीक) गांजा बरामद हुआ। मौके से पुलिस ने दो आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है, जिनकी पहचान धर्मवीर सिंह और विक्रम कर्मकार के रूप में हुई है। ये दोनों आरोपी पड़ोसी राज्य उत्तर प्रदेश के अलीगढ़ जिले के रहने वाले बताए जा रहे हैं। शुरुआती अनुसंधान में यह बात सामने आई है कि कंटेनर का मालिक धर्मवीर सिंह खुद इस अवैध गांजा तस्करी का संचालन कर रहा था और अपने सहयोगी के साथ मिलकर पूरे सिंडिकेट को चला रहा था।
अंबाला से कटनी की तरफ जा रहे थे तस्कर, रास्ते में अलग-अलग जगहों पर की जा रही थी पैकेटों की डिलीवरी
पुलिस पूछताछ में यह खुलासा हुआ है कि ये दोनों तस्कर अंबाला से गांजे की भारी-भरकम खेप लेकर रवाना हुए थे और कंटेनर के माध्यम से कटनी की दिशा में आगे बढ़ रहे थे। तस्करों ने कानून की आँखों में धूल झोंकने के लिए पार्सल कंटेनर की आड़ लेने का यह नायाब तरीका निकाला था। खास बात यह थी कि तय मार्ग पर अलग-अलग स्थानों पर मौजूद स्थानीय हैंडलर्स को गांजे के पैकेट रास्ते में ही सप्लाई किए जा रहे थे। यानी सफर के दौरान यह कंटेनर एक चलती-फिरती दुकान की तरह अलग-अलग पड़ावों पर नशे की खेप की डिलीवरी भी करता जा रहा था। गोसलपुर थाना प्रभारी भावना तिवारी ने मीडिया को जानकारी दी कि आरोपियों से लगातार गहन पूछताछ की जा रही है ताकि यह पता लगाया जा सके कि उन्होंने रास्ते में किन-किन प्रमुख स्थानों पर गांजे के पैकेट उतारे हैं और इस पूरे नेटवर्क में उनके साथ अन्य कितने लोग संलिप्त हैं।
एनडीपीएस एक्ट के तहत दर्ज हुआ मुकदमा, अंबाला से कटनी तक फैले तस्करी के नेटवर्क की हो रही है तलाश
पुलिस अब इस बात का पूरा विवरण जुटाने में लगी है कि यह मादक पदार्थ मूल रूप से कहाँ से खरीदा गया था और इसके अंतिम गंतव्य कौन-से स्थान थे। रास्ते के उन तमाम डिलीवरी पॉइंट्स की शिनाख्त की जा रही है जहाँ माल उतारा गया था। फिलहाल, पकड़े गए दोनों आरोपियों के खिलाफ सुसंगत धाराओं के तहत एनडीपीएस (NDPS) एक्ट के अंतर्गत मामला दर्ज कर लिया गया है। पुलिस अधिकारियों को पूरी आशंका है कि इस बड़ी कार्रवाई के दायरे में आने वाले अन्य लिंकों के जरिए मादक पदार्थों की तस्करी से जुड़े एक बहुत बड़े अंतरराज्यीय नेटवर्क का पर्दाफाश हो सकेगा। अब पूरी जाँच का मुख्य फोकस अंबाला से लेकर कटनी तक के इस तस्करी रूट, मुख्य सप्लायरों, स्थानीय मददगारों और माल की रिसीविंग करने वालों की धरपकड़ पर केंद्रित है।


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