धार/भोपाल: मध्य प्रदेश के ऐतिहासिक और सांस्कृतिक पन्नों में 25 मई 2026 को एक ऐसा अध्याय जुड़ गया है, जो पिछले 750 सालों के इतिहास में कभी नहीं हुआ था। धार स्थित ऐतिहासिक भोजशाला परिसर में पहली बार मां वाग्देवी (सरस्वती जी) का पूरे विधि-विधान और मंत्रोच्चार के साथ भव्य पूजन संपन्न हुआ। इस पावन अवसर पर मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव भोजशाला पहुंचे और वे इतिहास के पहले ऐसे मुख्यमंत्री बन गए हैं जिन्होंने यहाँ साक्षात पूजा-अर्चना की है। इस ऐतिहासिक क्षण से गदगद होकर मुख्यमंत्री ने धारवासियों को न केवल बधाई दी, बल्कि बड़ा संकल्प लेते हुए कहा कि अब से विकास के मामले में धार जिला पूरे प्रदेश में सबसे आगे रहेगा। उन्होंने बड़ा ऐलान किया कि धार की पावन ऐतिहासिक धरती पर भव्य ‘मां सरस्वती लोक’ और ‘राजा भोज शोध संस्थान’ की स्थापना की जाएगी।
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने भोजशाला परिसर में प्रवेश करते ही सबसे पहले मां वाग्देवी का श्रद्धापूर्वक ध्यान किया। उन्होंने जनता को संबोधित करते हुए कहा कि आज गंगा दशमी का परम पावन दिन है और धार महान पराक्रमी राजा भोज की नगरी है। राजा भोज, सम्राट विक्रमादित्य और हर्षवर्धन— ये तीनों मालवा की माटी के ऐसे महान लाल हैं, जिनकी सांस्कृतिक दूरदर्शिता की वजह से ही हमारी सनातन संस्कृति ने पूरे विश्व के सामने अपनी एक विशिष्ट और अमिट पहचान बनाई है। राजा भोज स्वयं एक महान विद्वान थे, जिन्होंने खुद कई कालजयी किताबें लिखीं और धार में अद्वितीय पुरातन महत्व की ऐतिहासिक इमारतें व भव्य मंदिर बनवाए।
💪 दुनिया के सबसे बड़े लोकतंत्र में कोर्ट के फैसलों को लागू करने का सामर्थ्य सिर्फ पीएम मोदी में: मुख्यमंत्री का बड़ा बयान
जनसभा को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने देश के शीर्ष नेतृत्व की सराहना की। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के कुशल और मजबूत शासनकाल में देश ने वह सब कुछ करके दिखाया है, जो एक संप्रभु और शक्तिशाली राष्ट्र के लिए बेहद जरूरी है। दुनिया के सबसे बड़े लोकतंत्र में न्यायपालिका और न्यायालय के ऐतिहासिक निर्णयों को बिना किसी विवाद के पूरी तरह से धरातल पर लागू करने का जो राजनैतिक सामर्थ्य होना चाहिए, वह सामर्थ्य और इच्छाशक्ति केवल प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी में है।
उन्होंने कहा कि यह देश के बदलते और गौरवमयी दौर का समय है। जिस तरह भगवान श्री राम मंदिर पर माननीय सुप्रीम कोर्ट ने ऐतिहासिक फैसला दिया और प्रधानमंत्री मोदी ने देश के सभी वर्गों को साथ लेकर उस फैसले का अक्षरशः अनुपालन कराया, वह उनके मजबूत नेतृत्व को दर्शाता है।
🏭 750 साल पुराने कड़े संघर्ष के बाद नई औद्योगिक दुनिया में प्रवेश कर रहा है धार: पीएम मित्रा पार्क से आदिवासी युवाओं को मिलेगा रोजगार
सीएम डॉ. यादव ने कहा, “मैं मध्य प्रदेश उच्च न्यायालय (High Court) के ऐतिहासिक फैसले के लिए सभी धारवासियों और संस्कृति संरक्षकों को ह्रदय से बधाई देता हूं। इस न्यायपूर्ण फैसले के पीछे हमारा और हमारे पूर्वजों का 750 साल पुराना लंबा संघर्ष छिपा हुआ है।” उन्होंने युवाओं का आह्वान करते हुए कहा कि आने वाले समय में धार को विकास की नई ऊंचाइयों पर ले जाने का संकल्प करने की जरूरत है।
धार के औद्योगिक विकास का खाका खींचते हुए उन्होंने बताया कि यहाँ स्थापित हो रहे महत्वाकांक्षी ‘पीएम मित्रा पार्क’ (PM Mitra Park) में हमारे स्थानीय आदिवासी भाई-बहनों द्वारा उपजाए गए कपास से अंतरराष्ट्रीय स्तर के बेहतरीन कपड़े बनेंगे और यहीं से सीधे विदेशों में निर्यात (Export) किए जाएंगे। उन्होंने गौरव से कहा कि धार वर्तमान में पूरे प्रदेश में सबसे अच्छे और तेजी से बढ़ते हुए औद्योगिक जिलों में शुमार हो चुका है।
🌊 जल गंगा संवर्धन अभियान के तहत धार की बदल जाएगी सूरत: ₹88 करोड़ की लागत के विकास कार्यों का हुआ भूमि-पूजन
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने पर्यावरण और जल संरक्षण पर बल देते हुए कहा कि आज गंगा दशमी का पावन पर्व है और इतिहास गवाह है कि महाराजा राजा भोज ने अपने काल में जल प्रबंधन और जल संरक्षण को लेकर ऐतिहासिक व अनुकरणीय काम किए थे। आज प्रधानमंत्री मोदी के दूरदर्शी नेतृत्व में पूरे देश में जल संरक्षण को लेकर कई बड़े अभियान चल रहे हैं। इन सभी जल अभियानों में हमारा मध्य प्रदेश पूरे देश में अग्रणी भूमिका निभा रहा है। आज पूरे प्रदेश की जनता इस पुनीत कार्य में सहभागिता कर रही है। राज्य सरकार ने ‘जल गंगा संवर्धन अभियान’ के तहत पूरे प्रदेश में 2 लाख 82 हजार 188 जल संरक्षण संबंधी कार्यों को प्रारंभ करने का विशाल लक्ष्य निर्धारित किया है, जिसमें वर्तमान में ₹2,500 करोड़ के कार्य तेजी से चल रहे हैं।
इसके अंतर्गत पारंपरिक कुओं को वैज्ञानिक विधि से रिचार्ज किया जा रहा है, 55 हजार से अधिक नए खेत-तालाबों का निर्माण पूरा किया जा चुका है, 105 विशाल अमृत सरोवरों का निर्माण किया गया है और ग्रामीण स्तर पर जल की बर्बादी रोकने के लिए 8 लाख से ज्यादा सक्रिय ‘जल दूत’ बनाए गए हैं। सीएम ने आंकड़ों के साथ बताया कि हमारा शुरुआती लक्ष्य 2024 कार्यों का था, लेकिन उसकी तुलना में हमने रिकॉर्ड 9,630 काम धरातल पर किए हैं। अकेले धार जिले में खेत तालाब, डगवेल रिचार्ज, आधुनिक सिंचाई संरचना और जल संरक्षण के बेहतरीन काम किए जा रहे हैं। यहाँ की 64 प्राचीन ऐतिहासिक बावड़ियों और 64 प्राचीन तालाबों का पूर्ण संरक्षण और जीर्णोद्धार (Renovation) किया जा रहा है। मुख्यमंत्री ने इस अवसर पर धार में ₹88 करोड़ 4 लाख की भारी-भरकम लागत से बनने वाले 12 बड़े विकास कार्यों का डिजिटल माध्यम से शिलान्यास व भूमि-पूजन भी किया।
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