दिल्ली के जंतर-मंतर पर जबरन घुसने और प्रदर्शन करने के आरोप में कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के दो प्रमुख नेताओं सौरव दास और आशुतोष रांका को हिरासत में लिए जाने का मामला तूल पकड़ता जा रहा है। विपक्षी दलों के शीर्ष नेताओं ने इस कार्रवाई को लेकर केंद्र सरकार पर तीखा हमला बोला है। लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने जंतर-मंतर पर तिरंगा लहराने के लिए हुई इस गिरफ्तारी को एक ‘कायरतापूर्ण कदम’ करार दिया है, वहीं पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने इसे पूरी एक पीढ़ी को डराने और चुप कराने की सुनियोजित कोशिश बताया है।
तृणमूल कांग्रेस (TMC) सुप्रीमो ममता बनर्जी ने युवा नेताओं की गिरफ्तारी की कड़े शब्दों में निंदा करते हुए कहा कि उन्होंने और उनकी पीढ़ी ने अपने लोकतांत्रिक अधिकारों के लिए हमेशा लंबी लड़ाई लड़ी है। उन्होंने कहा, “यह दौर हम सबके लिए एकजुट होकर अपनी महान लोकतांत्रिक व्यवस्था की रक्षा करने का है। सरकार की यह कोशिश मंजूर नहीं है कि वह युवाओं की आवाज को दबाए।” केंद्र सरकार पर निशाना साधते हुए उन्होंने कहा कि देश के कई हिस्सों में लोकतंत्र की हत्या हो रही है, लेकिन वे अपने संवैधानिक अधिकारों से कभी समझौता नहीं करेंगी।
🏛️ तिहाड़ जेल भेजे गए नेता, जंतर-मंतर को प्रदर्शन स्थल की सूची से बाहर करने पर विवाद
इससे पहले, CJP के इन दोनों नेताओं को शांति बनाए रखने के बांड का कथित उल्लंघन करने और बिना अनुमति जंतर-मंतर क्षेत्र में प्रवेश करने के आरोप में बुधवार को 5 दिन की न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया। राजधानी दिल्ली में जंतर-मंतर को आधिकारिक प्रदर्शन स्थलों की सूची से बाहर किए जाने के बाद से लगातार विरोध प्रदर्शन हो रहे हैं।
तिहाड़ जेल में बंद: दिल्ली पुलिस ने जानकारी दी है कि आशुतोष और सौरव को तिहाड़ जेल भेज दिया गया है, जबकि उनके सहयोगी अजिंक्य शिंदे को 6 महीने तक शांति बनाए रखने के मुचलके पर रिहा कर दिया गया है।
क्या है मामला: इन नेताओं को मंगलवार तड़के बैरिकेड तोड़कर बिना अनुमति जंतर-मंतर पर घुसने, मुख्य चुनाव आयुक्त (CEC) ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग को लेकर नारेबाजी करने और वहां राष्ट्रीय ध्वज फहराने के आरोप में हिरासत में लिया गया था।
पुलिस कार्रवाई पर कड़ी प्रतिक्रिया देते हुए CJP के संस्थापक अभिजित दिपके ने असहमति की आवाज को कुचलने का आरोप लगाया। सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘X’ पर पोस्ट कर उन्होंने सवाल उठाया कि आशु और सौरव का आखिर दोष क्या है? क्या जंतर-मंतर पर तिरंगा फहराना अपराध है?🇮🇳 राहुल गांधी बोले- ‘तिरंगा लहराना कोई अपराध नहीं, युवाओं की आवाज कोई नहीं दबा सकता’
वहीं, कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने समर्थन जताते हुए कहा कि जंतर-मंतर भारत की आम जनता का स्थान है और इसे दोबारा प्रदर्शन स्थल के रूप में बहाल किया जाएगा। उन्होंने स्पष्ट किया कि शांतिपूर्ण विरोध प्रदर्शन के दौरान तिरंगा लहराना किसी भी सूरत में अपराध नहीं हो सकता, और ऐसा करने पर युवाओं को जेल भेजना सरकार की घबराहट और कायरता को दर्शाता है।


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