झारखंड के जमशेदपुर में लगातार बढ़ रही आपराधिक घटनाओं और बिगड़ती कानून-व्यवस्था को लेकर विपक्ष के साथ-साथ सत्ता पक्ष के भीतर भी चिंता और नाराजगी देखने को मिल रही है। जमशेदपुर पश्चिम से जदयू (JDU) विधायक सरयू राय ने शहर की मौजूदा स्थिति पर गहरी चिंता जताते हुए राज्य सरकार और स्थानीय पुलिस प्रशासन को कटघरे में खड़ा कर दिया है। उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा कि शहर में अब पुलिस का इकबाल पूरी तरह समाप्त हो चुका है और उसकी साख पर बट्टा लगा है, जिसे वापस लाने के लिए प्रशासन को ठोस और कड़े कदम उठाने होंगे।
🕵️♂️ राजनीति और अपराधियों के घालमेल पर प्रहार, बोले- सिर्फ सड़कों पर लाठी भांजने से नहीं सुलझेगी समस्या
सरयू राय ने कहा कि आज पुलिस को इस बात की पूरी जानकारी होनी चाहिए कि कौन व्यक्ति सत्ता के नजदीक है, कौन पावरफुल है और उसके यहां किन लोगों का उठना-बैठना या आना-जाना है। राजनीति से जुड़े कई ऐसे लोग हैं जिनके खिलाफ कई मामले दर्ज हैं और उनका संदिग्ध अपराधियों से सीधा संपर्क रहता है, जिसकी निष्पक्ष जांच की जानी चाहिए। उन्होंने कहा कि राजनीति और अपराधियों के इस खतरनाक घालमेल को हर हाल में तोड़ना होगा। केवल किसी चौक-चौराहे पर पुलिस द्वारा लाठी भांज देना और यह कह देना कि लोग अड्डेबाजी कर रहे हैं, किसी भी समस्या का स्थायी समाधान नहीं हो सकता।
📱 चर्चित ‘निखार सबलोक हत्याकांड’ का जिक्र, मुख्य आरोपी राघव के मोबाइल से हुए चौंकाने वाले खुलासे
प्रेस को संबोधित करते हुए विधायक सरयू राय ने चर्चित निखार सबलोक हत्याकांड का विशेष रूप से जिक्र किया। उन्होंने बताया कि इस हत्याकांड का मुख्य साजिशकर्ता राघव इस समय जेल में बंद है और पुलिस के हाथ उसका मोबाइल फोन लग चुका है। उन्होंने पहले ही मांग की थी कि इस मोबाइल को पुख्ता सबूत (एग्जिबिट) बनाया जाना चाहिए। राघव के मोबाइल में दर्ज संपर्कों और जिन लोगों से उसकी बातचीत हुई है, उनके खुलासे रोंगटे खड़े करने वाले हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि एक पूर्व मंत्री के साथ राघव की बातचीत सामने आई है, जिसमें राघव यह कह रहा है कि ‘आपके गले की मोटी सोने की चेन पसंद आ गई है, आप ले लीजिए।’ साथ ही उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि जो लोग शहर में रहकर नियमों के विरुद्ध काम करते हैं और जिन्हें टाटा स्टील का प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष सहयोग मिलता है, पुलिस को उनकी भी जांच करनी चाहिए।
🏛️ अपराधियों को मिल रहा राजनीतिक संरक्षण, मुख्यमंत्री को खुद लेनी चाहिए सुध
जदयू विधायक ने कड़े शब्दों में आरोप लगाया कि शहर के अपराधियों को सीधा राजनीतिक संरक्षण मिल रहा है। यह संरक्षण देने वाले कोई गिने-चुने लोग नहीं हैं, बल्कि जनता सब जानती है और समझती है कि किसका संरक्षण किसके साथ है। उन्होंने कहा कि इस गंभीर स्थिति पर राज्य के मुख्यमंत्री को खुद संज्ञान लेना चाहिए और जब तक मुख्यमंत्री स्तर से सख्त इच्छाशक्ति नहीं दिखाई जाएगी, तब तक शहर की कानून-व्यवस्था में सुधार होना असंभव है।
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