झारखंड में नशीले पदार्थों के अवैध कारोबार के खिलाफ नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो (NCB) ने एक बहुत बड़ी और प्रभावी कार्रवाई को अंजाम दिया है. एनसीबी की विशेष टीम ने रांची और जमशेदपुर में ताबड़तोड़ छापेमारी करते हुए कथित ड्रग्स सिंडिकेट से जुड़े कुल छह आरोपियों को गिरफ्तार किया है. गिरफ्तार किए गए इन आरोपियों में इस पूरे सिंडिकेट का मास्टरमाइंड जिम्मी और एक युवती भी शामिल है, जिस पर मुख्य रूप से ड्रग्स पैडलर के तौर पर काम करने का गंभीर आरोप है. शुरुआती जाँच में यह हैरान करने वाला खुलासा हुआ है कि इस अवैध नेटवर्क को सुचारू रूप से चलाने के लिए थाईलैंड, ब्रिटेन और अमेरिका जैसे देशों के अंतरराष्ट्रीय मोबाइल नंबरों का इस्तेमाल किया जा रहा था. NCB अब इस कथित सिंडिकेट के पूरे नेटवर्क, ड्रग्स की सप्लाई चेन और इसके विदेशी संपर्कों की बेहद गहराई से पड़ताल कर रही है, ताकि यह पता लगाया जा सके कि इस काले कारोबार में और कौन-कौन लोग शामिल हैं और प्रतिबंधित नशीले पदार्थों की सप्लाई किन-किन प्रमुख जगहों पर की जा रही थी.
📱 थाईलैंड, ब्रिटेन और अमेरिका के नंबरों का इस्तेमाल, अंतरराष्ट्रीय कनेक्शन की हो रही है जांच
जांच के दौरान NCB को तकनीकी साक्ष्यों से पता चला कि इस कथित सिंडिकेट के संचालन के लिए विदेशी और अंतरराष्ट्रीय मोबाइल नंबरों का बड़े पैमाने पर इस्तेमाल किया जा रहा था, जिनमें मुख्य रूप से थाईलैंड, ब्रिटेन और अमेरिका के नंबर शामिल बताए जा रहे हैं. अब केंद्रीय एजेंसी इन संदिग्ध नंबरों के जरिए किए गए सभी संपर्कों और कॉल्स की विस्तृत जानकारी जुटाने में पूरी मुस्तैदी से लगी हुई है. जाँच का एक सबसे अहम पहलू यह पता लगाना है कि आखिर इन विदेशी नंबरों का इस्तेमाल किन विशिष्ट लोगों से बातचीत करने और इस बड़े ड्रग्स कारोबार को संचालित करने के लिए किया जाता था. हालांकि, केवल विदेशी नंबरों के इस्तेमाल से ही किसी सीधे अंतरराष्ट्रीय नेटवर्क की संलिप्तता पूरी तरह साबित नहीं होती, इसलिए NCB इस पहलू की भी बारीकी से जाँच कर रही है कि इन संपर्कों के पीछे असली चेहरे किसके थे और उनका इस कथित सिंडिकेट से क्या सीधा संबंध था.
🏨 होटल और बार भी NCB की जांच के दायरे में, गिरफ्तार आरोपियों से लगातार पूछताछ जारी
NCB की इस ताबड़तोड़ जाँच में कुछ स्थानीय होटल और बार भी संदेह के घेरे में आए हैं, जहाँ कथित तौर पर प्रतिबंधित नशीले पदार्थों की अवैध सप्लाई किए जाने की गहरी आशंका जताई जा रही है. एजेंसी इन सभी संदिग्ध जगहों की भूमिका की एक-एक करके पड़ताल कर रही है और यह भी खंगाला जा रहा है कि सिंडिकेट से जुड़े मुख्य लोगों के अलावा और कौन-कौन लोग ग्राहक के तौर पर इस खतरनाक नेटवर्क के सीधे संपर्क में थे. NCB फिलहाल सभी गिरफ्तार आरोपियों को आमने-सामने बिठाकर लगातार पूछताछ कर रही है, ताकि इस पूरे नेटवर्क की कड़ियों को आपस में जोड़ा जा सके. एजेंसी का मुख्य उद्देश्य यह पता लगाना है कि आखिर ड्रग्स कहाँ से मंगाई जाती थी, इसकी डिलीवरी किन माध्यमों से होती थी और झारखंड की धरती पर इस अवैध कारोबार से जुड़े अन्य छिपे हुए लोग कौन-कौन हैं.
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