छत्तीसगढ़ के कांकेर जिले में चल रहे सेवा संकल्प अभियान के तहत ग्राम मोदे में एक भव्य जिला स्तरीय शिविर का आयोजन किया गया। इस शिविर में पहुंचे कलेक्टर कुंदन कुमार का ग्रामीणों ने पारंपरिक अंदाज में बाजे-गाजे और मांदरी नृत्य के साथ आत्मीय स्वागत किया। ग्रामीणों के इस उत्साह और छत्तीसगढ़ी संस्कृति की जीवंत झलक से कलेक्टर इतने प्रभावित हुए कि वे खुद को रोक नहीं पाए और नर्तक दल के बीच पहुंचकर उनके साथ कदम से कदम मिलाकर मांदरी नृत्य करने लगे, जिसे देखकर वहां मौजूद सभी लोग उत्साहित हो गए।
🎯 छत्तीसगढ़ी संस्कृति और फिटनेस की तारीफ, लापरवाह अधिकारियों को लगाई कड़ी फटकार
नृत्य के बाद कलेक्टर कुंदन कुमार ने छत्तीसगढ़ की संस्कृति और नर्तक दलों की फिटनेस की जमकर तारीफ की। हालांकि, शिविर के दूसरे पहलू में प्रशासनिक सख्ती भी देखने को मिली। कार्यों में लापरवाही और प्रगति संतोषजनक न मिलने पर कलेक्टर ने अधिकारियों को जमकर फटकार लगाई। इसके अलावा, शिविर में एक अधिकारी के गैर-हाजिर रहने और उनकी जगह हाउसकीपर को भेजने पर उन्होंने सख्त नाराजगी जताते हुए संबंधित अधिकारी को कारण बताओ नोटिस जारी करने के निर्देश दिए।
🩺 स्वास्थ्य शिविर में हुआ 732 लोगों का परीक्षण, बांटे गए निःशुल्क चश्मे
इस सेवा संकल्प शिविर की खास बात यह रही कि इसमें पहली बार विशेषज्ञ डॉक्टरों की टीम ने हिस्सा लिया, जहां लगभग 732 लोगों का स्वास्थ्य परीक्षण किया गया। इसके साथ ही 29 लोगों ने स्वैच्छिक रक्तदान किया और 120 जरूरतमंद हितग्राहियों को निःशुल्क चश्मे वितरित किए गए। कलेक्टर ने स्पष्ट किया कि इस अभियान का मुख्य उद्देश्य शासन की योजनाओं को सीधे ग्रामीण स्तर तक पहुंचाना और समस्याओं का त्वरित समाधान सुनिश्चित करना है।
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