कांकेर: उत्तर बस्तर कांकेर जिले के भानुप्रतापपुर से एक सनसनीखेज मामला सामने आया है, जहाँ पत्रकार अभिषेक ठाकुर को अज्ञात व्यक्ति द्वारा जान से मारने की धमकी दी गई है। अज्ञात आरोपी ने पत्रकार के घर के आंगन में लाल स्याही से कंप्यूटरीकृत शब्दों में लिखा हुआ एक धमकी भरा पत्र फेंका है। इस पत्र में साफ तौर पर पत्रकारिता बंद न करने पर जान से खत्म करने की धमकी दी गई है। इस गंभीर घटना के सामने आने के बाद से पत्रकार और उनका पूरा परिवार काफी भयभीत है। इस मामले को लेकर भानुप्रतापपुर पत्रकार संघ ने थाना प्रभारी को औपचारिक ज्ञापन सौंपकर पूरे मामले की निष्पक्ष जाँच करने और आरोपी के खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई करने की पुरजोर मांग की है। प्राप्त जानकारी के अनुसार, 15 अक्टूबर की रात करीब 12 बजे से 16 अक्टूबर की सुबह 5 बजे के बीच किसी अज्ञात व्यक्ति ने पत्रकार अभिषेक सिंह ठाकुर के घर के सुनसान आंगन में यह धमकी भरा पत्र फेंका। इस पत्र में बेहद अभद्र भाषा का इस्तेमाल करते हुए पत्रकारिता का काम तुरंत बंद करने की चेतावनी दी गई है। साथ ही, ऐसा न करने पर जान से मारने और पहचान तक मिटा देने जैसी गंभीर धमकियाँ दी गई हैं। पीड़ित पत्रकार ने भानुप्रतापपुर थाने में लिखित आवेदन देकर इसकी आधिकारिक शिकायत दर्ज कराई है। उन्होंने पुलिस को बताया कि वे अपने समाचार ग्रुप के माध्यम से हमेशा निर्भीक और निष्पक्ष होकर खबरें प्रकाशित करते हैं, और उन्हें पूरी आशंका है कि इसी वजह से उन्हें व्यक्तिगत रूप से निशाना बनाया जा रहा है। इस घटना के बाद से उन्हें और उनके परिवार को अपनी सुरक्षा की गहरी चिंता सता रही है, और उन्होंने भविष्य में जान का बड़ा खतरा होने की आशंका जताई है। एक पत्रकार को इस तरह खुलेआम धमकी दिए जाने की घटना पर भानुप्रतापपुर के पत्रकार संघ ने गहरी चिंता व्यक्त की है। संघ के सदस्यों ने थाना प्रभारी को ज्ञापन सौंपकर मामले की गहराई से जाँच करने, धमकी भरा पत्र भेजने वाले शख्स की जल्द से जल्द पहचान करने और उसके खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई करने की माँग की है। पत्रकार संघ का कहना है कि इस तरह की कायरतापूर्ण घटनाएँ लोकतंत्र के चौथे स्तंभ यानी स्वतंत्र और निर्भीक पत्रकारिता पर सीधा हमला हैं, और पत्रकारों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए पुलिस प्रशासन को त्वरित कदम उठाने की जरूरत है। वहीं, भानुप्रतापपुर थाना पुलिस ने पीड़ित की शिकायत के आधार पर संबंधित धाराओं में मामला दर्ज कर अपनी जाँच शुरू कर दी है। अब इस धमकी भरे पत्र के पीछे असल में किसका हाथ है, इसका खुलासा पुलिस की गहन जाँच के बाद ही सामने आ सकेगा।
✉️ घर के आंगन में मिला धमकी भरा पर्चा, पुलिस में दर्ज कराई गई शिकायत
✊ पत्रकार संघ ने जताई कड़ी चिंता, पुलिस ने शुरू की मामले की जाँच

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कांकेर: उत्तर बस्तर कांकेर जिले के भानुप्रतापपुर से एक सनसनीखेज मामला सामने आया है, जहाँ पत्रकार अभिषेक ठाकुर को अज्ञात व्यक्ति द्वारा जान से मारने की धमकी दी गई है। अज्ञात आरोपी ने पत्रकार के घर के आंगन में लाल स्याही से कंप्यूटरीकृत शब्दों में लिखा हुआ एक धमकी भरा पत्र फेंका है। इस पत्र में साफ तौर पर पत्रकारिता बंद न करने पर जान से खत्म करने की धमकी दी गई है। इस गंभीर घटना के सामने आने के बाद से पत्रकार और उनका पूरा परिवार काफी भयभीत है। इस मामले को लेकर भानुप्रतापपुर पत्रकार संघ ने थाना प्रभारी को औपचारिक ज्ञापन सौंपकर पूरे मामले की निष्पक्ष जाँच करने और आरोपी के खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई करने की पुरजोर मांग की है।
✉️ घर के आंगन में मिला धमकी भरा पर्चा, पुलिस में दर्ज कराई गई शिकायत
प्राप्त जानकारी के अनुसार, 15 अक्टूबर की रात करीब 12 बजे से 16 अक्टूबर की सुबह 5 बजे के बीच किसी अज्ञात व्यक्ति ने पत्रकार अभिषेक सिंह ठाकुर के घर के सुनसान आंगन में यह धमकी भरा पत्र फेंका। इस पत्र में बेहद अभद्र भाषा का इस्तेमाल करते हुए पत्रकारिता का काम तुरंत बंद करने की चेतावनी दी गई है। साथ ही, ऐसा न करने पर जान से मारने और पहचान तक मिटा देने जैसी गंभीर धमकियाँ दी गई हैं।
पीड़ित पत्रकार ने भानुप्रतापपुर थाने में लिखित आवेदन देकर इसकी आधिकारिक शिकायत दर्ज कराई है। उन्होंने पुलिस को बताया कि वे अपने समाचार ग्रुप के माध्यम से हमेशा निर्भीक और निष्पक्ष होकर खबरें प्रकाशित करते हैं, और उन्हें पूरी आशंका है कि इसी वजह से उन्हें व्यक्तिगत रूप से निशाना बनाया जा रहा है। इस घटना के बाद से उन्हें और उनके परिवार को अपनी सुरक्षा की गहरी चिंता सता रही है, और उन्होंने भविष्य में जान का बड़ा खतरा होने की आशंका जताई है।
✊ पत्रकार संघ ने जताई कड़ी चिंता, पुलिस ने शुरू की मामले की जाँच
एक पत्रकार को इस तरह खुलेआम धमकी दिए जाने की घटना पर भानुप्रतापपुर के पत्रकार संघ ने गहरी चिंता व्यक्त की है। संघ के सदस्यों ने थाना प्रभारी को ज्ञापन सौंपकर मामले की गहराई से जाँच करने, धमकी भरा पत्र भेजने वाले शख्स की जल्द से जल्द पहचान करने और उसके खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई करने की माँग की है।
पत्रकार संघ का कहना है कि इस तरह की कायरतापूर्ण घटनाएँ लोकतंत्र के चौथे स्तंभ यानी स्वतंत्र और निर्भीक पत्रकारिता पर सीधा हमला हैं, और पत्रकारों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए पुलिस प्रशासन को त्वरित कदम उठाने की जरूरत है। वहीं, भानुप्रतापपुर थाना पुलिस ने पीड़ित की शिकायत के आधार पर संबंधित धाराओं में मामला दर्ज कर अपनी जाँच शुरू कर दी है। अब इस धमकी भरे पत्र के पीछे असल में किसका हाथ है, इसका खुलासा पुलिस की गहन जाँच के बाद ही सामने आ सकेगा।



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