खंडवा | शिक्षा एवं स्थानीय समाचार
आगामी शिक्षा सत्र को ध्यान में रखते हुए खंडवा जिले में कक्षा नर्सरी से 12वीं तक के विद्यार्थियों के लिए पांच दिवसीय ‘पुस्तक मेला’ आयोजित किया जा रहा है। कलेक्टर ऋषव गुप्ता के निर्देश पर यह विशेष मेला 26 से 30 मार्च तक जिमखाना ग्राउंड के पास, सूरजकुंड स्थित पीएम श्री शासकीय कन्या उच्चतर माध्यमिक विद्यालय परिसर में लगाया जाएगा।
📚 एक ही जगह पर मिलेंगी सभी किताबें, नहीं लगाने होंगे चक्कर
मंगलवार को जिला पंचायत सभाकक्ष में आयोजित एक महत्वपूर्ण बैठक में जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी (CEO) डॉ. नागार्जुन बी. गौड़ा ने पुस्तक विक्रेताओं के साथ मेले की तैयारियों की गहन समीक्षा की। उन्होंने स्पष्ट निर्देश दिए कि मेले में आने वाले विद्यार्थियों और उनके अभिभावकों को उचित मूल्य तथा भारी रियायती दरों पर पाठ्यपुस्तकें और शिक्षण सामग्री उपलब्ध कराई जाए।
डॉ. गौड़ा ने कहा कि मेले में ही विद्यार्थियों को सभी विषयों की किताबों के सेट एक साथ उपलब्ध कराए जाएं, ताकि उन्हें अलग-अलग दुकानों के चक्कर न लगाने पड़ें। उन्होंने विक्रेताओं को सख्त हिदायत दी कि वे विद्यार्थियों को अपनी बाजार स्थित दुकानों पर आने के लिए बिल्कुल प्रेरित न करें, बल्कि पूरी व्यवस्था मेले के स्टॉल पर ही सुनिश्चित करें।
🏷️ बुक स्टॉल पर डिस्काउंट का बैनर लगाना होगा अनिवार्य
सीईओ ने निर्देशित किया कि मेले में सभी बुक स्टॉल पर उपलब्ध पुस्तकों और उन पर दिए जा रहे डिस्काउंट को स्पष्ट रूप से बैनर के माध्यम से प्रदर्शित किया जाए। इसके साथ ही, स्टॉल पर किन-किन स्कूलों की पुस्तकें उपलब्ध हैं, इसकी पूरी जानकारी भी फ्लेक्स या ड्राइंग शीट पर लिखकर लगाई जाए।
उन्होंने यह भी सुनिश्चित करने को कहा कि कॉपियों पर मिलने वाले डिस्काउंट की जानकारी भी सार्वजनिक रूप से प्रदर्शित की जाए। प्रत्येक स्कूल व कक्षा की पुस्तक सूची काउंटर पर अनिवार्य रूप से उपलब्ध रहे, ताकि अभिभावकों और विद्यार्थियों को किसी भी प्रकार की परेशानी या भ्रम का सामना न करना पड़े।
⏰ बुक स्टॉल के लिए तय की गई टाइमिंग, विवाद से बचने की हिदायत
डॉ. गौड़ा ने मेले के सुचारू और सफल संचालन के लिए सभी बुक स्टॉल निर्धारित समय पर खोलने और बंद करने के कड़े निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा कि मेले के दौरान किसी भी प्रकार का विवाद उत्पन्न न हो, इसका सभी विक्रेता विशेष ध्यान रखें। किसी भी समस्या या असमंजस की स्थिति में पुस्तक विक्रेता सीधे जिला शिक्षा अधिकारी से संपर्क कर उसका त्वरित समाधान कर सकते हैं।


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