खंडवा | पर्यावरण एवं प्रादेशिक समाचार
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के निर्देशानुसार पूरे प्रदेश में चलाए जा रहे “जल गंगा संवर्धन अभियान” के अंतर्गत जिले के पुनासा विकासखंड के ग्राम अटूटखास में मंगलवार को एक विशेष और प्रेरणादायक कार्यक्रम का आयोजन किया गया। यहां कावेरी नदी के तट पर “जल चौपाल” लगाई गई, जिसमें ग्रामीणों ने बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया।
🌊 कावेरी नदी के घाटों की सफाई के लिए ग्रामीणों ने किया श्रमदान
जन अभियान परिषद के जिला समन्वयक जगदीश पटेल ने जानकारी देते हुए बताया कि इस महत्वपूर्ण कार्यक्रम में जल गंगा संवर्धन अभियान के तहत अटूटखास के जागरूक ग्रामीणों ने एकजुट होकर कावेरी नदी के घाटों की सफाई के लिए श्रमदान किया। ग्रामीणों ने अपने हाथों से घाटों को स्वच्छ कर जल संरक्षण का एक उत्कृष्ट उदाहरण पेश किया।
💧 जल स्रोतों का पुनर्जीवन और संरक्षण आज की सबसे बड़ी जरूरत
इस अवसर पर जन अभियान परिषद के विकासखंड समन्वयक मोहन जाट ने चौपाल में उपस्थित ग्रामीणों को संबोधित करते हुए कहा कि जल स्रोतों का पुनर्जीवन और उनका संरक्षण आज के समय की सबसे बड़ी आवश्यकता है। यदि हम आज जल को नहीं सहेजेंगे, तो भविष्य में गंभीर जल संकट का सामना करना पड़ सकता है।
🌧️ सोख्ता गड्ढों के निर्माण पर बनी सहमति, ली गई जल संरक्षण की शपथ
कार्यक्रम में सभी ग्रामीणों ने आपसी चर्चा कर जल स्रोतों की नियमित साफ-सफाई करने और गांव में ‘सोख्ता गड्ढों’ के निर्माण के संबंध में अपनी पूर्ण सहमति व्यक्त की। इसका मुख्य उद्देश्य यह है कि वर्षा का अमूल्य जल व्यर्थ न बहे, बल्कि यह वर्षा जल जमीन के भीतर जाकर भूजल स्तर की वृद्धि में सहायक सिद्ध हो। कार्यक्रम के अंत में विकासखंड समन्वयक मोहन जाट ने उपस्थित विशाल जनसमूह को जल संरक्षण और संवर्धन की भावपूर्ण शपथ भी दिलाई।
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