कोडरमा के नवलशाही थाना क्षेत्र में एक बंद पड़े पत्थर की खदान से नरेश ठाकुर की निर्मम हत्या का एक सनसनीखेज मामला सामने आया है. इस बहुचर्चित हत्याकांड का खुलासा करते हुए पुलिस ने मृतक की पत्नी किरण देवी और उसके प्रेमी सुनील ठाकुर को गिरफ्तार कर लिया है. इस घटना के बाद से इलाके में सनसनी फैल गई है और हर कोई हैरान है कि किस तरह अपनों ने ही एक शख्स की जिंदगी छीन ली.
💉 इलाज के बहाने क्लीनिक बुलाकर लगाया कीटनाशक का इंजेक्शन, बोरे में बंद कर खदान में फेंका शव
मिली जानकारी के मुताबिक, गत 10 अक्टूबर को चौपारण के रहने वाले नरेश ठाकुर कोलकाता जाने के लिए अपने घर से निकले थे, लेकिन रास्ते में उनकी तबीयत खराब हो गई. आरोपी सुनील ठाकुर, जो कि एक झोलाछाप डॉक्टर होने के साथ-साथ नरेश का दोस्त भी था, ने इलाज के बहाने नरेश को अपने क्लीनिक पर बुला लिया. वहाँ उसने धोखे से नरेश को कीटनाशक से भरा जहरीला इंजेक्शन लगाकर उसकी हत्या कर दी. हत्या की इस घिनौनी वारदात को अंजाम देने के बाद सुनील ने शव को अपने ही क्लीनिक में एक बोरे में बंद करके छिपा दिया, और मौका मिलते ही उस शव को ले जाकर एक बंद पड़े पत्थर की खदान के पास फेंक दिया.
🔍 गुमशुदगी की झूठी रिपोर्ट दर्ज करवाकर रची थी साजिश, एसपी ने किया सनसनीखेज खुलासों का पर्दाफाश
हत्या के इस मामले में पुलिस को गुमराह करने के लिए 17 अक्टूबर को शव बरामद होने से पहले मृतक की पत्नी किरण देवी ने चौपारण थाने में नरेश की गुमशुदगी की झूठी रिपोर्ट दर्ज करा दी थी. हालांकि, जब पुलिस ने खदान से शव बरामद कर तकनीकी और वैज्ञानिक तरीके से छानबीन शुरू की, तो हत्या की परतें एक-एक कर खुलने लगीं. कोडरमा के एसपी कुमार शिवशीष ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर पूरी कहानी का खुलासा करते हुए बताया कि अवैध प्रेम प्रसंग के चलते किरण देवी और उसके प्रेमी सुनील ठाकुर ने इस हत्या को अंजाम दिया था. आरोपियों की योजना हत्या के बाद आपस में शादी करने की थी, क्योंकि सुनील और किरण के बीच साल 2019 से अवैध संबंध चल रहे थे. वारदात को अंजाम देने के बाद आरोपियों ने मृतक का मोबाइल फोन और पर्स दो अलग-अलग स्थानों पर फेंक दिया था, जिसे पुलिस ने अपनी गिरफ्त में लेकर बरामद कर लिया है.
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