लवली प्रोफेशनल यूनिवर्सिटी (LPU) हिंसा मामले में एक नया और बड़ा अपडेट सामने आया है। पुलिस जांच में यह बात सामने आई है कि सोशल मीडिया पर यौन उत्पीड़न को लेकर झूठी पोस्ट या अफवाह फैलाने वाले व्यक्ति की पहचान कर ली गई है। हालांकि, पूछताछ के दौरान उस व्यक्ति ने जांचकर्ताओं को बताया कि उसने यह बात केवल दूसरे लोगों से सुनी थी। प्रशासन की ओर से अदालत में पेश की गई जानकारी के मुताबिक, अब तक की गई जांच में यौन उत्पीड़न की पुष्टि नहीं हुई है, और मामले की गहनता से जांच अभी भी जारी है। हालांकि, सार्वजनिक की गई जानकारी में अभी तक यह आधिकारिक रूप से स्पष्ट नहीं हुआ है कि सबसे पहले यह सनसनीखेज अफवाह किसने फैलाई थी।
🏫 क्या था पूरा मामला और कैसे भड़की थी हिंसा?
घटना की शुरुआत 26 सितंबर को हुई थी, जब लवली प्रोफेशनल यूनिवर्सिटी (LPU) के गर्ल्स हॉस्टल में छात्रा से दुष्कर्म की सूचना मिलने के बाद छात्रों ने विश्वविद्यालय परिसर में विरोध प्रदर्शन शुरू कर दिया था। देखते ही देखते यह प्रदर्शन इतना उग्र हो गया कि छात्रों ने भड़क कर नेशनल हाईवे-44 को पूरी तरह जाम कर दिया। इस दौरान हाईवे पर भारी हंगामा हुआ और आगजनी, तोड़फोड़ तथा लूटपाट जैसी घटनाएं भी सामने आईं।
⚖️ पुलिस कार्रवाई और गिरफ्तारियां
इस पूरे उपद्रव और हिंसा के मामले में पुलिस ने सख्त कार्रवाई करते हुए 89 युवकों को नामजद किया है। पुलिस प्रशासन ने त्वरित कार्रवाई करते हुए अब तक कुल 17 लोगों को गिरफ्तार कर लिया है। गिरफ्तार किए गए आरोपियों में लवली प्रोफेशनल यूनिवर्सिटी के 15 छात्र और 2 बाहरी व्यक्ति शामिल हैं। पुलिस अन्य उपद्रवियों की पहचान करने और स्थिति पर पूरी तरह नियंत्रण बनाए रखने के लिए लगातार जांच कर रही है।
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