लुधियाना में नगर निगम के सफाई कर्मचारियों ने अपनी विभिन्न लंबित मांगों को लेकर बुधवार को जोरदार विरोध प्रदर्शन किया. संघर्ष कमेटी के नेतृत्व में बड़ी संख्या में पहुंचे कर्मचारियों ने स्थानीय विधायक अशोक पराशर के घर का घेराव किया और सरकार विरोधी नारे लगाए. कर्मचारियों का आरोप है कि सरकार उनकी समस्याओं के समाधान को लेकर गंभीर नहीं है.
📋 2. हड़ताल खत्म करवाने वाले आदेश अब तक नहीं हुए लागू, पक्का करने और वेतन बढ़ाने की है मुख्य मांग
कर्मचारियों का कहना है कि सरकार ने पहले उनकी हड़ताल खत्म करवाने के लिए जो आदेश और आश्वासन जारी किए थे, उन्हें अभी तक जमीन पर लागू नहीं किया गया है. यूनियन की प्रमुख मांग है कि कच्चे कर्मचारियों को तुरंत पक्का किया जाए और उनका वेतन बढ़ाया जाए. कर्मचारियों ने सरकार पर वादाखिलाफी का गंभीर आरोप लगाते हुए आंदोलन तेज करने की चेतावनी दी है.
🚛 3. डोर-टू-डोर कूड़ा उठान का काम निजी कंपनी को सौंपने का भी विरोध, यूनियनों ने खोला मोर्चा
इस मामले को लेकर नगर निगम के जोन-ए में विभिन्न यूनियनों की तरफ से लगातार प्रदर्शन किए जा रहे हैं. कर्मचारी केवल अपनी नौकरी से जुड़े मुद्दों तक सीमित नहीं हैं, बल्कि वे कूड़े की डोर-टू-डोर लिफ्टिंग का काम किसी निजी कंपनी को दिए जाने का भी कड़ा विरोध कर रहे हैं, जिससे उन्हें रोजगार छिनने का डर सता रहा है.
⚠️ 4. 18 सितंबर से दोबारा हड़ताल की चेतावनी, शहर में फिर से लग सकते हैं कूड़े के ढेर
कर्मचारियों ने चेतावनी दी है कि अगर उनकी सभी मांगें जल्द नहीं मानी गईं, तो वे 18 सितंबर से दोबारा अनिश्चितकालीन हड़ताल पर चले जाएंगे. हड़ताल होने की स्थिति में शहर में कूड़े की डोर-टू-डोर लिफ्टिंग का काम पूरी तरह प्रभावित होने की आशंका है. इससे पहले भी कर्मचारियों की लंबी हड़ताल के कारण लुधियाना शहर में जगह-जगह कूड़े के बड़े ढेर लग गए थे.
यह खबर आपको कैसी लगी?


पंजाब




























