लखनऊ (उत्तर प्रदेश): राजधानी लखनऊ में मंगलवार को हुई मूसलाधार बारिश के बाद नगर निगम और सड़क निर्माण एजेंसियों की पोल खुल गई। शहर के व्यस्ततम आईटी चौराहे के निकट मुख्य मार्ग पर अचानक सड़क का एक बड़ा हिस्सा धंस गया, जिससे वहां करीब 7 से 10 फीट गहरा गड्ढा बन गया।
यह खतरनाक गड्ढा पूर्व उप-मुख्यमंत्री डॉ. दिनेश शर्मा के आवास से महज कुछ ही कदमों की दूरी पर बना है। सड़क धंसने के ठीक उसी समय वहां से गुजर रहा एक बाइक सवार असंतुलित होकर सीधे गहरे गड्ढे में जा गिरा। इस हादसे में युवक गंभीर रूप से घायल हो गया, जिसे स्थानीय नागरिकों की तत्परता से बाहर निकालकर अस्पताल में भर्ती कराया गया है।
🌊 दो घंटे की मूसलाधार बारिश से जलभराव: सड़कों पर अचानक बने जानलेवा गड्ढे
बारिश का प्रभाव और घटना का विवरण:
दो घंटे की झमाझम बारिश: मंगलवार दोपहर से लेकर शाम तक शहर में लगातार भारी बारिश हुई, जिसके बाद प्रमुख मार्गों और कॉलोनियों में गंभीर जलभराव की स्थिति उत्पन्न हो गई।
अचानक धंसा सड़क का हिस्सा: पानी के तेज दबाव और कमजोर बुनियाद के चलते आईटी चौराहे के पास मुख्य सड़क का डामर सहित बड़ा हिस्सा अचानक नीचे बैठ गया।
गंभीर हादसा: गड्ढे में जलभराव और अचानक सड़क धंसने के कारण सामने से आ रहा बाइक सवार इसे देख नहीं सका और बाइक सहित गहरे गड्ढे में समा गया।
राहत कार्य और पुलिस की कार्रवाई:👥 स्थानीय नागरिकों ने दिखाई तत्परता: घायल युवक को निकाला बाहर
मदद के लिए दौड़े लोग: घटना घटते ही आसपास मौजूद दुकानदारों और राहगीरों ने बिना समय गंवाए रेस्क्यू शुरू किया और कड़ी मशक्कत के बाद घायल युवक व उसकी बाइक को गड्ढे से बाहर निकाला।
अस्पताल में भर्ती: गंभीर चोटों के चलते घायल युवक को तुरंत निकटवर्ती अस्पताल भेजा गया, जहां उसका प्राथमिक उपचार जारी है।
पुलिस ने की बैरिकेडिंग: सूचना मिलते ही पुलिस बल मौके पर पहुंचा और किसी अन्य दुर्घटना को रोकने के लिए गड्ढे के चारों ओर बैरिकेडिंग लगाकर उस लेन के यातायात को डायवर्ट किया।
प्रशासनिक लापरवाही पर उठे सवाल:⚠️ वीआईपी इलाके में सुरक्षा पर सवाल: समय रहते क्यों नहीं हुई बैरिकेडिंग?
व्यस्त वीआईपी मार्ग: जिस मार्ग पर यह हादसा हुआ, वह शहर की सबसे प्रमुख और व्यस्त वीआईपी सड़कों में गिनी जाती है, जहां से दिन-रात वीआईपी मूवमेंट और भारी ट्रैफिक गुजरता है।
जनता का आक्रोश: स्थानीय नागरिकों ने सवाल उठाया कि जब सड़क धंस रही थी, तब समय रहते वहां चेतावनी बोर्ड या बैरिकेडिंग क्यों नहीं लगाई गई? हादसे के बाद प्रशासन का जागना व्यवस्था की घोर लापरवाही को दर्शाता है।
सड़क गुणवत्ता और ड्रेनेज व्यवस्था पर संकट:🕳️ शहर में 3 जगहों पर धंसी सड़कें: नगर निगम से तत्काल मरम्मत की मांग
तीन स्थानों पर कटाव: भारी बारिश के चलते शहर में कम से कम तीन अलग-अलग स्थानों पर सड़कें धंसने और बड़े गड्ढे बनने की शिकायतें सामने आई हैं।
जांच और मरम्मत की मांग: नागरिकों का कहना है कि जब पूर्व डिप्टी सीएम के आवास के पास वीआईपी इलाके का यह हाल है, तो सामान्य बस्तियों की स्थिति और भी बदतर होगी। लोगों ने नगर निगम और लोक निर्माण विभाग से तत्काल शहर की सभी सड़कों का तकनीकी सर्वे कराने और गड्ढों को युद्धस्तर पर भरने की मांग की है।
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