उज्जैन (मध्य प्रदेश): मध्य प्रदेश के उज्जैन जिले अंतर्गत महिदपुर रोड रेलवे स्टेशन के समीप रविवार को एक भयानक रेल हादसा होते-होते बाल-बाल टल गया।
यहाँ रतलाम से कोटा की ओर जा रही मेमू (MEMU) पैसेंजर ट्रेन के इंजन के ऊपर अचानक 25 हजार केवी (25,000 KV) क्षमता वाली हाई-वोल्टेज ओवरहेड (OHE) बिजली की लाइन टूटकर आ गिरी। हाई-वोल्टेज तार गिरते ही ट्रेन के इंजन में शॉर्ट सर्किट हुआ और भीषण आग की लपटें उठने लगीं, जिससे पूरी ट्रेन में हाई-वोल्टेज करंट फैलने का अत्यंत गंभीर खतरा पैदा हो गया।
🔥 इंजन में आग और धुएं का गुबार देख मची चीख-पुकार, सूझबूझ से कूदकर यात्रियों ने बचाई जान
इंजन से अचानक धुआं और भयानक आग की लपटें निकलती देख ट्रेन में सवार यात्रियों के बीच हड़कंप और चीख-पुकार मच गई।
हालांकि, खतरे को भांपते हुए और अत्यधिक समझदारी का परिचय देते हुए कई यात्री अपनी जान बचाने के लिए धीमी पड़ती ट्रेन से नीचे कूद गए। यात्रियों की किस्मत अच्छी रही कि गति के कारण ट्रेन आगे निकल गई और टूटा हुआ हाई-वोल्टेज तार पीछे छूट गया, जिससे करंट पूरी बोगियों में नहीं फैल सका और एक बहुत बड़ी त्रासदी होने से बच गई। सूचना मिलते ही दमकल विभाग (Fire Brigade) की गाड़ियों ने मौके पर पहुंचकर आग पर काबू पाया।
⚡ हाई-वोल्टेज तार गिरने से हुआ शॉर्ट सर्किट, रेलवे टीम और आरपीएफ ने तुरंत संभाली कमान
घटनाक्रम के अनुसार, रतलाम-कोटा मेमू पैसेंजर ट्रेन जैसे ही महिदपुर रोड रेलवे स्टेशन के पास पहुंची, तभी ओवरहेड इलेक्ट्रिक लाइन अचानक भरभराकर नीचे आ गिरी।
घटना की सूचना प्राप्त होते ही रेलवे के वरिष्ठ अधिकारी, रेलवे सुरक्षा बल (RPF) और दमकल की टीमें तत्काल मौके पर पहुंचीं। अधिकारियों ने तुरंत कार्रवाई करते हुए विद्युत आपूर्ति (OHE Power Supply) को बंद करवाया और अग्निशामक तंत्र की मदद से आग बुझाने का काम शुरू किया। थोड़ी ही देर में आग पर पूरी तरह नियंत्रण पा लिया गया। राहत की बात यह रही कि इस पूरे घटनाक्रम में कोई भी यात्री हताहत नहीं हुआ है।
🚆 रेल यातायात हुआ प्रभावित, हावड़ा-गांधीधाम एक्सप्रेस समेत कई ट्रेनें रोकी गईं
इस आपातकालीन घटना के कारण संबंधित रेल खंड पर ट्रेन संचालन कुछ समय के लिए पूरी तरह बाधित हो गया।
सुरक्षा के दृष्टिकोण से हावड़ा-गांधीधाम एक्सप्रेस तथा बांद्रा की ओर जाने वाली कुछ प्रमुख ट्रेनों को नजदीकी स्टेशनों पर ही रोक दिया गया। घटना के तुरंत बाद रेलवे के तकनीकी कर्मचारियों और इंजीनियरों की टीम ने टूटी हुई ओवरहेड लाइन की मरम्मत का कार्य युद्धस्तर पर शुरू कर दिया। लाइन दुरुस्त होने के बाद अब इस मार्ग पर रेल यातायात धीरे-धीरे सामान्य हो रहा है।
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