मलेशिया में रोजगार दिलाने के नाम पर भारतीय नागरिकों के साथ धोखाधड़ी के मामले लगातार सामने आ रहे हैं, जिसके बाद कुआलालंपुर स्थित भारतीय उच्चायोग ने एक गंभीर चेतावनी जारी की है. कई फर्जी एजेंट भारतीयों को लुभावने जॉब ऑफर देकर मलेशिया ले जा रहे हैं, जहां पहुंचने के बाद ये लोग ओवरस्टे, अवैध इमिग्रेशन स्टेटस, मानसिक शोषण, हिरासत और अन्य कानूनी मुश्किलों में फंस जाते हैं. उच्चायोग ने साफ कर दिया है कि बिना वैध वर्क परमिट के मलेशिया की यात्रा बिल्कुल न करें.
✈️ 2. 30 दिन की वीजा-फ्री सुविधा का हो रहा है दुरुपयोग, टूरिस्ट वीजा पर काम करने वाले कई युवक हिरासत में
भारतीय उच्चायोग के अनुसार, 30 दिन की वीजा-फ्री एंट्री का फायदा उठाकर रोजगार तलाशने के लिए मलेशिया पहुंचने वाले भारतीयों की संख्या बढ़ी है. हालांकि, मलेशिया का यह वीजा-फ्री प्रावधान केवल पर्यटन, व्यवसाय या सामाजिक यात्राओं के लिए है, न कि नौकरी के लिए. हाल ही में आंध्र प्रदेश के श्रीकाकुलम के चार युवक भी टूरिस्ट वीजा पर मलेशिया जाकर वहां काम करने के आरोप में अधिकारियों की हिरासत में आ गए हैं, जिनके परिवारों ने एजेंट पर गंभीर आरोप लगाए हैं.
📋 3. मलेशिया जाने वाले पर्यटकों के लिए जरूरी नियम और उच्चायोग की खास सलाह
मलेशियाई सरकार ने भारतीय पासपोर्ट धारकों के लिए 30 दिन तक वीजा-फ्री प्रवेश की सुविधा 31 दिसंबर 2026 तक बढ़ा रखी है, लेकिन इसके तहत यात्रियों के पास कम से कम 6 महीने वैध पासपोर्ट, कन्फर्म रिटर्न टिकट, होटल बुकिंग और यात्रा से 3 दिन पहले भरा गया ‘Malaysia Digital Arrival Card’ होना अनिवार्य है. उच्चायोग ने नागरिकों से अपील की है कि वे किसी भी ऐसे एजेंट के झांसे में न आएं जो टूरिस्ट या वीजा-फ्री एंट्री के जरिए विदेश में नौकरी दिलाने का झूठा दावा करता है.
यह खबर आपको कैसी लगी?


देश




























