बकरीद से पहले पश्चिम बंगाल सरकार ने बड़ा आदेश जारी किया है. सरकार ने जानवरों को काटने (पशु वध) को लेकर नए नियम जारी किए हैं. यह फैसला हाई कोर्ट के आदेश को ध्यान में रखकर लिया गया है. अब खुले में या किसी भी सार्वजनिक जगहों पर जानवरों को काटने की पूरी तरह मनाही है. जानवरों को काटने को लेकर सरकार ने और भी कई नई और सख्त शर्तें लागू की हैं ताकि कानून व्यवस्था और स्वच्छता बनी रहे.
📜 पशु वध के लिए अनिवार्य होंगे ये नियम और प्रमाण पत्र
सरकार ने कुर्बानी और पशु वध को लेकर निम्नलिखित सख्त शर्तें लागू की हैं:
गाय, भैंस, बैल और बछड़ों की बलि देने के लिए एक खास प्रमाण पत्र (सर्टिफिकेट) होना अनिवार्य है.
पशु का वध करने से पहले नगरपालिका/पंचायत समिति के अध्यक्ष और सरकारी पशु डॉक्टर दोनों से मिलकर बना एक संयुक्त सर्टिफिकेट लेना होगा.
अगर कोई अधिकारी आपको यह सर्टिफिकेट देने से मना करता है, तो आप 15 दिनों के अंदर राज्य सरकार से इसकी शिकायत कर सकते हैं.
सड़क किनारे या किसी भी सार्वजनिक (पब्लिक) जगह पर पशुओं को मारना पूरी तरह मना है. वध सिर्फ सरकार द्वारा मान्यता प्राप्त बूचड़खानों में ही किया जा सकता है.
सरकार ने स्पष्ट किया है कि इन नियमों का उल्लंघन करके किसी जानवर को मारने पर कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाएगी. दोषी पाए जाने पर 6 महीने तक की जेल, 1000 रुपये तक का जुर्माना या फिर जेल और जुर्माना दोनों एक साथ भुगतने पड़ सकते हैं. प्रशासन को निर्देश दिए गए हैं कि इन नियमों का जमीनी स्तर पर कड़ाई से पालन सुनिश्चित किया जाए.🚨 नियमों का उल्लंघन करने पर होगी जेल और भारी जुर्माना
🏢 मुख्यमंत्री बनने के बाद शुभेंदु अधिकारी के ताबड़तोड़ फैसले
मुख्यमंत्री पद की शपथ लेने के बाद शुभेंदु अधिकारी ने कई बड़े फैसले लिए हैं. ममता सरकार के पूर्व मंत्री सुजीत बोस को ED ने गिरफ्तार किया है. वहीं, 1 जून से बंगाल में ‘अन्नपूर्णा योजना’ की शुरुआत होगी. सीएम ने साफ कहा है कि बंगाल में अब ‘कटमनी’ और ‘तोलेबाजी’ की संस्कृति नहीं चलेगी. भ्रष्टाचार रोकने के लिए सरकार हर महीने जिलाधिकारियों और विधायकों की एकसाथ बैठक कराएगी ताकि विकास कार्यों में पारदर्शिता रहे.
🔍 चंद्रनाथ रथ मर्डर केस की CBI जांच और नई प्रशासनिक व्यवस्था
चंद्रनाथ रथ मर्डर केस की जांच के लिए सरकार ने CBI जांच की सिफारिश कर दी है. बता दें कि बंगाल में पहली बार बीजेपी की सरकार बनी है. शुभेंदु अधिकारी ने 9 मई को सीएम पद की शपथ ली थी और उनके साथ 5 अन्य विधायकों ने भी मंत्री पद की शपथ ली थी. नई सरकार आने के बाद से ही प्रशासन में बड़े फेरबदल और भ्रष्टाचार के खिलाफ कड़े एक्शन देखे जा रहे हैं.
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