नॉर्थ कोरिया ने अधिकारियों की रिटायरमेंट की उम्र बढ़ा दी है. इस बदलाव के बाद पुरुषों के लिए 63 और महिलाओं के लिए 58 वर्ष की आयु तय की गई है. नॉर्थ कोरिया ने देश में बढ़ती वृद्ध जनसंख्या को देखते हुए इस बड़े बदलाव का फैसला लिया है. इस फैसले का मुख्य उद्देश्य जनसंख्या के परिवर्तनों को कंट्रोल करना है. किम इल सुंग यूनिवर्सिटी के एक जर्नल के मुताबिक, साल 2024 के संशोधित श्रम कानून में यह प्रावधान किया गया है कि राज्य पेंशन लाभ के पात्र कार्यालय कर्मचारियों के लिए अब सेवानिवृत्ति की आयु बढ़ा दी गई है.
📜 साल 1978 के श्रम कानून में संशोधन: केवल ऑफिस स्टाफ पर लागू होंगे नियम
देश में साल 1978 के श्रम कानून के अनुसार, अधिकारियों की रिटायरमेंट की आयु पुरुषों के लिए 60 और महिलाओं के लिए 55 तय की गई थी. इस संशोधन के स्टैंडर्ड को केवल कार्यालय कर्मचारियों (Office Workers) के लिए बदला गया है. वहीं शारीरिक श्रम करने वाले कर्मचारियों और किसानों की रिटायरमेंट की उम्र में कोई बदलाव नहीं आएंगे. योनहाप न्यूज एजेंसी के मुताबिक, ये संशोधन सितंबर 2024 में नॉर्थ कोरिया की विधानसभा की स्थायी समिति द्वारा अपनाया गया था.
👴 बुजुर्ग होती आबादी और पेंशन प्रणाली: एक स्वाभाविक कदम
किम इल सुंग यूनिवर्सिटी के जर्नल में कहा गया है कि इस संशोधन से पेंशन प्रणाली और बौद्धिक श्रम में हो रहे बदलाव नजर आएंगे. ऐसी परिस्थितियों में जहां जनसंख्या का एक बड़ा वर्ग वृद्ध हो रहा है और जीवन प्रत्याशा बढ़ रही है, वहां पेंशन की उम्र बढ़ाना एक स्वाभाविक कदम है. नॉर्थ कोरिया में जन्म दर काफी कम है, जिसके मुकाबले बुजुर्गों की संख्या में तेजी से वृद्धि हो रही है. इस कदम से अनुभवी कार्यबल को अधिक समय तक सिस्टम में बनाए रखने में मदद मिलेगी.
📊 जनसंख्या के आंकड़े: नॉर्थ कोरिया में ‘एजिंग सोसाइटी’ का खतरा
साउथ कोरिया के सांख्यिकी और आंकड़ा मंत्रालय की रिपोर्ट के अनुसार, उत्तर कोरिया की कुल 25.87 मिलियन जनसंख्या में से 11.4 प्रतिशत हिस्सा 65 साल की उम्र पार कर चुका है, जो इसे ‘वृद्ध समाज’ की श्रेणी में लाता है. वहीं, देश का प्रजनन दर साल 2024 में 1.60 प्रतिशत दर्ज किया गया है, जो कि जनसंख्या प्रतिस्थापन दर 2.1 प्रतिशत से काफी कम है. इन्हीं चुनौतियों से निपटने के लिए किम जोंग उन प्रशासन ने श्रम कानूनों में यह ऐतिहासिक बदलाव किया है.
⚙️ संशोधित श्रम कानून 2024: क्या होंगे इसके प्रभाव?
विशेषज्ञों का मानना है कि रिटायरमेंट उम्र बढ़ाने से सरकारी खजाने पर पेंशन का बोझ तुरंत नहीं बढ़ेगा और अनुभवी अधिकारियों की कमी को भी पूरा किया जा सकेगा. हालांकि, यह नियम केवल बौद्धिक श्रम से जुड़े कार्यालय कर्मचारियों तक सीमित रखा गया है ताकि कृषि और औद्योगिक उत्पादन पर शारीरिक थकान का असर न पड़े. आने वाले समय में नॉर्थ कोरिया मतदान की उम्र और काम करने की अन्य सीमाओं में भी बदलाव कर सकता है.
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