नूंह जिले के तावडू उपमंडल के अंतर्गत आने वाले गांव सेहसोला में निर्माणाधीन ऑर्बिटल रेल कॉरिडोर की टनल में शनिवार देर रात एक बार फिर जमीन धंसने की बड़ी घटना सामने आई है। लगभग 300 मीटर के दायरे में अचानक जमीन धंसने से आसपास के क्षेत्र में लंबी-लंबी दरारें पड़ गई हैं। इस घटना की वजह से एक निर्माणाधीन सरकारी भवन और एक मकान को भारी नुकसान पहुंचने की खबर है, जबकि आसपास के तीन-चार अन्य मकानों में भी दरारें आ गई हैं। बार-बार इस तरह जमीन धंसने की घटनाओं से ग्रामीणों में भारी दहशत का माहौल है और अब इस प्रोजेक्ट के निर्माण कार्य में सुरक्षा इंतजामों की गुणवत्ता पर गंभीर सवाल खड़े होने लगे हैं।
ग्रामीणों के मुताबिक, शनिवार रात करीब 10 बजे खेतों में मौजूद बच्चों ने अचानक एक जोरदार तेज आवाज सुनी। इसके कुछ ही पलों बाद जमीन में लंबी दरारें पड़ने लगीं और मिट्टी तेजी से नीचे धंसती चली गई। ग्रामीणों का यह भी दावा है कि करीब एक एकड़ जमीन टनल के अंदर समा गई। घटना की सूचना मिलते ही बड़ी संख्या में ग्रामीण मौके पर जमा हो गए।
⚠️ महज पांच दिन पहले भी धंसा था टनल का हिस्सा
ग्रामीणों ने रोष जताते हुए बताया कि इस बड़ी घटना से महज पांच दिन पहले भी इसी टनल का लगभग 20 मीटर हिस्सा धंस गया था। इसके बावजूद दोबारा जमीन धंसने की घटना सामने आने से निर्माण कार्य की पोल खुल रही है।
ग्रामीणों ने निर्माण एजेंसी और कंपनी पर भारी लापरवाही के आरोप लगाए हैं तथा पूरे मामले की उच्चस्तरीय जांच कराने और जिम्मेदारी तय करने की मांग की है।
लोगों ने आशंका जताई है कि जिस समय यह हादसा हुआ, शायद उस वक्त टनल के भीतर मजदूर काम कर रहे हों, ऐसे में उनके मलबे में फंसे होने की आशंका से भी इनकार नहीं किया जा सकता। हालांकि, प्रशासनिक तौर पर टनल के अंदर किसी मजदूर के फंसे होने या किसी के हताहत होने की अभी तक कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है।
घटना की सूचना मिलते ही स्थानीय पुलिस तुरंत मौके पर पहुंच गई। एहतियात के तौर पर घटनास्थल के आसपास पुलिस बल तैनात कर दिया गया है और ग्रामीणों को तथा राहगीरों को प्रभावित क्षेत्र से दूर रहने की सख्त हिदायत दी जा रही है। प्रशासन और संबंधित अधिकारी लगातार स्थिति पर नजर बनाए हुए हैं।👮♂️ पुलिस बल तैनात और टनल का तकनीकी विवरण
एचआरआईडीसी (HRIDC) के अधिकारी नरेंद्र चुंबल ने इस संबंध में जानकारी देते हुए बताया कि अरावली क्षेत्र में कुल 4.7 किलोमीटर लंबी टनल का निर्माण किया जा रहा है। इसमें से 2.3 किलोमीटर हिस्से में एनएटीएम (NATM – न्यू ऑस्ट्रियन टनलिंग मेथड) तकनीक के जरिए काम चल रहा था। उन्होंने बताया कि इस परियोजना का निर्माण रेल विकास निगम द्वारा कराया जा रहा है। टनल के बाकी अन्य हिस्सों का काम लगभग पूरा हो चुका था और केवल अंतिम चरण का कार्य ही शेष बचा था, इसी दौरान यह दुर्भाग्यपूर्ण हादसा हो गया। अब देखना यह है कि प्रशासन इस मामले में क्या कदम उठाता है।
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