सिरसा (हरियाणा): पंजाब सीमा से सटे डबवाली उपमंडल के गांव देसूजोधा में पिछले 10 दिनों से दूषित पेयजल की आपूर्ति के कारण परिस्थितियां अत्यंत बेकाबू हो चुकी हैं। गांव में गंदे और बदबूदार पानी के सेवन से बीमारियां तेजी से फैल गई हैं, जिसके परिणामस्वरूप बच्चों और युवाओं समेत 30 से अधिक मरीज गंभीर अवस्था में विभिन्न अस्पतालों में उपचाराधीन हैं। ग्रामीणों का आरोप है कि हाल ही में बिछाई गई नई पेयजल पाइपलाइन में बरती गई तकनीकी अनियमितताओं के कारण घरों के नलों में लगातार गंदा, बदबूदार और चिकना पानी आ रहा है।
🏥 उल्टी, पेट दर्द और बुखार से हड़कंप; बठिंडा, सिरसा व लुधियाना तक मरीज रेफर
डबवाली के देसूजोधा गांव में दूषित जलापूर्ति के सेवन से ग्रामीणों में उल्टी, पेट दर्द और तेज बुखार के लक्षण दिखाई दे रहे हैं।
मरीजों को प्रारंभ में निकटवर्ती प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों तथा पंजाब के बठिंडा व रामा मंडी के निजी चिकित्सालयों में भर्ती कराना पड़ा है। गांव के प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र (PHC) में समुचित उपचार सुविधाओं के अभाव के कारण कई गंभीर मरीजों को सिरसा जिला अस्पताल एवं लुधियाना रेफर किया गया है। फुल्लो रोड स्थित आवासीय क्षेत्र इस पेयजल संकट से सर्वाधिक प्रभावित है।
📊 423 घरों में स्वास्थ्य विभाग का सर्वे, 3000 क्लोरीन गोलियां वितरित
हालातों पर नियंत्रण पाने हेतु स्वास्थ्य विभाग की विशेष टीमों ने देसूजोधा गांव में व्यापक सर्वे अभियान प्रारंभ किया है।
विभाग की टीम ने अब तक 423 घरों का घर-घर जाकर सर्वे किया है और जल शोधन हेतु 3000 से अधिक क्लोरीन की गोलियां बांटी हैं। इस दौरान 67 मरीजों का ओपीडी (OPD) स्तर पर उपचार किया गया, जबकि 15 मरीज विभिन्न निजी अस्पतालों में दाखिल पाए गए। राहत की बात यह है कि संदिग्ध मरीजों की प्राथमिक हेपेटाइटिस ‘B’ और ‘C’ जांच रिपोर्ट नेगेटिव आई है।
🔬 पानी व 40 बच्चों के सैंपल लैब भेजे गए, 48 घंटे बाद आएगी आधिकारिक जांच रिपोर्ट
स्वास्थ्य विभाग के नोडल अधिकारी डॉ. अभिजीत गर्ग ने जानकारी देते हुए बताया कि गांव में पीलिया (Jaundice) फैलने की शिकायत पर त्वरित कार्रवाई की गई है।
यद्यपि अभी तक आधिकारिक रूप से पीलिया की पुष्टि नहीं हुई है, फिर भी स्वास्थ्य विभाग ने विशेष मेडिकल कैंप लगाकर 40 बच्चों के रक्त नमूने (ब्लड सैंपल) एकत्र किए हैं। दूषित जलापूर्ति के स्रोत से पानी के सैंपल भी जांच हेतु प्रयोगशाला (लैब) भेजे गए हैं, जिनकी 48 घंटे में आने वाली रिपोर्ट से ही जल में उपस्थित विषाक्त तत्वों का सटीक पता चल सकेगा।
💧 जनस्वास्थ्य विभाग को दिए गए स्वच्छ जलापूर्ति के निर्देश, ग्रामीणों से पानी उबालकर पीने की अपील
प्रशासनिक अधिकारियों ने वर्षा ऋतु के दृष्टिगत जनस्वास्थ्य अभियांत्रिकी विभाग (Public Health Department) को गांव में तत्काल प्रभाव से स्वच्छ व विशुद्ध पेयजल आपूर्ति सुनिश्चित करने के कड़े निर्देश जारी किए हैं।
नोडल अधिकारी ने आमजन से अपील की है कि वे एहतियात के तौर पर अपने घरों में पानी को भली-भांति उबालकर ठंडा करने के पश्चात ही सेवन करें। उन्होंने स्पष्ट किया कि दूषित पानी के सेवन से ही पीलिया और आंत्रशोथ (Gastroenteritis) जैसे लक्षण उभरते हैं, अतः रिपोर्ट आने तक पूर्ण सावधानी बरतना अत्यंत आवश्यक है।
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