नारायणपुर/कांकेर/बीजापुर/धमतरी/सुकमा: देशभर में 21 अक्टूबर को पुलिस स्मृति दिवस मनाया जाता है, और इसी कड़ी में छत्तीसगढ़ के भी अलग-अलग जिलों में आज अपने प्राणों का सर्वोच्च बलिदान देने वाले वीर जवानों को भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की गई, साथ ही उनके परिजनों के प्रति गहरा सम्मान व्यक्त किया गया. नारायणपुर के रक्षित केंद्र स्थित शहीद स्मारक प्रांगण में एक भव्य श्रद्धांजलि कार्यक्रम आयोजित किया गया, जिसमें पुलिस अधीक्षक संदीप कुमार पटेल और कलेक्टर नम्रता जैन सहित पुलिस विभाग के तमाम अधिकारी, जनप्रतिनिधि, स्थानीय नागरिक और शहीद जवानों के परिजनों ने बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया. कार्यक्रम का सबसे भावनात्मक पहलू शहीद जवानों के परिजनों के प्रति संवेदना प्रकट करना रहा, जहाँ श्रद्धांजलि अर्पित करने के बाद अधिकारियों ने शहीद परिवारों के सदस्यों को शॉल एवं श्रीफल भेंट कर सम्मानित किया और उनकी समस्याओं के निराकरण के लिए उचित कार्रवाई का पूरा आश्वासन दिया. राष्ट्रीय पुलिस स्मृति दिवस के अवसर पर कांकेर के पुलिस अधीक्षक कार्यालय में भी शहीद स्मृति परेड एवं श्रद्धांजलि समारोह का आयोजन किया गया, जिसमें विधायक आशाराम नेताम, पुलिस अधीक्षक निखिल राखेचा और अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक योगेश कुमार साहू सहित कई गणमान्य नागरिक मौजूद रहे. जवानों ने विशेष शोक परेड आयोजित कर शहीदों को शस्त्र झुकाकर सलामी दी, और एसपी निखिल राखेचा ने 1 सितंबर 2025 से 31 अगस्त 2026 के बीच देश की सुरक्षा में शहीद हुए 154 पुलिसकर्मियों के नामों का सम्मानपूर्वक वाचन किया. इसी प्रकार बीजापुर में भी विशेष पहल के तहत न केवल शहीद स्मारक पर पुष्प अर्पित किए गए, बल्कि उन विद्यालयों में भी शहीदों को याद किया गया जहाँ उन्होंने अपनी शुरुआती शिक्षा ग्रहण की थी. इस अवधि में पूरे देश में 154 जवानों ने प्राण न्योछावर किए, जिनमें छत्तीसगढ़ के 6 जवान शामिल हैं, तथा बीजापुर में नक्सली मुठभेड़ में शहीद हुए प्रधान आरक्षक बड़दी मोहन और आरक्षक दुकारू राम गोंदे को भी विशेष रूप से नमन किया गया. राज्य के अन्य जिलों जैसे धमतरी के रक्षित केंद्र रूद्री में एसपी भावना पांडेय की मौजूदगी में शोक शस्त्र के साथ शहीद परेड निकाली गई, वहीं सुकमा पुलिस लाइन में पुलिस अधीक्षक मयंक गुर्जर ने गार्ड ऑफ ऑनर के साथ शहीदों को सलामी देते हुए कहा कि वीर पुलिसकर्मियों का बलिदान समाज के लिए सर्वोच्च प्रेरणा है. दंतेवाड़ा के कारली स्थित सशस्त्र बल मुख्यालय में आयोजित समारोह के दौरान शहीद परिवारों के सदस्य अपने प्रियजनों को याद कर भावुक हो गए, जहाँ डीआईजी अभिषेक मीणा और एसपी चंद्रमोहन सिंह ने उन्हें नमन किया. इसके अलावा जशपुर रक्षित केंद्र में भी विशेष कार्यक्रम आयोजित कर जिले के 56 शहीद परिवारों को आमंत्रित कर सम्मानित किया गया, और डीआईजी सह वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक डॉ. लाल उमेद सिंह ने कहा कि जशपुर पुलिस हर परिस्थिति में इन परिवारों के साथ सदैव खड़ी है.🛡️ कांकेर में 154 शहीदों के नामों का हुआ वाचन, बीजापुर में पूर्व स्कूलों में भी याद किए गए वीर सपूत
🏛️ धमतरी, सुकमा, दंतेवाड़ा और जशपुर में भी आयोजित हुए कार्यक्रम, शहीद परिजनों के आंसू और सम्मान का दिखा माहौल
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नारायणपुर/कांकेर/बीजापुर/धमतरी/सुकमा: देशभर में 21 अक्टूबर को पुलिस स्मृति दिवस मनाया जाता है, और इसी कड़ी में छत्तीसगढ़ के भी अलग-अलग जिलों में आज अपने प्राणों का सर्वोच्च बलिदान देने वाले वीर जवानों को भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की गई, साथ ही उनके परिजनों के प्रति गहरा सम्मान व्यक्त किया गया. नारायणपुर के रक्षित केंद्र स्थित शहीद स्मारक प्रांगण में एक भव्य श्रद्धांजलि कार्यक्रम आयोजित किया गया, जिसमें पुलिस अधीक्षक संदीप कुमार पटेल और कलेक्टर नम्रता जैन सहित पुलिस विभाग के तमाम अधिकारी, जनप्रतिनिधि, स्थानीय नागरिक और शहीद जवानों के परिजनों ने बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया. कार्यक्रम का सबसे भावनात्मक पहलू शहीद जवानों के परिजनों के प्रति संवेदना प्रकट करना रहा, जहाँ श्रद्धांजलि अर्पित करने के बाद अधिकारियों ने शहीद परिवारों के सदस्यों को शॉल एवं श्रीफल भेंट कर सम्मानित किया और उनकी समस्याओं के निराकरण के लिए उचित कार्रवाई का पूरा आश्वासन दिया.
🛡️ कांकेर में 154 शहीदों के नामों का हुआ वाचन, बीजापुर में पूर्व स्कूलों में भी याद किए गए वीर सपूत
राष्ट्रीय पुलिस स्मृति दिवस के अवसर पर कांकेर के पुलिस अधीक्षक कार्यालय में भी शहीद स्मृति परेड एवं श्रद्धांजलि समारोह का आयोजन किया गया, जिसमें विधायक आशाराम नेताम, पुलिस अधीक्षक निखिल राखेचा और अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक योगेश कुमार साहू सहित कई गणमान्य नागरिक मौजूद रहे. जवानों ने विशेष शोक परेड आयोजित कर शहीदों को शस्त्र झुकाकर सलामी दी, और एसपी निखिल राखेचा ने 1 सितंबर 2025 से 31 अगस्त 2026 के बीच देश की सुरक्षा में शहीद हुए 154 पुलिसकर्मियों के नामों का सम्मानपूर्वक वाचन किया. इसी प्रकार बीजापुर में भी विशेष पहल के तहत न केवल शहीद स्मारक पर पुष्प अर्पित किए गए, बल्कि उन विद्यालयों में भी शहीदों को याद किया गया जहाँ उन्होंने अपनी शुरुआती शिक्षा ग्रहण की थी. इस अवधि में पूरे देश में 154 जवानों ने प्राण न्योछावर किए, जिनमें छत्तीसगढ़ के 6 जवान शामिल हैं, तथा बीजापुर में नक्सली मुठभेड़ में शहीद हुए प्रधान आरक्षक बड़दी मोहन और आरक्षक दुकारू राम गोंदे को भी विशेष रूप से नमन किया गया.
🏛️ धमतरी, सुकमा, दंतेवाड़ा और जशपुर में भी आयोजित हुए कार्यक्रम, शहीद परिजनों के आंसू और सम्मान का दिखा माहौल
राज्य के अन्य जिलों जैसे धमतरी के रक्षित केंद्र रूद्री में एसपी भावना पांडेय की मौजूदगी में शोक शस्त्र के साथ शहीद परेड निकाली गई, वहीं सुकमा पुलिस लाइन में पुलिस अधीक्षक मयंक गुर्जर ने गार्ड ऑफ ऑनर के साथ शहीदों को सलामी देते हुए कहा कि वीर पुलिसकर्मियों का बलिदान समाज के लिए सर्वोच्च प्रेरणा है. दंतेवाड़ा के कारली स्थित सशस्त्र बल मुख्यालय में आयोजित समारोह के दौरान शहीद परिवारों के सदस्य अपने प्रियजनों को याद कर भावुक हो गए, जहाँ डीआईजी अभिषेक मीणा और एसपी चंद्रमोहन सिंह ने उन्हें नमन किया. इसके अलावा जशपुर रक्षित केंद्र में भी विशेष कार्यक्रम आयोजित कर जिले के 56 शहीद परिवारों को आमंत्रित कर सम्मानित किया गया, और डीआईजी सह वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक डॉ. लाल उमेद सिंह ने कहा कि जशपुर पुलिस हर परिस्थिति में इन परिवारों के साथ सदैव खड़ी है.


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