रायबरेली (उत्तर प्रदेश): जनपद के बछरावां थाना क्षेत्र अंतर्गत खैरहनी गांव में ग्राम प्रधान के बेटे की पीट-पीटकर की गई निर्मम हत्या के मामले में पुलिस ने बड़ा खुलासा किया है।
पुलिस ने त्वरित कानूनी कार्रवाई करते हुए हत्याकांड में संलिप्त मृतक की कथित शादीशुदा प्रेमिका, उसके पति और देवर को गिरफ्तार कर न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया है। पुलिस जांच में यह तथ्य उजागर हुआ है कि प्रेमिका ने ही सुनियोजित षड्यंत्र के तहत फोन कॉल करके प्रेमी रमाकांत को मिलने के बहाने अपने गांव बुलाया था, जिसके बाद इस खौफनाक वारदात को अंजाम दिया गया।
📞 मिलने के बहाने गांव बुलाया: हरचंदपुर के छतैया गांव का रहने वाला था मृतक रमाकांत
घटनाक्रम और प्रेम प्रसंग की पृष्ठभूमि:
मृतक की पहचान: मृतक युवक की शिनाख्त हरचंदपुर थाना क्षेत्र के छतैया गांव निवासी रमाकांत के रूप में हुई है, जो स्थानीय ग्राम प्रधान का पुत्र था।
प्रेम संबंध का मामला: जांच के अनुसार, रमाकांत का खैरहनी गांव की निवासी सोनी नामक विवाहित महिला के साथ काफी समय से प्रेम प्रसंग चल रहा था।
साजिश के तहत बुलावा: आरोप है कि षणयंत्र के अनुसार सोनी ने रमाकांत को अपने मोबाइल से संपर्क कर खैरहनी गांव बुलाया ताकि उसे रंगे हाथों पकड़ा जा सके।
हमले की बर्बरता और वायरल साक्ष्य:🪵 लाठी-डंडों से बेरहमी से की गई पिटाई: सोशल मीडिया पर मारपीट का वीडियो भी हुआ वायरल
गांव पहुंचते ही हमला: रमाकांत जैसे ही मिलने के लिए बताए गए स्थान पर पहुंचा, सोनी ने अपने पति सुरेंद्र और देवर वीरेंद्र के साथ मिलकर उस पर अचानक हमला बोल दिया।
गंभीर चोटों से तोड़ा दम: तीनों ने मिलकर रमाकांत पर लाठी-डंडों से ताबड़तोड़ वार किए और उसकी बेरहमी से पिटाई की। गंभीर रूप से लहूलुहान होने के कारण उसकी हालत नाजुक हो गई और उसने दम तोड़ दिया।
वायरल वीडियो बना साक्ष्य: इस दिल दहला देने वाले घटनाक्रम का एक कथित वीडियो भी सोशल मीडिया पर तेजी से प्रसारित हुआ है, जिसमें मारपीट के दृश्य दिखाई दे रहे हैं। पुलिस ने इस वीडियो को अपने आधिकारिक साक्ष्य और जांच प्रक्रिया का हिस्सा बना लिया है।
कानूनी कार्रवाई और आगे की तफ्तीश:⚖️ तीनों नामजद आरोपी भेजे गए जेल: कड़ियों को जोड़ने में जुटी पुलिस
तीनों की गिरफ्तारी: पुलिस ने तत्परता दिखाते हुए मुख्य आरोपी महिला सोनी, उसके पति सुरेंद्र और देवर वीरेंद्र को हिरासत में लेकर कड़ी पूछताछ की और जुर्म स्वीकार करने के बाद तीनों को विधिवत गिरफ्तार कर लिया।
न्यायालय से जेल रवाना: आवश्यक विधिक और चिकित्सीय प्रक्रियाएं पूर्ण करने के उपरांत तीनों आरोपियों को सक्षम न्यायालय में प्रस्तुत किया गया, जहां से अदालत के आदेश पर उन्हें जिला कारागार (जेल) भेज दिया गया है।
साक्ष्यों का संकलन: पुलिस प्रशासन का कहना है कि हत्याकांड की कड़ियों, फॉरेंसिक सबूतों और वायरल वीडियो की डिजिटल जांच कराई जा रही है ताकि फास्ट ट्रैक कोर्ट के जरिए दोषियों को कड़ी सजा दिलाई जा सके।
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