रांची: राजधानी रांची के मोरहाबादी इलाके में स्थित सिदो-कान्हू पार्क शहरवासियों के लिए सुकून, मनोरंजन और प्राकृतिक हरियाली का प्रमुख केंद्र बन चुका है। प्रतिदिन परिवार, बच्चे, बुजुर्ग और मॉर्निंग वॉकर्स बड़ी संख्या में मानसिक शांति और व्यायाम के लिए यहां पहुंचते हैं। इसी कड़ी में पार्क की वर्तमान व्यवस्थाओं, सुरक्षा, साफ-सफाई और झारखंड सरकार द्वारा तय मानकों की जमीनी हकीकत जानने के लिए एक विस्तृत ग्राउंड रियलिटी चेक किया गया, ताकि आम जनता को मिलने वाली सुविधाओं का सही आकलन हो सके। रियलिटी चेक के दौरान मुख्य रूप से पार्क की सुरक्षा व्यवस्था, लाइटिंग सिस्टम, पेयजल सुविधा, बच्चों के खेल उपकरण, पार्किंग व्यवस्था और वहां आने वाले आम लोगों की संतुष्टि का जायजा लिया गया। इसके साथ ही टीम द्वारा यह भी बारीकी से देखा गया कि सरकार और संबंधित वन विभाग द्वारा तय की गई एसओपी (SOP) का धरातल पर कितना पालन हो रहा है और रखरखाव की स्थिति कैसी है। समय सीमा की बात करें तो सिदो-कान्हू पार्क सुबह 05:00 बजे से शाम 06:00 बजे तक आम लोगों के लिए खुला रहता है, जबकि प्रत्येक मंगलवार को यह पार्क रख-रखाव के उद्देश्य से बंद रहता है। मॉर्निंग वॉक के लिए सुबह 05:00 बजे से 07:00 बजे तक आने वाले स्थानीय लोगों के लिए प्रवेश पूरी तरह से नि:शुल्क रखा गया है। वहीं सामान्य समय में वयस्कों (Adults) के लिए 15 रुपए और 3 से 12 वर्ष तक के बच्चों के लिए 10 रुपए प्रवेश शुल्क निर्धारित है। तीन वर्ष से कम उम्र के बच्चों और दिव्यांगों के लिए पार्क में प्रवेश हमेशा मुफ्त रहता है। पार्क के अंदर प्रवेश करते ही चारों तरफ फैली सघन हरियाली, रंग-बिरंगे फव्वारे और साफ-सुथरा वातावरण लोगों को अपनी ओर आकर्षित करता है। बच्चों के मनोरंजन के लिए झूले, स्लाइडर, मैरी-गो-राउंड और एक अलग सुरक्षित प्ले जोन की मुकम्मल व्यवस्था की गई है। पार्क के अंदर पटरियों पर चलने वाली टॉय ट्रेन बच्चों के आकर्षण का मुख्य केंद्र बनी हुई है, जिसके आनंद के लिए प्रति बच्चा लगभग 20 रुपये का अतिरिक्त टिकट लेना पड़ता है। वहीं युवाओं और बुजुर्गों की सेहत को ध्यान में रखते हुए ओपन जिम, स्ट्रेचिंग एरिया और एक्यूप्रेशर पाथ बनाए गए हैं। पार्क में बने वॉकिंग ट्रैक पर सुबह और शाम लोगों की अच्छी-खासी भीड़ देखने को मिलती है। कई आगंतुकों ने बताया कि यहां का शुद्ध वातावरण स्वास्थ्य और मानसिक शांति के लिए काफी बेहतर है। पेयजल सुविधा की बात करें तो पार्क परिसर में शुद्ध आरओ (RO) पानी की उत्तम व्यवस्था उपलब्ध है। इसके अलावा साफ-सुथरे वॉशरूम और चलने-फिरने में असमर्थ लोगों के लिए व्हीलचेयर जैसी मानवीय सुविधाएं भी मुख्य द्वार पर मौजूद हैं। पार्क में आए लोगों ने बताया कि पहले की तुलना में अब शौचालयों की संख्या बढ़ाई गई है और नियमित सफाई होती है, जिससे दूर-दराज से आने वाले आगंतुकों को काफी सुविधा मिल रही है। सुरक्षा व्यवस्था को लेकर भी अधिकांश लोग प्रशासन के इंतजामों से संतुष्ट दिखे। पार्क के चारों ओर एक ऊंची और पक्की चारदीवारी बनाई गई है और मुख्य रास्तों पर सुरक्षा गार्ड तैनात रहते हैं। शाम के समय पार्क के भीतर पर्याप्त लाइटिंग व्यवस्था देखने को मिली। महिलाओं और सपरिवार आने वाले लोगों का कहना है कि बेहतर रोशनी और चौकस सुरक्षा व्यवस्था के कारण वे यहां खुद को पूरी तरह सुरक्षित महसूस करते हैं। हालांकि कुछ जागरूक नागरिकों ने भीड़भाड़ वाले वीकेंड (शनिवार-रविवार) के समय अतिरिक्त मानवीय निगरानी और परिसर में सीसीटीवी (CCTV) कैमरों की संख्या और बढ़ाने की मांग की। आम लोगों से बातचीत में पार्क के प्रबंधन को लेकर काफी सकारात्मक प्रतिक्रिया देखने को मिली। लोगों ने एक सुर में कहा कि यह रांची के सबसे बेहतर और किफायती पार्कों में से एक है, जहां बहुत कम शुल्क में उच्च स्तरीय सुविधाएं मिल जाती हैं। कई परिवारों ने बताया कि बच्चों के लिए सुरक्षित खेल क्षेत्र, बुजुर्गों के लिए बैठने की अलग शांत व्यवस्था और चारों तरफ फैला प्राकृतिक वातावरण इसे राजधानी के अन्य पार्कों से जुदा और खास बनाता है। सिदो-कान्हू पार्क के प्रशासनिक संचालन की जिम्मेदारी झारखंड सरकार के वन, पर्यावरण एवं जलवायु परिवर्तन विभाग के अंतर्गत आने वाली ‘झारखंड उद्यान समिति’ यानी झारपार्क्स (JharParks) द्वारा की जाती है। लगभग 8.9 एकड़ के विशाल भूभाग में फैले इस ऐतिहासिक पार्क को वर्ष 2005 में पहली बार आम जनता के लिए आधिकारिक रूप से खोला गया था। तब से लेकर आज तक इसकी लोकप्रियता लगातार बढ़ती ही जा रही है। यह सुंदर पार्क भारत के महान आदिवासी वीर स्वतंत्रता सेनानी सिदो और कान्हू मुर्मू की पावन स्मृति और उनके सम्मान में विकसित किया गया है। फिलहाल हमारी इस ग्राउंड रिपोर्ट में सिदो-कान्हू पार्क साफ-सफाई, हरियाली, सुरक्षा और सुखद पारिवारिक माहौल के लिहाज से बेहद शानदार और अव्वल नजर आया। हालांकि, स्थानीय प्रबुद्ध लोगों का मानना है कि दिन-प्रतिदिन बढ़ती जा रही भीड़ को देखते हुए सुरक्षा निगरानी और नागरिक सुविधाओं में लगातार अपग्रेडेशन और सुधार जरूरी है, ताकि राजधानी का यह गौरवशाली पार्क आने वाले समय में देश के बेहतरीन पार्कों की सूची में शामिल हो सके।🔍 व्यवस्थाओं का लिया गया जायजा: पार्क की सुरक्षा व्यवस्था, लाइटिंग सिस्टम और सरकारी एसओपी (SOP) की हुई जांच
⏱️ सुबह 5 से शाम 6 बजे तक खुलेगा पार्क: मॉर्निंग वॉकर्स के लिए एंट्री पूरी तरह फ्री, मंगलवार को रहेगा साप्ताहिक अवकाश
⛲ रंग-बिरंगे फव्वारे और टॉय ट्रेन का जादू: बच्चों के लिए स्पेशल प्ले जोन तो बुजुर्गों के लिए बनाया गया है एक्यूप्रेशर पाथ
🚰 शुद्ध पेयजल और व्हीलचेयर की व्यवस्था: पहले की तुलना में बढ़ाए गए वॉशरूम, दिव्यांगों के लिए विशेष इंतजाम
🛡️ पक्की चारदीवारी और सुरक्षा गार्ड्स मुस्तैद: पर्याप्त लाइटिंग से महिलाएं सुरक्षित, सीसीटीवी (CCTV) बढ़ाने की उठी मांग
💰 रांची का सबसे किफायती और सुंदर पार्क: कम खर्च में सपरिवार पिकनिक और मनोरंजन का बेहतरीन विकल्प
📋 ‘झारपार्क्स’ (JharParks) संभालता है संचालन: 8.9 एकड़ में फैला है परिसर, वर्ष 2005 में हुआ था उद्घाटन
🏹 अमर शहीद सिदो-कान्हू मुर्मू की पावन स्मृति: साफ-सफाई और पारिवारिक माहौल में अव्वल, निरंतर सुधार की जरूरत
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रांची: राजधानी रांची के मोरहाबादी इलाके में स्थित सिदो-कान्हू पार्क शहरवासियों के लिए सुकून, मनोरंजन और प्राकृतिक हरियाली का प्रमुख केंद्र बन चुका है। प्रतिदिन परिवार, बच्चे, बुजुर्ग और मॉर्निंग वॉकर्स बड़ी संख्या में मानसिक शांति और व्यायाम के लिए यहां पहुंचते हैं। इसी कड़ी में पार्क की वर्तमान व्यवस्थाओं, सुरक्षा, साफ-सफाई और झारखंड सरकार द्वारा तय मानकों की जमीनी हकीकत जानने के लिए एक विस्तृत ग्राउंड रियलिटी चेक किया गया, ताकि आम जनता को मिलने वाली सुविधाओं का सही आकलन हो सके।
🔍 व्यवस्थाओं का लिया गया जायजा: पार्क की सुरक्षा व्यवस्था, लाइटिंग सिस्टम और सरकारी एसओपी (SOP) की हुई जांच
रियलिटी चेक के दौरान मुख्य रूप से पार्क की सुरक्षा व्यवस्था, लाइटिंग सिस्टम, पेयजल सुविधा, बच्चों के खेल उपकरण, पार्किंग व्यवस्था और वहां आने वाले आम लोगों की संतुष्टि का जायजा लिया गया। इसके साथ ही टीम द्वारा यह भी बारीकी से देखा गया कि सरकार और संबंधित वन विभाग द्वारा तय की गई एसओपी (SOP) का धरातल पर कितना पालन हो रहा है और रखरखाव की स्थिति कैसी है।
⏱️ सुबह 5 से शाम 6 बजे तक खुलेगा पार्क: मॉर्निंग वॉकर्स के लिए एंट्री पूरी तरह फ्री, मंगलवार को रहेगा साप्ताहिक अवकाश
समय सीमा की बात करें तो सिदो-कान्हू पार्क सुबह 05:00 बजे से शाम 06:00 बजे तक आम लोगों के लिए खुला रहता है, जबकि प्रत्येक मंगलवार को यह पार्क रख-रखाव के उद्देश्य से बंद रहता है। मॉर्निंग वॉक के लिए सुबह 05:00 बजे से 07:00 बजे तक आने वाले स्थानीय लोगों के लिए प्रवेश पूरी तरह से नि:शुल्क रखा गया है। वहीं सामान्य समय में वयस्कों (Adults) के लिए 15 रुपए और 3 से 12 वर्ष तक के बच्चों के लिए 10 रुपए प्रवेश शुल्क निर्धारित है। तीन वर्ष से कम उम्र के बच्चों और दिव्यांगों के लिए पार्क में प्रवेश हमेशा मुफ्त रहता है।
⛲ रंग-बिरंगे फव्वारे और टॉय ट्रेन का जादू: बच्चों के लिए स्पेशल प्ले जोन तो बुजुर्गों के लिए बनाया गया है एक्यूप्रेशर पाथ
पार्क के अंदर प्रवेश करते ही चारों तरफ फैली सघन हरियाली, रंग-बिरंगे फव्वारे और साफ-सुथरा वातावरण लोगों को अपनी ओर आकर्षित करता है। बच्चों के मनोरंजन के लिए झूले, स्लाइडर, मैरी-गो-राउंड और एक अलग सुरक्षित प्ले जोन की मुकम्मल व्यवस्था की गई है। पार्क के अंदर पटरियों पर चलने वाली टॉय ट्रेन बच्चों के आकर्षण का मुख्य केंद्र बनी हुई है, जिसके आनंद के लिए प्रति बच्चा लगभग 20 रुपये का अतिरिक्त टिकट लेना पड़ता है। वहीं युवाओं और बुजुर्गों की सेहत को ध्यान में रखते हुए ओपन जिम, स्ट्रेचिंग एरिया और एक्यूप्रेशर पाथ बनाए गए हैं। पार्क में बने वॉकिंग ट्रैक पर सुबह और शाम लोगों की अच्छी-खासी भीड़ देखने को मिलती है। कई आगंतुकों ने बताया कि यहां का शुद्ध वातावरण स्वास्थ्य और मानसिक शांति के लिए काफी बेहतर है।
🚰 शुद्ध पेयजल और व्हीलचेयर की व्यवस्था: पहले की तुलना में बढ़ाए गए वॉशरूम, दिव्यांगों के लिए विशेष इंतजाम
पेयजल सुविधा की बात करें तो पार्क परिसर में शुद्ध आरओ (RO) पानी की उत्तम व्यवस्था उपलब्ध है। इसके अलावा साफ-सुथरे वॉशरूम और चलने-फिरने में असमर्थ लोगों के लिए व्हीलचेयर जैसी मानवीय सुविधाएं भी मुख्य द्वार पर मौजूद हैं। पार्क में आए लोगों ने बताया कि पहले की तुलना में अब शौचालयों की संख्या बढ़ाई गई है और नियमित सफाई होती है, जिससे दूर-दराज से आने वाले आगंतुकों को काफी सुविधा मिल रही है।
🛡️ पक्की चारदीवारी और सुरक्षा गार्ड्स मुस्तैद: पर्याप्त लाइटिंग से महिलाएं सुरक्षित, सीसीटीवी (CCTV) बढ़ाने की उठी मांग
सुरक्षा व्यवस्था को लेकर भी अधिकांश लोग प्रशासन के इंतजामों से संतुष्ट दिखे। पार्क के चारों ओर एक ऊंची और पक्की चारदीवारी बनाई गई है और मुख्य रास्तों पर सुरक्षा गार्ड तैनात रहते हैं। शाम के समय पार्क के भीतर पर्याप्त लाइटिंग व्यवस्था देखने को मिली। महिलाओं और सपरिवार आने वाले लोगों का कहना है कि बेहतर रोशनी और चौकस सुरक्षा व्यवस्था के कारण वे यहां खुद को पूरी तरह सुरक्षित महसूस करते हैं। हालांकि कुछ जागरूक नागरिकों ने भीड़भाड़ वाले वीकेंड (शनिवार-रविवार) के समय अतिरिक्त मानवीय निगरानी और परिसर में सीसीटीवी (CCTV) कैमरों की संख्या और बढ़ाने की मांग की।
💰 रांची का सबसे किफायती और सुंदर पार्क: कम खर्च में सपरिवार पिकनिक और मनोरंजन का बेहतरीन विकल्प
आम लोगों से बातचीत में पार्क के प्रबंधन को लेकर काफी सकारात्मक प्रतिक्रिया देखने को मिली। लोगों ने एक सुर में कहा कि यह रांची के सबसे बेहतर और किफायती पार्कों में से एक है, जहां बहुत कम शुल्क में उच्च स्तरीय सुविधाएं मिल जाती हैं। कई परिवारों ने बताया कि बच्चों के लिए सुरक्षित खेल क्षेत्र, बुजुर्गों के लिए बैठने की अलग शांत व्यवस्था और चारों तरफ फैला प्राकृतिक वातावरण इसे राजधानी के अन्य पार्कों से जुदा और खास बनाता है।
📋 ‘झारपार्क्स’ (JharParks) संभालता है संचालन: 8.9 एकड़ में फैला है परिसर, वर्ष 2005 में हुआ था उद्घाटन
सिदो-कान्हू पार्क के प्रशासनिक संचालन की जिम्मेदारी झारखंड सरकार के वन, पर्यावरण एवं जलवायु परिवर्तन विभाग के अंतर्गत आने वाली ‘झारखंड उद्यान समिति’ यानी झारपार्क्स (JharParks) द्वारा की जाती है। लगभग 8.9 एकड़ के विशाल भूभाग में फैले इस ऐतिहासिक पार्क को वर्ष 2005 में पहली बार आम जनता के लिए आधिकारिक रूप से खोला गया था। तब से लेकर आज तक इसकी लोकप्रियता लगातार बढ़ती ही जा रही है।
🏹 अमर शहीद सिदो-कान्हू मुर्मू की पावन स्मृति: साफ-सफाई और पारिवारिक माहौल में अव्वल, निरंतर सुधार की जरूरत
यह सुंदर पार्क भारत के महान आदिवासी वीर स्वतंत्रता सेनानी सिदो और कान्हू मुर्मू की पावन स्मृति और उनके सम्मान में विकसित किया गया है। फिलहाल हमारी इस ग्राउंड रिपोर्ट में सिदो-कान्हू पार्क साफ-सफाई, हरियाली, सुरक्षा और सुखद पारिवारिक माहौल के लिहाज से बेहद शानदार और अव्वल नजर आया। हालांकि, स्थानीय प्रबुद्ध लोगों का मानना है कि दिन-प्रतिदिन बढ़ती जा रही भीड़ को देखते हुए सुरक्षा निगरानी और नागरिक सुविधाओं में लगातार अपग्रेडेशन और सुधार जरूरी है, ताकि राजधानी का यह गौरवशाली पार्क आने वाले समय में देश के बेहतरीन पार्कों की सूची में शामिल हो सके।


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