भारतीय रेल में यात्रियों की सुरक्षा, रेलवे संपत्ति की रक्षा और सुरक्षित रेल परिचालन में अपनी अहम भूमिका निभाने वाले रेलवे सुरक्षा बल (RPF) का 42वां स्थापना दिवस समारोह आज रायपुर के रेलवे वर्कशॉप ग्राउंड में आयोजित किया जा रहा है। इस भव्य समारोह के दौरान आयोजित होने वाली परेड में आरपीएफ के अनुशासन, साहस, समर्पण और उत्कृष्ट परिचालन क्षमता का शानदार प्रदर्शन किया जाएगा। इसके साथ ही, आधुनिक सुरक्षा तकनीकों पर आधारित एक विशेष प्रदर्शनी के माध्यम से रेलवे सुरक्षा व्यवस्था को डिजिटल और तकनीकी रूप से सुदृढ़ बनाने की दिशा में उठाए गए कदमों को भी प्रदर्शित किया जाएगा।
🎖️ महानिदेशक सोनाली मिश्रा करेंगी शिरकत: विशिष्ट सेवाओं के लिए अधिकारी और जवान होंगे सम्मानित
इस प्रतिष्ठित आयोजन में आरपीएफ की महानिदेशक सोनाली मिश्रा मुख्य रूप से मौजूद रहेंगी। उनके साथ दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे के महाप्रबंधक तरुण प्रकाश, आरपीएफ के महानिरीक्षक मुनावर खुर्शीद तथा छत्तीसगढ़ प्रशासन एवं पुलिस के कई वरिष्ठ अधिकारी भी गरिमामयी उपस्थिति दर्ज कराएंगे। समारोह के मुख्य आकर्षण के रूप में महिला दस्ता, कमांडो रैपिड एक्शन टीम (CORAS), डॉग स्क्वॉड और सेगवे दस्ता अपनी परिचालन दक्षता का प्रदर्शन करेंगे। इस दौरान उत्कृष्ट एवं सराहनीय सेवाओं के लिए राष्ट्रपति पुलिस पदक, पुलिस पदक और जीवन रक्षा पदक से जवानों व अधिकारियों को सम्मानित किया जाएगा।
📜 गौरवशाली इतिहास और सशक्त होती कार्यप्रणाली: संघ के सशस्त्र बल के रूप में आरपीएफ का सफर
भारतीय रेल की सुरक्षा को समर्पित आरपीएफ की स्थापना और विकास का सफर बेहद गौरवशाली रहा है। वर्ष 1957 के आरपीएफ अधिनियम से वैधानिक पहचान पाने वाला यह बल समय के साथ लगातार विकसित हुआ है। वर्ष 1985 में इसे संघ के सशस्त्र बल का दर्जा मिला, और आगे चलकर यात्रियों की सुरक्षा तथा एनडीपीएस (NDPS) अधिनियम जैसी विशेष कानूनी शक्तियां भी इसे सौंपी गईं। आज का 42वां स्थापना दिवस बल की इसी सेवा भावना, सतर्कता और सुरक्षित रेल यात्रा के प्रति अटूट प्रतिबद्धता का प्रतीक है।
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