कोंडागांव (छत्तीसगढ़): नाबालिग बालिका को बहला-फुसलाकर भगा ले जाने के गंभीर मामले में माननीय न्यायालय ने त्वरित सुनवाई करते हुए आरोपी लखेश्वर कश्यप को दोषी करार दिया है।
अदालत ने दोषी लखेश्वर कश्यप को 20 वर्ष के कठोर सश्रम कारावास की सजा सुनाई है। इसके साथ ही उस पर 3,000 रुपये का अर्थदंड भी लगाया गया है। मामले में कोंडागांव थाना पुलिस ने तत्परता दिखाते हुए नाबालिग को आरोपी के चंगुल से सकुशल बरामद किया था।
📋 6 फरवरी को दर्ज कराई गई थी गुमशुदगी की रिपोर्ट, पुलिस ने शुरू किया था अनुसंधान
मामले की शुरुआत पीड़िता के पिता द्वारा दर्ज कराई गई शिकायत से हुई थी:
पिता की शिकायत: छह फरवरी को बालिका के पिता ने थाना कोंडागांव में लिखित रिपोर्ट दर्ज कराई थी कि उनकी नाबालिग पुत्री को कोई अज्ञात व्यक्ति बहला-फुसलाकर अपने साथ कहीं ले गया है।
बीएनएस (BNS) के तहत प्राथमिकी: पिता की शिकायत के आधार पर कोंडागांव थाना पुलिस ने अपराध क्रमांक 95/2025 के अंतर्गत भारतीय न्याय संहिता की धारा 137(2) के तहत विधिवत मामला पंजीबद्ध कर विवेचना शुरू की थी।
पुलिस की त्वरित कार्रवाई: पुलिस टीम ने सुरागरसी और तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर घेराबंदी कर नाबालिग को बरामद किया और आरोपी को गिरफ्तार कर अदालत में पेश किया था, जहां से अब उसे सजा सुनाई गई है।
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