रतलाम (मध्य प्रदेश): पश्चिम मध्य प्रदेश के मालवा अंचल स्थित रतलाम, मंदसौर और नीमच जिलों में लगातार दूसरे दिन भी रुक-रुक कर मूसलाधार बारिश का क्रम निरंतर जारी है। अकेले रतलाम जिले में बीते 24 घंटों के भीतर ढाई इंच (लगभग 63 मिमी) बारिश दर्ज की गई है। भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने रतलाम और आसपास के क्षेत्रों में आगामी समय में भारी बारिश का अलर्ट जारी रखा है। यद्यपि इस मानसूनी बारिश से खरीफ फसलों को नया जीवन मिलने से किसानों के चेहरे खिल उठे हैं, किंतु शहरी अंचलों में न्यू रोड तथा डाट की पुलिया जैसे प्रमुख निचले क्षेत्रों में जलभराव की स्थिति निर्मित हो गई है। वहीं, रतलाम जिला अस्पताल के आइसोलेशन वार्ड में छतों से पानी टपकने के कारण हड़कंप मच गया और वार्ड को आनन-फानन में खाली कराना पड़ा।
🌧️ मालवा में मानसून सक्रिय, मौसम विभाग ने आगामी 24 से 48 घंटों के लिए जारी किया भारी बारिश का अलर्ट
मालवा अंचल में मानसून के पुनः सक्रिय होने से मौसम सुहावना हो गया है, किंतु तेज बारिश से सामान्य जनजीवन भी प्रभावित हुआ है।
रतलाम तहसील कार्यालय स्थित मौसम विज्ञान केंद्र के प्रभारी लक्ष्मण सिंह खराड़ी ने जानकारी देते हुए बताया कि, “मौसम विभाग के भोपाल केंद्र से प्राप्त अधिकृत आंकड़ों के अनुसार क्षेत्र में भारी वर्षा, तेज अंधड़ और वज्रपात (बिजली गिरने) की चेतावनी जारी की गई है। प्राथमिक अलर्ट 11 अगस्त तक के लिए था, किंतु मौसम प्रणालियों के सक्रिय रहने से आगामी दो दिनों तक अंचल में ऐसा ही वर्षा काल बने रहने की प्रबल संभावना जताई गई है।”
🏥 बारिश से जर्जर रतलाम जिला अस्पताल के बिगड़े हालात, वार्डों में घुसा पानी तो अन्यत्र शिफ्ट हुए मरीज
एक ओर जहां इस बारिश से कृषि क्षेत्र को बड़ी राहत प्राप्त हुई है, वहीं दूसरी ओर रतलाम के पुराने व जर्जर जिला अस्पताल भवन की व्यवस्थाएं पूरी तरह पटरी से उतर गईं।
अनवरत वर्षा के कारण जिला अस्पताल के आइसोलेशन वार्ड और ओपीडी (OPD) परिसर में जलभराव हो गया। छतों से पानी टपकने और सीपेज के कारण आइसोलेशन वार्ड में भर्ती मरीजों के बेड भीग गए, जिससे उन्हें तत्काल प्रभाव से अन्य सुरक्षित वार्डों में स्थानांतरित करना पड़ा।
🛠️ नई बिल्डिंग का निर्माण जारी, पुराने भवन की बदहाली से परेशान हो रहे मरीज
अस्पताल परिसर में व्याप्त अव्यवस्थाओं पर स्थिति स्पष्ट करते हुए जिला अस्पताल के सिविल सर्जन डॉ. जे.पी. सिंह ने बताया कि, “अस्पताल की नई अत्याधुनिक बिल्डिंग वर्तमान में निर्माणाधीन है। इस कारण मजबूरन मरीजों को पुराने भवन के वार्डों में भर्ती रखकर उपचार देना पड़ रहा है। बारिश के कारण आइसोलेशन वार्ड में पानी टपकने की समस्या आई थी, जिसके उपरांत मरीजों को तुरंत अन्य सुव्यवस्थित कक्षों में शिफ्ट कर दिया गया है।”
बहरहाल, नवीन भवन निर्माण में हो रहे अत्यधिक विलंब का खामियाजा दूर-दराज से इलाज कराने आ रहे असहाय मरीजों और उनके परिजनों को भुगतना पड़ रहा है।
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