वाराणसी: उत्तर प्रदेश के राजनीतिक गलियारों में अपनी खास अहमियत रखने वाले वाराणसी स्नातक विधान परिषद (MLC) निर्वाचन क्षेत्र के चुनाव परिणाम अब अपने अंतिम पड़ाव की ओर बढ़ रहे हैं। मतगणना के दौरान समाजवादी पार्टी (सपा) के अधिकृत उम्मीदवार आशुतोष सिन्हा अपने निकटतम भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) प्रत्याशी से 16,990 से अधिक वोटों की भारी बढ़त बनाए हुए हैं। हालांकि, प्रथम वरीयता के वोटों में जीत के लिए जरूरी जादुई आंकड़े तक सीधे न पहुंच पाने के कारण अंतिम परिणाम का फैसला अब दूसरी वरीयता के मतों की गिनती के जरिए तय किया जाएगा, लेकिन इसके बावजूद सपा खेमे में आशुतोष सिन्हा की जीत लगभग सुनिश्चित मानी जा रही है। इस पूरी चुनावी प्रक्रिया के दौरान पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव लगातार अपने जमीनी कार्यकर्ताओं के सीधे संपर्क में हैं और वाराणसी की हर एक गतिविधि पर पैनी नजर बनाए हुए हैं। मतगणना के दौरान सियासी सरगर्मी तब और तेज हो गई जब समाजवादी पार्टी के प्रमुख अखिलेश यादव ने एक के बाद एक कई तीखे एक्स पोस्ट साझा करते हुए सत्तारूढ़ भाजपा सरकार और निर्वाचन प्रबंधन पर गंभीर सवाल खड़े किए। उनके स्पष्ट निर्देशों के बाद वाराणसी सहित आसपास के विभिन्न जिलों से आए सपा के कई सांसद, विधायक और हजारों कार्यकर्ता पूरी रात मतगणना केंद्र के बाहर डटे रहे। अखिलेश यादव ने अपने एक संदेश में कार्यकर्ताओं का हौसला बढ़ाते हुए लिखा था, ‘सड़क पर लिखी वह चेतावनी हमेशा याद रखें—नजर हटी, दुर्घटना घटी।’ एक अन्य पोस्ट में उन्होंने मतगणना स्थल पर मौजूद कार्यकर्ताओं की तस्वीरें साझा करते हुए लिखा कि सभी लोग पूरी तरह मुस्तैद रहें और जीत का आधिकारिक प्रमाण पत्र प्राप्त करने के बाद ही अपनी जगह छोड़ें। उन्होंने स्थानीय कार्यकर्ताओं से अपील की कि वे आपस में भोजन, पानी और अन्य जरूरी चीजों की व्यवस्था बनाए रखें तथा हौसलों के गीत गाकर खुद को जागृत रखें क्योंकि आने वाला सवेरा उन्हीं का होगा। सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव ने वाराणसी में मतदान की प्रक्रिया को कथित तौर पर धीमा करने या उसमें बाधा डालने का गंभीर आरोप भी लगाया। उनका कहना था कि इस प्रकार की रणनीतियों के पीछे का षड्यंत्र हर कोई भली-भांति समझ रहा है, लेकिन भाजपा अपने इन कुत्सित प्रयासों में सफल नहीं हो पाएगी। उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि वाराणसी में भाजपा की संभावित हार राष्ट्रीय स्तर पर बड़ी खबर न बन जाए, इसलिए तरह-तरह के हथकंडे अपनाए जा रहे हैं। इसके अलावा, वाराणसी सीट पर अचानक हुई री-काउंटिंग की प्रक्रिया पर भी उन्होंने तीखा हमला बोला और कहा कि यह सब भाजपा शासनकाल के काउंटडाउन की शुरुआत साबित होगी। वाराणसी स्नातक एमएलसी सीट की मतगणना के दौरान बीती रात तब नया मोड़ आया जब भाजपा की विशेष मांग पर रात 9 बजे पांचवें राउंड की वोटों की दोबारा गिनती (री-काउंटिंग) कराई गई। हालांकि, इस पुनर्मतगणना का परिणाम सपा के पक्ष में गया और आशुतोष सिन्हा को पहले की तुलना में 3 वोट और अधिक प्राप्त हुए। अब तक कुल 9वें चक्र तक की मतगणना पूरी हो चुकी है, जिसके आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार सपा प्रत्याशी आशुतोष सिन्हा 50,462 मत हासिल कर चुके हैं, जबकि उनके प्रतिद्वंद्वी बीजेपी के केदार सिंह 31,189 वोटों पर हैं। इस प्रकार आशुतोष सिन्हा 16,261 से अधिक सुरक्षित मतों के अंतर से बढ़त बनाए हुए हैं। निर्वाचन नियमों के मुताबिक, इस चुनाव में डाले गए कुल करीब 1,18,000 वैध मतों के आधार पर जीत हासिल करने के लिए 59,001 मतों के जादुई कोटे की आवश्यकता है। आशुतोष सिन्हा प्रथम वरीयता के मतों में इस निर्धारित आंकड़े को सीधे तौर पर हासिल नहीं कर सके, जिसके कारण प्रथम वरीयता के वोटों से विजेता की तस्वीर पूरी तरह साफ नहीं हो पाई है। अब चुनाव अधिकारियों द्वारा दूसरी वरीयता के मतों की गिनती की प्रक्रिया शुरू की जा रही है, जिसके तुरंत बाद चुनाव का अंतिम और आधिकारिक परिणाम घोषित कर दिया जाएगा। वर्तमान में मतगणना का केवल एक ही अंतिम दौर बाकी बचा हुआ है। मतगणना केंद्र के बाहर और भीतर मची राजनीतिक हलचल के बीच सपा सांसद वीरेंद्र सिंह, ओम प्रकाश, छोटेलाल खरवार के साथ-साथ विधायक तूफानी सरोज, जाहिद बेग समेत भदोही और अन्य आसपास के क्षेत्रों के कई वरिष्ठ नेता तथा सैकड़ों कार्यकर्ता मौके पर डटे हुए हैं। किसी भी अप्रिय स्थिति से निपटने के लिए स्थानीय पुलिस प्रशासन द्वारा मतगणना स्थल के चारों ओर अतिरिक्त सुरक्षा बल तैनात कर कड़े बंदोबस्त किए गए हैं। इस पूरी प्रक्रिया की सबसे बड़ी खूबी यह है कि पार्टी सुप्रीमो अखिलेश यादव आधुनिक तकनीक यानी वीडियो कॉल के माध्यम से इन तमाम वरिष्ठ नेताओं और जनप्रतिनिधियों के लगातार संपर्क में हैं तथा पल-पल की रिपोर्ट सीधे खुद ले रहे हैं।
अखिलेश यादव के ताबड़तोड़ सोशल मीडिया पोस्ट, कहा- ‘सतर्क रहें और जीत का प्रमाण पत्र लेकर ही मतगणना स्थल से बाहर आएं’
मतदान को धीमा करने के षड्यंत्र का आरोप, सपा प्रमुख ने री-काउंटिंग के फैसले पर भी साधा निशाना
पांचवें राउंड की पुनर्मतगणना में सपा को मिले 3 अतिरिक्त वोट, 9वें चक्र की काउंटिंग हुई पूरी
प्रथम वरीयता के मतों से नहीं हुआ फैसला, अब दूसरी वरीयता के वोटों से होगा हार-जीत का अंतिम निर्णय
वीडियो कॉल के जरिए पल-पल की अपडेट ले रहे हैं अखिलेश यादव, मतगणना स्थल पर बढ़ाए गए सुरक्षा के कड़े इंतजाम
यह खबर आपको कैसी लगी?
वाराणसी: उत्तर प्रदेश के राजनीतिक गलियारों में अपनी खास अहमियत रखने वाले वाराणसी स्नातक विधान परिषद (MLC) निर्वाचन क्षेत्र के चुनाव परिणाम अब अपने अंतिम पड़ाव की ओर बढ़ रहे हैं। मतगणना के दौरान समाजवादी पार्टी (सपा) के अधिकृत उम्मीदवार आशुतोष सिन्हा अपने निकटतम भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) प्रत्याशी से 16,990 से अधिक वोटों की भारी बढ़त बनाए हुए हैं। हालांकि, प्रथम वरीयता के वोटों में जीत के लिए जरूरी जादुई आंकड़े तक सीधे न पहुंच पाने के कारण अंतिम परिणाम का फैसला अब दूसरी वरीयता के मतों की गिनती के जरिए तय किया जाएगा, लेकिन इसके बावजूद सपा खेमे में आशुतोष सिन्हा की जीत लगभग सुनिश्चित मानी जा रही है। इस पूरी चुनावी प्रक्रिया के दौरान पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव लगातार अपने जमीनी कार्यकर्ताओं के सीधे संपर्क में हैं और वाराणसी की हर एक गतिविधि पर पैनी नजर बनाए हुए हैं।
अखिलेश यादव के ताबड़तोड़ सोशल मीडिया पोस्ट, कहा- ‘सतर्क रहें और जीत का प्रमाण पत्र लेकर ही मतगणना स्थल से बाहर आएं’
मतगणना के दौरान सियासी सरगर्मी तब और तेज हो गई जब समाजवादी पार्टी के प्रमुख अखिलेश यादव ने एक के बाद एक कई तीखे एक्स पोस्ट साझा करते हुए सत्तारूढ़ भाजपा सरकार और निर्वाचन प्रबंधन पर गंभीर सवाल खड़े किए। उनके स्पष्ट निर्देशों के बाद वाराणसी सहित आसपास के विभिन्न जिलों से आए सपा के कई सांसद, विधायक और हजारों कार्यकर्ता पूरी रात मतगणना केंद्र के बाहर डटे रहे। अखिलेश यादव ने अपने एक संदेश में कार्यकर्ताओं का हौसला बढ़ाते हुए लिखा था, ‘सड़क पर लिखी वह चेतावनी हमेशा याद रखें—नजर हटी, दुर्घटना घटी।’ एक अन्य पोस्ट में उन्होंने मतगणना स्थल पर मौजूद कार्यकर्ताओं की तस्वीरें साझा करते हुए लिखा कि सभी लोग पूरी तरह मुस्तैद रहें और जीत का आधिकारिक प्रमाण पत्र प्राप्त करने के बाद ही अपनी जगह छोड़ें। उन्होंने स्थानीय कार्यकर्ताओं से अपील की कि वे आपस में भोजन, पानी और अन्य जरूरी चीजों की व्यवस्था बनाए रखें तथा हौसलों के गीत गाकर खुद को जागृत रखें क्योंकि आने वाला सवेरा उन्हीं का होगा।
मतदान को धीमा करने के षड्यंत्र का आरोप, सपा प्रमुख ने री-काउंटिंग के फैसले पर भी साधा निशाना
सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव ने वाराणसी में मतदान की प्रक्रिया को कथित तौर पर धीमा करने या उसमें बाधा डालने का गंभीर आरोप भी लगाया। उनका कहना था कि इस प्रकार की रणनीतियों के पीछे का षड्यंत्र हर कोई भली-भांति समझ रहा है, लेकिन भाजपा अपने इन कुत्सित प्रयासों में सफल नहीं हो पाएगी। उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि वाराणसी में भाजपा की संभावित हार राष्ट्रीय स्तर पर बड़ी खबर न बन जाए, इसलिए तरह-तरह के हथकंडे अपनाए जा रहे हैं। इसके अलावा, वाराणसी सीट पर अचानक हुई री-काउंटिंग की प्रक्रिया पर भी उन्होंने तीखा हमला बोला और कहा कि यह सब भाजपा शासनकाल के काउंटडाउन की शुरुआत साबित होगी।
पांचवें राउंड की पुनर्मतगणना में सपा को मिले 3 अतिरिक्त वोट, 9वें चक्र की काउंटिंग हुई पूरी
वाराणसी स्नातक एमएलसी सीट की मतगणना के दौरान बीती रात तब नया मोड़ आया जब भाजपा की विशेष मांग पर रात 9 बजे पांचवें राउंड की वोटों की दोबारा गिनती (री-काउंटिंग) कराई गई। हालांकि, इस पुनर्मतगणना का परिणाम सपा के पक्ष में गया और आशुतोष सिन्हा को पहले की तुलना में 3 वोट और अधिक प्राप्त हुए। अब तक कुल 9वें चक्र तक की मतगणना पूरी हो चुकी है, जिसके आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार सपा प्रत्याशी आशुतोष सिन्हा 50,462 मत हासिल कर चुके हैं, जबकि उनके प्रतिद्वंद्वी बीजेपी के केदार सिंह 31,189 वोटों पर हैं। इस प्रकार आशुतोष सिन्हा 16,261 से अधिक सुरक्षित मतों के अंतर से बढ़त बनाए हुए हैं।
प्रथम वरीयता के मतों से नहीं हुआ फैसला, अब दूसरी वरीयता के वोटों से होगा हार-जीत का अंतिम निर्णय
निर्वाचन नियमों के मुताबिक, इस चुनाव में डाले गए कुल करीब 1,18,000 वैध मतों के आधार पर जीत हासिल करने के लिए 59,001 मतों के जादुई कोटे की आवश्यकता है। आशुतोष सिन्हा प्रथम वरीयता के मतों में इस निर्धारित आंकड़े को सीधे तौर पर हासिल नहीं कर सके, जिसके कारण प्रथम वरीयता के वोटों से विजेता की तस्वीर पूरी तरह साफ नहीं हो पाई है। अब चुनाव अधिकारियों द्वारा दूसरी वरीयता के मतों की गिनती की प्रक्रिया शुरू की जा रही है, जिसके तुरंत बाद चुनाव का अंतिम और आधिकारिक परिणाम घोषित कर दिया जाएगा। वर्तमान में मतगणना का केवल एक ही अंतिम दौर बाकी बचा हुआ है।
वीडियो कॉल के जरिए पल-पल की अपडेट ले रहे हैं अखिलेश यादव, मतगणना स्थल पर बढ़ाए गए सुरक्षा के कड़े इंतजाम
मतगणना केंद्र के बाहर और भीतर मची राजनीतिक हलचल के बीच सपा सांसद वीरेंद्र सिंह, ओम प्रकाश, छोटेलाल खरवार के साथ-साथ विधायक तूफानी सरोज, जाहिद बेग समेत भदोही और अन्य आसपास के क्षेत्रों के कई वरिष्ठ नेता तथा सैकड़ों कार्यकर्ता मौके पर डटे हुए हैं। किसी भी अप्रिय स्थिति से निपटने के लिए स्थानीय पुलिस प्रशासन द्वारा मतगणना स्थल के चारों ओर अतिरिक्त सुरक्षा बल तैनात कर कड़े बंदोबस्त किए गए हैं। इस पूरी प्रक्रिया की सबसे बड़ी खूबी यह है कि पार्टी सुप्रीमो अखिलेश यादव आधुनिक तकनीक यानी वीडियो कॉल के माध्यम से इन तमाम वरिष्ठ नेताओं और जनप्रतिनिधियों के लगातार संपर्क में हैं तथा पल-पल की रिपोर्ट सीधे खुद ले रहे हैं।


उत्तरप्रदेश




























