भारतीय जनता पार्टी (BJP) और एनडीए की सहयोगी पार्टियां इंडिया गठबंधन के खिलाफ शनिवार को देश भर में विरोध प्रदर्शन करेंगे. शुक्रवार को लोकसभा में संविधान (131वां संशोधन) बिल गिरने के बाद एनडीए के घटक दलों की बैठक हुई. इस बैठक में तय हुआ कि विपक्ष द्वारा महिला आरक्षण बिल का विरोध करने का मुद्दा देशभर में उठाया जाएगा. देशभर में प्रदर्शन, प्रेस कॉन्फ्रेंस, सोशल मीडिया के माध्यम से इस मुद्दों को देशभर में उठाया जाएगा.
बीजेपी महिला मोर्चा के नेतृत्व में ये विरोध प्रदर्शन देश भर के सभी जिला मुख्यालयों पर किए जाएंगे. लोकसभा में संविधान (131वां संशोधन) बिल, 2026 पास नहीं होने के बाद NDA की महिला सांसदों ने संसद परिसर में विरोध प्रदर्शन किया.
यह कदम महिला आरक्षण संशोधन बिल के लोकसभा में पास नहीं हो पाने के बाद उठाया गया है. बीजेपी ने इस हार को नारी शक्ति के लिए एक झटका बताया है, और आरोप लगाया है कि विपक्ष ने विधानसभाओं में महिलाओं का ज्यादा प्रतिनिधित्व पक्का करने के एक ऐतिहासिक मौके को रोक दिया.
बंगाल और तमिलनाडु चुनाव में बीजेपी बनाएगी मुद्दा
पार्टी पश्चिम बंगाल और तमिलनाडु में आने वाले चुनावों में इस मुद्दे को खास तौर पर उठाने का भी प्लान बना रही है, और बिल की हार को सीटें बढ़ाने और 2029 तक रिजर्वेशन लागू करने का एक चूका हुआ मौका बताएगी.
विरोध करते हुए, बीजेपी सांसद पूनमबेन मदाम ने कहा, 2023 में यह तय हुआ था कि 2029 के आम चुनावों तक, महिला रिजर्वेशन बिल पूरे देश में लागू किया जाएगा. जब सरकार यह बिल लेकर आई, तो राहुल गांधी के नेतृत्व में इंडी अलायंस ने इसका पूरी तरह से विरोध किया और बिल को पास होने से रोक दिया. देश की महिलाएं राहुल गांधी और INDI अलायंस को माफ नहीं करेंगी. उन्होंने बहुत बड़ा अन्याय किया और देश की महिलाओं के साथ धोखा किया.
भारतीय लोकतंत्र के इतिहास का दुर्भाग्यपूर्ण दिन… राजनाथ
रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने सोशल साइट एक्स पर लिखा कि भारतीय लोकतंत्र के इतिहास में आज का दिन अत्यंत दुर्भाग्यपूर्ण है. संसद के विशेष सत्र के दौरान, एनडीए सरकार द्वारा लोकसभा में 131वां संविधान संशोधन बिल, महिलाओं को एक-तिहाई आरक्षण देने के लिए लाया गया था. कांग्रेस के नेतृत्व वाले इंडी गठबंधन ने आज लोकसभा में इस बिल के विरोध में वोट करके अपना महिला विरोधी चरित्र दिखा दिया है. यह विधेयक सिर्फ एक बिल नहीं था, बल्कि नारी शक्ति को अधिकार एवं उन्हें सम्मान देने का अवसर था.
उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्रीने सभी दलों से दलगत राजनीति से ऊपर उठकर अंतरात्मा की आवाज सुनने की अपील की थी लेकिन विपक्ष ने अपने संकीर्ण राजनीतिक हितों के लिए महिला सशक्तिकरण और नारी सम्मान को बलि चढ़ा दिया. पूरा देश हमेशा इस बात को याद रखेगा कि विपक्ष ने राष्ट्र हित और समाज हित से ऊपर अपने राजनीतिक स्वार्थ को रखा. विपक्ष के इस महिला विरोधी निर्णय से उनकी कथनी और करनी का भेद उजागर हो गया है. अब देश की जनता उनसे स्वयं जवाब मांगेगी. लोकसभा में बिल नहीं पारित होने के बावजूद हमारा संकल्प और अधिक मजबूत हुआ है. एनडीए सरकार नारी सम्मान और महिला सशक्तिकरण की लड़ाई आगे भी जारी रखेगी.
लोकतंत्र के लिए काला अध्याय… नड्डा
केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जेपी नड्डा ने कहा कि आज लोकसभा में संविधान (131वां संशोधन) विधेयक-2026 का पारित नहीं होना कांग्रेस, TMC, DMK, समाजवादी पार्टी और इंडि. गठबंधन की महिला विरोधी मानसिकता को दर्शाता है.
उन्होंने कहा किआज का दिन हमारे देश के लोकतंत्र के लिए एक काला अध्याय है. यह केवल एक बिल का गिरना नहीं है, बल्कि करोड़ों बहनों के उस भरोसे का टूटना है जो उन्होंने एक बेहतर भविष्य के लिए संजोया था. जहां एक ओर हम महिलाओं को ‘शक्ति’ मानकर उनके सशक्तीकरण का सपना देख रहे हैं, वहीं विपक्ष की संकीर्ण सोच ने उनकी प्रगति की राह में दीवार खड़ी कर दी. यह उनके सपनों और उनके सामर्थ्य का अपमान है.
जेपी नड्डा ने कहा किनारी शक्ति का अपमान विपक्ष को बहुत भारी पड़ेगा! यह आक्रोश अब रुकने वाला नहीं है. 2029 के लोकसभा चुनाव से लेकर हर छोटे-बड़े चुनाव तक, देश की बहनें अपने सपनों को रौंदने वालों को कड़ा सबक सिखाएंगी. याद रखिए, शक्ति का यह क्रोध आपके राजनीतिक अंत की शुरुआत है.
रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने कहा कि कांग्रेस और उसके साथियों ने अपना असली रंग दिखा दिया है – कांग्रेस महिला सशक्तिकरण का विरोध करती है.
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