बहादुरगढ़: गुजरात स्थित विश्व प्रसिद्ध ‘स्टैच्यू ऑफ यूनिटी’ के प्रांगण में आगामी 31 अक्टूबर को देश के महान लौह पुरुष सरदार वल्लभभाई पटेल की जयंती के पावन अवसर पर आयोजित होने वाले भव्य ‘राष्ट्रीय एकता दिवस’ समारोह के दौरान हरियाणा के प्रतिभावान युवा आईपीएस अधिकारी रोहित डागर ऐतिहासिक राष्ट्रीय परेड की अगुवाई करेंगे। बहादुरगढ़ शहर के सुपुत्र रोहित डागर के लिए यह प्रतिष्ठित जिम्मेदारी केवल उनके पेशेवर करियर की एक बड़ी उपलब्धि ही नहीं, बल्कि उनके जीवन का एक बेहद भावनात्मक और गौरवशाली क्षण भी है।
देश के तीन प्रमुख राष्ट्रीय परेड आयोजनों में शुमार है राष्ट्रीय एकता दिवस की यह गौरवशाली परंपरा
भारतीय गणराज्य के प्रशासनिक और सुरक्षा इतिहास में राष्ट्रीय स्तर के तीन सबसे महत्वपूर्ण औपचारिक परेड आयोजन माने जाते हैं—पहला, दिल्ली में आयोजित होने वाली 26 जनवरी की गणतंत्र दिवस परेड; दूसरा, 15 अगस्त के स्वतंत्रता दिवस समारोह से जुड़े मुख्य राजकीय आयोजन; और तीसरा, हर वर्ष 31 अक्टूबर को आयोजित होने वाली राष्ट्रीय एकता दिवस परेड। इन तमाम आयोजनों में 31 अक्टूबर की यह विशेष परेड देश के विभिन्न राज्यों की पुलिस ताकतों और केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बलों के बीच आपसी एकता, अनुशासन, अप्रतिम शौर्य और सामूहिक ताकत का जीवंत प्रतीक मानी जाती है। इतने ऊंचे और राष्ट्रीय महत्व के प्रतिष्ठित मंच पर परेड का नेतृत्व करना किसी भी पुलिस सेवा के अधिकारी के लिए अत्यंत गर्व का विषय होता है।
देश के एकीकरण को समर्पित है राष्ट्रीय एकता दिवस, इस बार रहेगा ‘नक्सल मुक्त भारत’ का विशेष संकल्प
प्रत्येक वर्ष 31 अक्टूबर का दिन स्वतंत्र भारत को एक सूत्र में पिरोने वाले सरदार वल्लभभाई पटेल के अतुलनीय और ऐतिहासिक योगदान की स्मृति में मनाया जाता है। इस वर्ष आयोजित होने वाले इस राष्ट्रीय समारोह के दौरान देश की आंतरिक सुरक्षा को और अधिक सुदृढ़ करने के साथ-साथ ‘नक्सल मुक्त भारत’ के महत्वपूर्ण संकल्प को प्रमुखता से रेखांकित किया जाएगा। इस वृहद आयोजन का मुख्य उद्देश्य देश की अखंडता, संप्रभुता, आंतरिक सुरक्षा तथा देश के अलग-अलग राज्यों के पुलिस बलों के बीच तालमेल और सामूहिक शक्ति का उत्कृष्ट प्रदर्शन करना है।
अब तक की सबसे बड़ी टुकड़ियों की भागीदारी, एनसीसी और बैंड पार्टियां भी लेंगी हिस्सा
इस बार आयोजित होने वाले राष्ट्रीय एकता दिवस समारोह में अब तक के इतिहास की सबसे बड़ी संख्या में सैन्य और पुलिस टुकड़ियों की भागीदारी तय की गई है। इस भव्य परेड में विभिन्न राज्यों के पुलिस बलों और केंद्रीय अर्धसैनिक बलों की कुल 19 टुकड़ियों के साथ-साथ नेशनल कैडेट कोर (NCC) की एक टुकड़ी भी मार्च पास्ट में शामिल होगी। इसके अतिरिक्त, देश के 10 अलग-अलग राज्यों और विभिन्न संगठनों के शानदार पुलिस एवं मिलिट्री बैंड अपनी सुरीली धुनों से समारोह में समां बांधेंगे। यह शानदार आयोजन भारत की विविधता में निहित एकता, अनुशासन और देश के सुरक्षा तंत्र की अटूट प्रतिबद्धता का अदभुत संगम होगा।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को मिलेगा गार्ड ऑफ ऑनर, राष्ट्र को संबोधित करेंगे देश के प्रधानमंत्री
इस राष्ट्रीय समारोह के मुख्य आकर्षण के रूप में देश के यशस्वी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को भव्य ‘गार्ड ऑफ ऑनर’ (सम्मान गार्ड) प्रदान किया जाएगा। इसके उपरांत, प्रधानमंत्री महोदय उपस्थित जनसमूह और देशवासियों को संबोधित करते हुए राष्ट्रीय एकता, देश की अखंडता और भारत की सामूहिक शक्ति का महत्वपूर्ण संदेश देंगे। प्रधानमंत्री का यह संबोधन इस पूरे राष्ट्रीय कार्यक्रम का सबसे मुख्य और प्रेरणादायक केंद्र बिंदु रहेगा। इस ऐतिहासिक और गरिमामयी आयोजन का सीधा प्रसारण आगामी 31 अक्टूबर को शाम 5 बजे से देश के राष्ट्रीय चैनल दूरदर्शन सहित अन्य प्रमुख मीडिया माध्यमों पर किया जाएगा, ताकि देश का हर नागरिक इस राष्ट्रीय गौरव के पल का साक्षी बन सके।
स्वर्गीय पिता के जन्मदिवस पर परेड का नेतृत्व करना मेरे लिए बेहद भावुक क्षण: IPS रोहित डागर
इस विशेष अवसर पर अपने विचार साझा करते हुए आईपीएस अधिकारी रोहित डागर ने भावुक होकर बताया कि 31 अक्टूबर का यह दिन उनके व्यक्तिगत जीवन में भी बहुत विशेष महत्व रखता है, क्योंकि इसी तारीख को उनके दिवंगत पिता स्वर्गीय जगदीश सिंह का भी जन्मदिवस होता है। अपने पिता के जन्म के इस पावन दिन पर देश की एकता और अखंडता के प्रतीक इतने बड़े राष्ट्रीय मंच पर परेड का नेतृत्व करने का अवसर मिलना उनके लिए परम सौभाग्य और गर्व की बात है। उन्होंने कहा कि सरदार वल्लभभाई पटेल की जयंती पर आयोजित होने वाला यह समारोह हर देशवासी के भीतर राष्ट्रभक्ति की अलख जगाता है और ऐसे ऐतिहासिक अवसर पर परेड की कमान संभालना उनके जीवन का सबसे बड़ा सम्मान है। बहादुरगढ़ से ताल्लुक रखने वाले आईपीएस रोहित डागर की इस शानदार राष्ट्रीय उपलब्धि से पूरे क्षेत्र में हर्षोल्लास का माहौल है और इसे देश के प्रति निष्ठा और कर्तव्यपरायणता की एक अनूठी मिसाल माना जा रहा है।
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