ग्वालियर। शहर के पाश इलाके सिटी सेंटर स्थित गार्डन होम्स हाउसिंग सोसायटी के फ्लैट नंबर-322 में रहने वालीं 81 वर्षीय इंदु पुरी और उनकी बेटी रीना भल्ला की हत्या करने वाले पुराने नौकर इरफान खान व उसके साथी अंकुर झा, छोटू जाट, प्रमोद माथुर को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। इस पूरी वारदात का सरगना इरफान ही है, जो चोरी करने के इरादे से पूरी प्लानिंग के साथ फ्लैट में उस समय दाखिल हुआ, जब रीना घर पर नहीं थीं। चोरी करते समय ही रीना आ गईं तो उन्हें पहले तो पीटा।
इसके बाद पीछे से गर्दन पकड़कर तकिये पर मुंह रखा और तब तक दबाया, जब तक दम घुटने से रीना की मौत नहीं हो गई। रीना तड़पती रही, गिड़गिड़ाती रही और हत्यारों से बोली- जान बख्श दो, जो चाहिए ले लो लेकिन इनका दिल नहीं पसीजा। इरफान के साथी बोले कि छोड़ देते हैं, इस पर वह बोला- अगर उसे छोड़ दिया तो पुलिस में रिपोर्ट कराएगी और सभी फंसेंगे। इसके चलते रीना को मौत के घाट उतार दिया।
रीना की हत्या कर बाहर निकल ही रहे थे, तभी उनकी मां इंदु पुरी यहां आ गईं। उन्हें भी गला घोंटकर मार डाला। यह लोग हत्या करने से पहले घर से कुछ रुपये, सोने के गहने और कुछ आर्टीफिशियल ज्वेलरी भी निकाल चुके थे। हत्या करने के बाद यह माल लेकर भाग गए। फिर हिस्सा किया और दो आरोपित अंकुर व छोटू हैदराबाद भागने की फिराक में थे। भोपाल स्टेशन से क्राइम ब्रांच की टीम ने इन्हें पकड़ लिया। इरफान और प्रमोद को पहले ही पकड़ लिया था। पूछताछ करने पर हत्या की पूरी कहानी उगल दी।
इरफान को यह पता था कि रीना के खाते में काफी पैसे रहते हैं। उसने एटीएम छीन लिया। फिर उसने पासवर्ड पूछा तब रीना बोली कि जब छोड़ोगे तभी बताऊंगी। इस पर बेरहमी से पीटने लगा। गुस्से में पीछे से गर्दन दबा दी।डेढ़ महीने पहले नाबालिग नौकर का इस्तेमाल कर निकाली पूरी जानकारी
रीना से पूछा था पासवर्ड, बोली थी- छोड़ोगे तभी बताऊंगी
सुरक्षा गार्ड: हाउसिंग सोसायटी के सुरक्षा गार्डों के ठीक सामने से तीन आरोपित सोसायटी के अंदर गए। इरफान सीढ़ियों से गया, जबकि प्रमोद और छोटू लिफ्ट से ऊपर गए। किसी ने भी उन्हें नहीं टोका। रीना के पड़ोस में रहने वाली एक महिला ने इरफान को सीढ़ियों से जाते देखा, वह यह भी जानती थी कि यह रीना के यहां डिलीवरी ब्वाय था। अचानक वह घर तक जाता दिखा, लेकिन महिला ने नहीं टोका। फ्लैट के अंदर हाल में सीसीटीवी कैमरा लगा है। जिसका एक्सेस इंदु की छोटी बेटी के पास भी है। यह कैमरा इंदु के लिए लगाया था, वह चलने-फिरने में असमर्थ थीं। यहां भी निगरानी चूकी। एक फोन काल से पुलिस को सुराग मिला। जब पुलिस ने पुराने नौकर और वर्तमान में काम करने वालों की सूची खंगाली तब एक नंबर ऐसा मिला जिस पर संदेह गया। यह नंबर था- इरफान का। इरफान को वर्तमान में काम करने वाले मन्नू ने फोन किया था। जब मन्नू को पुलिस ने पूछताछ के लिए बुलाया तब उसने बताया कि सबसे पहले वही फ्लैट में गया था, जहां लाश पड़ी थीं। इसके बाद उसने इरफान को फोन किया तो इरफान बोला कि उसे कुछ नहीं पता। फोन और चैट डीलिट करने के लिए भी बोला, उसने इसलिए फोन लगाया था, क्योंकि तीन दिन पहले इरफान दुकान के आसपास दिखा था। एएसपी कृष्ण लालचंदानी, सीएसपी नागेंद्र सिंह सिकरवार, क्राइम ब्रांच प्रभारी अजय पवार, एसआइ महावीर सिंह, एसआइ राजीव सोलंकी और इनकी टीम ने चंद घंटों में हत्या की वारदात का राजफाश कर दिया। हत्या करने वालों को पकड़ लिया गया है। हत्या का उद्देश्य पैसा-गहने लूटना ही था। पूछताछ में और भी तथ्य आए हैं। जिनकी पड़ताल चल रही है। धर्मवीर सिंह, एसपीमां-बेटी की जान बच जाती…अगर यह लापरवाही न होती
पड़ोसी महिला ने देखा…फिर भी संदेह नहीं लगा
घर के अंदर सीसीटीवी…फिर भी नजर नहीं पड़ी
एक काल से मिला सुराग…
इस टीम की रही सराहनीय भूमिका
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