महाराष्ट्र: राज्य में इस वर्ष गणेशोत्सव केवल धार्मिक और सांस्कृतिक उल्लास तक सीमित न रहकर लाउडस्पीकर, डीजे (DJ) और ध्वनि प्रदूषण के बड़े राजनीतिक विवाद का केंद्र बन गया है।
मुंबई में सार्वजनिक गणेश मंडलों को विसर्जन के चार प्रमुख दिनों (15, 18, 19 और 25 सितंबर) पर सुबह 6:00 बजे से रात 12:00 बजे तक लाउडस्पीकर और एम्प्लीफायर के इस्तेमाल की विशेष छूट दी गई है। इस प्रशासनिक निर्णय पर ऑल इंडिया मजलिस-ए-इत्तेहादुल मुस्लिमीन (AIMIM) ने तीखा ऐतराज जताया और सवाल किया कि जब ध्वनि प्रदूषण स्वास्थ्य व नागरिकों से जुड़ा गंभीर मुद्दा है, तो देर रात तक छूट क्यों दी जा रही है? इसके जवाब में शिंदे गुट के मंत्री संजय शिरसाट ने पलटवार करते हुए कहा कि जब अन्य धार्मिक पर्वों पर नियमों के तहत छूट मिलती है, तो केवल गणेशोत्सव पर ही सवाल क्यों उठाए जा रहे हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि ऐसे बयानों से त्योहार के दौरान माहौल खराब करने की कोशिश की जा रही है। भाजपा नेता राम कदम ने भी कहा कि विपक्ष हिंदू-मुस्लिम रंग देकर इस पावन पर्व की गरिमा को ठेस पहुंचाना चाहता है।
⚖️ परंपरा बनाम शांतिपूर्ण जीवन: मुंबई में गणेश मंडलों और नागरिकों की अलग-अलग राय
मुंबई में उभरते दो पक्ष:
मंडलों की अतिरिक्त छूट की मांग: गणेश मंडल समन्वय समिति से जुड़े प्रतिनिधियों का तर्क है कि रात 12:00 बजे तक की अनुमति केवल चार विसर्जन दिनों तक सीमित न रखकर अन्य सांस्कृतिक कार्यक्रमों के लिए भी बढ़ाई जानी चाहिए।
ध्वनि प्रदूषण विरोधी गुट की चिंताएं: नागरिक और सामाजिक संगठन रात में तेज आवाज पर पूर्ण सख्ती और मौजूदा ध्वनि प्रदूषण नियंत्रण नियमों (Noise Pollution Rules) के शत-प्रतिशत पालन की मांग कर रहे हैं।
आंकड़ों में शोर की गंभीरता: आवाज फाउंडेशन (Awaaz Foundation) के आंकड़ों के मुताबिक, पूर्व में विसर्जन के दौरान ओपेरा हाउस जैसे व्यस्त इलाकों में ध्वनि का स्तर लगभग 115 डेसिबल तक दर्ज किया गया था, जो तय मानकों से कहीं अधिक है।
पुणे में तीखा विरोध और हिंसक घटना:👊 पुणे में सड़क तक पहुंचा विवाद: नॉइस पॉल्यूशन एक्टिविस्ट विद्यानंद बापट पर लाइव कैमरे के सामने हमला
बैठक में उठाई थी रोक की मांग: पुणे के 37 वर्षीय एक्टिविस्ट विद्यानंद बापट ने गणेशोत्सव में सार्वजनिक सड़कों पर बजने वाले हाई-डेसीबल डीजे और भारी साउंड सिस्टम पर पाबंदी लगाने की मांग नगर निगम की बैठक में उठाई थी।
मीडिया बातचीत के दौरान थप्पड़: 3 सितंबर को जब बापट मीडिया से रूबरू हो रहे थे, तभी एक अज्ञात व्यक्ति ने अचानक आकर उन्हें जोरदार थप्पड़ जड़ दिया। यह पूरी वारदात कैमरे में कैद हो गई।
पुलिस हिरासत और जांच: पुलिस ने विभिन्न एंगलों से सीसीटीवी फुटेज खंगालते हुए एक संदिग्ध को हिरासत में ले लिया है और घटना के पीछे के कारणों की जांच शुरू कर दी है।
नागरिक एकजुटता और नई शिकायतें:📢 पुणे में ‘डीजे मुक्त’ अभियान बना जन-आंदोलन: बापट बनाम कुलकर्णी का नया विवाद
सड़कों पर उतरे नागरिक: पुणे के स्थानीय नागरिकों ने ‘Ear-Splitting Speak Free Pune Action Committee’ के बैनर तले एफसी रोड पर जोरदार प्रदर्शन किया और 350 से ज्यादा नागरिकों ने नियमों को सख्ती से लागू करने की मांग की।
नारायण पेठ से समर्थन: विद्यानंद बापट द्वारा उठाए गए रुख को सोशल मीडिया पर पुणेकरों का व्यापक समर्थन मिल रहा है।
भावनाएं आहत करने की चेतावनी: इसी बीच पुणे के शिक्षाविद् धनंजय कुलकर्णी ने बापट पर बहुसंख्यक समाज की धार्मिक भावनाएं आहत करने का आरोप लगाते हुए उनके खिलाफ पुलिस में औपचारिक शिकायत दर्ज कराने की घोषणा की है।
सरकारी रुख और मानवाधिकार आयोग की दखल:🏛️ मुख्यमंत्री की पारंपरिक उत्सव मनाने की अपील: NHRC ने प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड को भेजा नोटिस
मुख्यमंत्री का संदेश: मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने पुणेकरों और राज्य की जनता से गणेशोत्सव को शांतिपूर्ण और पारंपरिक तरीके से मनाने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि पुणे पूरे राज्य के सामने यह मिसाल पेश कर सकता है कि गणेशोत्सव बिना कानफोड़ू शोर के भी भव्य रूप से मनाया जा सकता है।
NHRC का सख्त संज्ञान: यह मामला अब मानवाधिकारों के स्तर तक पहुंच चुका है। राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग (NHRC) ने गणेशोत्सव में अत्यधिक ध्वनि प्रदूषण से जुड़ी जन-शिकायतों पर संज्ञान लेते हुए महाराष्ट्र प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (MPCB) को कारण बताओ नोटिस जारी कर विस्तृत कार्रवाई रिपोर्ट तलब की है।
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