विश्व पर्यावास दिवस (World Habitat Day) के अवसर पर छत्तीसगढ़ को एक बड़ी राष्ट्रीय उपलब्धि हासिल हुई है। प्रधानमंत्री आवास योजना (शहरी) के अंतर्गत उत्कृष्ट कार्यप्रणाली और ‘बेस्ट प्रैक्टिस’ के लिए छत्तीसगढ़ राज्य का चयन किया गया है। यह सम्मान राज्य को जमीन की उपलब्धता से लेकर किफायती घर तक उपलब्ध कराने के क्षेत्र में किए गए उत्कृष्ट प्रयासों के लिए मिला है। छत्तीसगढ़ ने अन्य राज्यों की तुलना में ईडब्ल्यूएस (EWS) और एलआईजी (LIG) वर्गों के लिए भूमि आरक्षण और किफायती आवास उपलब्ध कराने की दिशा में अभूतपूर्व कार्य किया है, जिससे जरूरतमंदों का पक्के मकान का सपना साकार हो रहा है।
🏛️ विज्ञान भवन में केंद्रीय मंत्री ने प्रदान किया पुरस्कार: निजी कॉलोनियों में भूमि आरक्षण से मिली बड़ी राहत
नई दिल्ली के विज्ञान भवन में आयोजित भव्य समारोह में केंद्रीय आवासन और शहरी कार्य राज्य मंत्री तोखन साहू ने छत्तीसगढ़ को यह प्रतिष्ठित सम्मान प्रदान किया। राज्य की ओर से नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग के प्रमुख सचिव सोनमणि बोरा और SUDA के मुख्य कार्यपालन अधिकारी सुमित अग्रवाल ने यह पुरस्कार ग्रहण किया। आंकड़ों के मुताबिक, राज्य सरकार ने निजी कॉलोनियों में भूमि आरक्षण के प्रभावी प्रावधान से बिना किसी सरकारी खर्च के 25,413 आवासों के लिए भूमि उपलब्ध कराई है, जिसमें PMAY 1.0 और PMAY 2.0 दोनों के अंतर्गत हजारों आवास शामिल हैं।
🎯 ‘हर पात्र परिवार को पक्का आवास हमारा संकल्प’: मुख्यमंत्री विष्णु देव साय और उप मुख्यमंत्री अरुण साव ने दी बधाई
इस राष्ट्रीय उपलब्धि पर मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने नगरीय प्रशासन विभाग और पूरी टीम को बधाई देते हुए कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के ‘सबके लिए आवास’ के संकल्प को छत्तीसगढ़ पूरी प्रतिबद्धता के साथ आगे बढ़ा रहा है। पक्का घर केवल चार दीवारें नहीं, बल्कि परिवार की सुरक्षा और बेहतर भविष्य का आधार है। वहीं, उप मुख्यमंत्री तथा नगरीय प्रशासन एवं विकास मंत्री अरुण साव ने कहा कि राज्य ने केवल योजनाएं बनाने तक खुद को सीमित नहीं रखा, बल्कि जमीन की उपलब्धता से लेकर आवास निर्माण तक एक प्रभावी और पारदर्शी व्यवस्था विकसित की है, जिसका परिणाम आज राष्ट्रीय स्तर पर मिल रही इस पहचान के रूप में सामने है।
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