कांकेर जिले में ‘सेवा संकल्प अभियान 2026’ के तहत दिव्यांगजनों को आत्मनिर्भर बनाने के लिए कृत्रिम अंग और आवश्यक सहायक उपकरण उपलब्ध कराए जा रहे हैं। इसी कड़ी में आगामी 7 अक्टूबर को जगदलपुर के क्रीड़ा परिसर धरमपुरा में एक विशाल निःशुल्क दिव्यांग शिविर का आयोजन किया जाएगा। इस शिविर के माध्यम से कांकेर जिले के पात्र दिव्यांगजनों को शासन की विभिन्न कल्याणकारी योजनाओं का सीधा लाभ दिलाया जाएगा, जिसकी पूरी तैयारी जिला प्रशासन द्वारा कर ली गई है।
🏛️ कलेक्टर कुन्दन कुमार ने प्रेसवार्ता में दी विस्तृत जानकारी: सातों विकासखंडों से पहुंचेंगे दिव्यांगजन
कांकेर कलेक्टर कुन्दन कुमार ने जिला पंचायत सीईओ हरेश मण्डावी के साथ एक विशेष प्रेसवार्ता कर शिविर के संबंध में सभी महत्वपूर्ण जानकारियां साझा कीं। उन्होंने जिले के सभी दिव्यांगजनों से अपील की है कि वे अधिक से अधिक संख्या में इस शिविर में पहुंचकर इसका लाभ उठाएं। इस शिविर में तीन वर्ष से अधिक पुराने कृत्रिम अंगों को बदलने के साथ-साथ पात्र हितग्राहियों को कृत्रिम हाथ, पैर और कैलिपर्स उपलब्ध कराए जाएंगे। इसके अतिरिक्त, जिले के सातों विकासखंडों (अंतागढ़, भानुप्रतापपुर, चारामा, दुर्गूकोंदल, कांकेर, कोयलीबेड़ा और नरहरपुर) से चिन्हित दिव्यांगजनों को ट्राइसाइकिल, व्हीलचेयर, श्रवण यंत्र, बैसाखी, छड़ी और वॉकर जैसे सहायक उपकरण बांटे जाएंगे।
🚌 यातायात के लिए 31 वाहनों की विशेष व्यवस्था: नक्सल प्रभावित क्षेत्रों के दिव्यांगों पर रहेगा विशेष जोर
दिव्यांगजनों को सुगमता से शिविर स्थल तक पहुँचाने और वापस घर लाने के लिए जिला प्रशासन की ओर से 31 वाहनों की विशेष व्यवस्था की गई है, साथ ही उनकी सहायता के लिए सहायकों की भी नियुक्ति की गई है। प्रशासन का मुख्य फोकस विशेष रूप से नक्सल प्रभावित क्षेत्रों के पात्र दिव्यांगजनों को शासन की इन योजनाओं से जोड़ना है। शिविर में आने वाले हितग्राहियों को अपने साथ आधार कार्ड की छायाप्रति, दो पासपोर्ट साइज फोटो और दिव्यांगता प्रमाण-पत्र लाना अनिवार्य होगा। इस पहल से जिले के सैकड़ों दिव्यांगजनों के जीवन में सकारात्मक बदलाव आने की उम्मीद है।
यह खबर आपको कैसी लगी?


छत्तीसगढ़


























