उत्तर प्रदेश में आगामी विधानसभा चुनाव का आधिकारिक ऐलान भले ही अभी नहीं हुआ हो, लेकिन राज्य का राजनीतिक माहौल पूरी तरह से गरमा चुका है। इसी कड़ी में अब धार्मिक और ऐतिहासिक नगरी प्रयागराज की सियासत में पोस्टर वार की एंट्री हो चुकी है। शहर के कई प्रमुख चौराहों और व्यस्त इलाकों में कुछ नए और सनसनीखेज पोस्टर लगाए गए हैं, जिनमें खुलकर भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) का समर्थन और कांग्रेस पार्टी का विरोध किया गया है। इन पोस्टरों पर प्रमुखता से लिखा गया है कि ‘ब्राह्मण शंख बजाएगा, नेहरू वंश को ना अपनाएगा।’
📜 ‘दलित-पिछड़ा साथ चलेगा, 2027 में फिर सरकार बनाएगा’: चौराहों पर लगे पोस्टरों के जरिए सत्ता में वापसी का जोरदार दावा
हालाँकि अभी तक यह स्पष्ट नहीं हो पाया है कि ये चर्चित पोस्टर किसने और कब लगवाए हैं, लेकिन पोस्टरों की भाषा और मजमुन से यह साफ अंदाजा लगाया जा रहा है कि इन्हें बीजेपी समर्थकों या कार्यकर्ताओं द्वारा ही लगाया गया है। इन पोस्टरों में सीधे तौर पर कांग्रेस और उसके शीर्ष नेतृत्व (नेहरू-गांधी वंश) को निशाने पर लिया गया है। इसके साथ ही इसमें सामाजिक समीकरण साधने की कोशिश करते हुए लिखा गया है कि ‘दलित-पिछड़ा साथ चलेगा, मोदी-योगी मिलकर 2027 में फिर सरकार बनाएंगे।’ पोस्टरों में ‘सनातन एकता जिंदाबाद’ जैसे नारे भी बड़े-बड़े अक्षरों में छपवाए गए हैं।
🔍 पोस्टर पॉलिटिक्स से गरमाया सियासी बाजार: विपक्षी दलों ने दी तीखी प्रतिक्रिया, आगे और तेज होने के आसार
पोस्टर में ‘नेहरू वंशज’ शब्द के इस्तेमाल को सीधे तौर पर कांग्रेस की राजनीतिक विरासत पर करारा हमला माना जा रहा है। विश्लेषकों का मानना है कि इन पोस्टरों के जरिए ब्राह्मण, दलित और पिछड़ों को एकजुट कर 2027 में पार्टी की जीत का संदेश देने की रणनीति रची गई है। शहर में लगे इन पोस्टरों के सामने आने के बाद राजनीतिक गलियारों में हलचल तेज हो गई है और विपक्षी दलों ने भी इस पर अपनी तीखी प्रतिक्रियाएँ देनी शुरू कर दी हैं। जानकारों का कहना है कि यह तो महज शुरुआत है, आने वाले दिनों में प्रयागराज में पोस्टर पॉलिटिक्स और अधिक आक्रामक हो सकती है।
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