छत्तीसगढ़ के बस्तर संभाग में स्थित दंतेवाड़ा जिला अब अपने जैविक और स्थानीय कृषि उत्पादों के दम पर एक नई पहचान बना रहा है। इसी दिशा में एक और कदम बढ़ाते हुए जिले में आधिकारिक तौर पर ‘दण्डक ब्रांड’ दुकान का शुभारंभ किया गया है। इस महत्वाकांक्षी पहल का मुख्य उद्देश्य जिले में उत्पादित होने वाले शुद्ध जैविक कृषि उत्पादों और वनोपज को बेहतर राष्ट्रीय व स्थानीय बाजार उपलब्ध कराना है, जिससे ग्रामीण अंचल की महिलाओं को आर्थिक रूप से सशक्त और आत्मनिर्भर बनाया जा सके।
🛒 नीमफूल, बासमती चावल से लेकर महुआ और कोदो-कुटकी तक सजेगी दुकान
राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन ‘बिहान’ के अंतर्गत मां दंतेश्वरी महिला फार्मर प्रोड्यूसर कंपनी लिमिटेड (FPO) द्वारा संचालित इस दुकान में ‘दण्डक ब्रांड’ के विभिन्न बेहतरीन उत्पादों का लोकार्पण किया गया है।
प्रमुख उत्पाद: इस स्टोर में नीमफूल, एचएमटी, लालचुड़ी और बासमती चावल के साथ-साथ अमचूर, इमली, महुआ, कोदो, कुटकी और रागी जैसे पारंपरिक व पोषक स्थानीय उत्पाद उपलब्ध कराए गए हैं।
पैकेजिंग और मूल्य संवर्धन: इन सभी उत्पादों का मूल्य संवर्धन (Value Addition) कर आधुनिक और आकर्षक पैकेजिंग के साथ बिक्री के लिए तैयार किया गया है, जिससे किसानों और उत्पादकों को उनकी उपज का उचित दाम मिल सके।
मां दंतेश्वरी महिला FPO की यह पहल जिले के लगभग 60 उत्पादक समूहों से जुड़ी 2,500 महिला सदस्यों के लिए आजीविका का एक मजबूत जरिया बन रही है। इस दुकान का शुभारंभ विधायक चैतराम अटामी, जिला पंचायत अध्यक्ष नंदलाल मुड़ामी और जनपद पंचायत के अधिकारियों की उपस्थिति में किया गया। इस दौरान विधायक चैतराम अटामी ने महिला स्व-सहायता समूहों के इस प्रयास की सराहना की और खुद चावल का पैकेट खरीदकर उनका उत्साहवर्धन किया। अधिकारियों ने विश्वास जताया कि आने वाले समय में यह ब्रांड ग्रामीण अर्थव्यवस्था को नई ऊंचाइयां देगा।👩💼 2,500 महिला सदस्यों की मेहनत लाई रंग, विधायक चैतराम अटामी ने की खरीदारी
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