बलरामपुर। छत्तीसगढ़ के बलरामपुर जिले में शिक्षकों से अवैध रूप से पैसों की मांग करने और स्कूल की छवि धूमिल करने के उद्देश्य से सोशल मीडिया पर वीडियो वायरल करने वाले एक यूट्यूबर सहित तीन आरोपियों को पुलिस ने गिरफ्तार कर सलाखों के पीछे भेज दिया है। यह पूरा मामला पस्ता थाना क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले प्राथमिक शाला पुटसु का है, जहाँ आरोपियों ने अपनी हरकतों से शिक्षा विभाग और शिक्षकों को परेशान कर रखा था।
🏫 10 हजार रुपये की मांग और वीडियो वायरल करने की धमकी: थाने में दर्ज हुई थी रिपोर्ट
पुलिस से प्राप्त जानकारी के अनुसार, प्राथमिक शाला पुटसु में पदस्थ सहायक शिक्षक एवं प्रभारी प्रधान पाठक रुकमण बारीक ने थाने में लिखित शिकायत दर्ज कराई थी। रिपोर्ट में बताया गया कि यूट्यूबर दीपक यादव और उसके साथियों ने अपने फाउंडेशन के नाम पर 10 हजार रुपए की अवैध वसूली की मांग की थी। इसके बाद 25 अगस्त को आरोपी श्रवण यादव और सूर्या यादव स्कूल पहुँचे और बिना किसी अनुमति के स्कूल परिसर का वीडियो बनाने लगे। विरोध करने पर उन्होंने शिक्षकों के साथ अभद्र व्यवहार किया और रुपए न देने पर वीडियो को यूट्यूब व फेसबुक पर डालकर नौकरी से निलंबित करवाने व बदनाम करने की धमकी दी।
⚖️ हाईकोर्ट से अग्रिम जमानत खारिज होने के बाद किया आत्मसमर्पण, भेजे गए जेल
प्रार्थी की शिकायत पर पस्ता थाने में अपराध क्रमांक 44/2026 के तहत भारतीय न्याय संहिता (BNS) की गंभीर धाराओं (धारा 221, 351(2), 308(2), 356(3), 3(5)) के तहत मामला पंजीबद्ध कर पुलिस ने विवेचना शुरू की थी। पुलिस ने घटनास्थल का निरीक्षण कर सोशल मीडिया पर प्रसारित वीडियो, फोटो और पेन ड्राइव जैसे साक्ष्य जब्त किए। मामले में मुख्य आरोपी यूट्यूबर दीपक यादव ने उच्च न्यायालय से अग्रिम जमानत पाने का प्रयास किया था, जिसे न्यायालय ने खारिज कर दिया। इसके बाद बुधवार शाम को तीनों आरोपियों ने न्यायालय में आत्मसमर्पण कर दिया, जहाँ से उन्हें न्यायिक रिमांड पर जिला जेल रामानुजगंज भेज दिया गया है।
📢 बलरामपुर पुलिस की आमजन से अपील: सोशल मीडिया का करें जिम्मेदारी से उपयोग
इस पूरी कार्रवाई के बाद बलरामपुर पुलिस ने नागरिकों से अपील की है कि सोशल मीडिया का उपयोग पूरी जिम्मेदारी के साथ करें। किसी भी व्यक्ति या संस्था की प्रतिष्ठा को नुकसान पहुँचाने वाले वीडियो या फोटो बिना तथ्यों की सत्यता जांचे पोस्ट न करें। पुलिस ने यह भी स्पष्ट किया है कि यदि कोई भी व्यक्ति अवैध मांग या धमकी देता है, तो उसकी तुरंत नजदीकी पुलिस थाने में सूचना दी जाए ताकि समय रहते सख्त कानूनी कदम उठाया जा सके।
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