मुंबई (महाराष्ट्र): आगामी पावन दही हांडी (Dahi Handi) उत्सव से ठीक पूर्व महाराष्ट्र सरकार ने राज्य भर के गोविंदा पथकों और युवाओं हेतु एक अत्यंत महत्वपूर्ण व राहत भरा निर्णय लिया है।
राज्य सरकार ने इस वर्ष लगभग 1.60 लाख गोविंदाओं को 10 लाख रुपये तक का निःशुल्क दुर्घटना बीमा कवर (Accidental Insurance Cover) प्रदान करने की आधिकारिक घोषणा की है, ताकि किसी भी अनहोनी या दुर्घटना की स्थिति में गोविंदाओं एवं उनके परिजनों को त्वरित वित्तीय सहायता प्राप्त हो सके। उल्लेखनीय है कि गत वर्ष सरकार ने 1.5 लाख गोविंदाओं हेतु बीमा कवर का प्रावधान किया था, जिसे इस बार विस्तारित कर 1.60 लाख कर दिया गया है।
💰 दुर्घटना और विकलांगता के आधार पर मिलेगी सहायता: जानें किस स्थिति में कितना मिलेगा मुआवजा
राज्य शासन द्वारा जारी आधिकारिक जीआर (Government Resolution) के अनुसार, दही हांडी के दौरान मानव पिरामिड (Human Pyramid) बनाते समय होने वाली अवांछित दुर्घटनाओं पर अलग-अलग परिस्थितियों के आधार पर आर्थिक सहायता स्वीकृत की जाएगी:
आकस्मिक दुर्भाग्यपूर्ण मृत्यु होने पर: ₹10 लाख की सहायता
दोनों हाथ-पैर अथवा दोनों आँखों की दृष्टि खोने पर: ₹10 लाख का मुआवजा
स्थायी पूर्ण विकलांगता (Permanent Total Disability) की स्थिति में: ₹10 लाख
एक हाथ, एक पैर या एक आंख गंवाने पर: ₹5 लाख
स्थायी आंशिक विकलांगता पर: बीमा पॉलिसी के नियमों व निर्धारित प्रतिशत के अनुसार सहायता
अस्पताल में भर्ती होने पर (चिकित्सा व्यय): वास्तविक उपचार खर्च या अधिकतम ₹1 लाख तक की सीमा
महाराष्ट्र सरकार ने स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि इस कल्याणकारी योजना का लाभ केवल उन्हीं गोविंदाओं को प्राप्त होगा, जो ‘महाराष्ट्र राज्य गोविंदा एसोसिएशन’ द्वारा सत्यापित और विधिवत पंजीकृत (Registered) होंगे।📝 केवल पंजीकृत और नियमों का पालन करने वाले गोविंदाओं को ही मिलेगा बीमा का लाभ
इसके अतिरिक्त, माननीय न्यायालय द्वारा निर्धारित की गई न्यूनतम आयु सीमा (Age Limit) का कड़ाई से अनुपालन करना अनिवार्य होगा। यह विशेष बीमा कवर केवल दही हांडी उत्सव की समयावधि में मानव मीनार का निर्माण करते समय हुई प्रत्यक्ष दुर्घटनाओं पर ही प्रभावी होगा। किसी अन्य व्यक्तिगत कारण या बाहरी हादसे को इसके दायरे में सम्मिलित नहीं किया जाएगा।
🏟️ राज्य खेल विकास कोष से वहन होगा पूरा खर्च, सरकारी बीमा कंपनी का होगा चयन
इस संपूर्ण बीमा योजना का वित्तीय भार महाराष्ट्र सरकार के ‘राज्य खेल विकास कोष’ (State Sports Development Fund) से वहन किया जाएगा।
योजना के निष्पादन हेतु सरकार प्रति गोविंदा अधिकतम 75 रुपये या उससे कम प्रीमियम दर वाली किसी सार्वजनिक/सरकारी बीमा कंपनी का चयन करेगी। सरकार के इस दूरगामी कदम से पारंपरिक एवं साहसिक खेल के रूप में मान्यता प्राप्त दही हांडी उत्सव में भाग लेने वाले हजारों युवाओं की सामाजिक व वित्तीय सुरक्षा सुनिश्चित होगी और किसी अप्रिय हादसे की स्थिति में उनके परिवारों को संबल प्राप्त होगा।
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