आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) कंपनी एंथ्रोपिक अपने प्रसिद्ध एआई मॉडल ‘क्लॉड’ (Claude) से तैयार किए गए टेक्स्ट की पहचान सुनिश्चित करने के लिए एक अत्याधुनिक ‘हिडन वॉटरमार्किंग सिस्टम’ पेश कर रही है।
यदि क्लॉड मॉडल की सहायता से कोई कंटेंट तैयार किया जाता है और उसमें कोई बड़ा संपादन (Editing) नहीं किया जाता, तो इस तकनीक की मदद से यह सटीक रूप से पता लगाया जा सकेगा कि संबंधित ड्राफ्ट क्लॉड द्वारा लिखा गया है। इस तकनीक की सबसे बड़ी खासियत यह है कि यह वॉटरमार्क टेक्स्ट में कोई अलग अक्षर, विशेष फॉन्ट या दृश्यमान (Visible) निशान नहीं छोड़ेगा। इसके स्थान पर क्लॉड वाक्य निर्माण के दौरान शब्दों के चयन में एक खास क्रिप्टोग्राफिक पैटर्न बनाएगा, जिसे डिटेक्शन सिस्टम आसानी से पकड़ सकेगा।
🔑 शब्दों के चुनाव और खास पैटर्न से तैयार होगा हिडन वॉटरमार्क
एंथ्रोपिक के अनुसार, जब क्लॉड मॉडल दो या दो से अधिक समान अर्थ वाले शब्दों में से किसी एक का चयन करता है, तो सिस्टम उसके पीछे मौजूद ‘रैंडमनेस’ (Randomness) के स्रोत को एक निश्चित पैटर्न में बदल देगा:
स्पेशल की से पहचान: इस खास पैटर्न को एक समर्पित डिटेक्शन सिस्टम और ‘स्पेशल की’ (Key) की मदद से डिकोड किया जा सकेगा।
क्वालिटी पर असर नहीं: इसमें मॉडल को कोई असामान्य या अटपटे शब्द चुनने के लिए विवश नहीं किया जाएगा।
सिंथआईडी तकनीक का उपयोग: एंथ्रोपिक ने इस व्यवस्था के लिए गूगल डीपमाइंड की वर्ष 2024 में प्रकाशित SynthID-Text तकनीक के उन्नत वर्जन का इस्तेमाल किया है। आंतरिक परीक्षणों में यह साबित हुआ है कि इससे लेखन की रचनात्मकता और पठनीयता पर कोई नकारात्मक प्रभाव नहीं पड़ता।
यह वॉटरमार्क केवल यह अनुमान लगाने और पुष्टि करने के लिए डिज़ाइन किया गया है कि किसी टेक्स्ट में क्लॉड मॉडल की कितनी भूमिका रही है:🎯 हर AI टेक्स्ट की पूरी उत्पत्ति नहीं बताएगा, यूजर डेटा रहेगा पूरी तरह सुरक्षित
डेटा प्राइवेसी: यह सिस्टम किसी भी यूजर की व्यक्तिगत पहचान, उसकी संस्था या प्रॉम्प्ट वार्तालाप का विवरण उजागर नहीं करेगा।
थर्ड पार्टी कंटेंट: यह तकनीक यह नहीं बता सकती कि कंटेंट किसी अन्य एआई (जैसे चैटजीपीटी या जेमिनी) द्वारा लिखा गया है या नहीं।
सीमाएं: बहुत छोटे टेक्स्ट, तथ्यात्मक सूचियों, कोडिंग और बेसिक प्रूफरीडिंग में यह वॉटरमार्क कमजोर हो सकता है, क्योंकि वहां शब्द बदलने की गुंजाइश सीमित होती है।
एंथ्रोपिक के अनुसार, टेक्स्ट में हल्की-फुल्की एडिटिंग करने के बाद भी यह अदृश्य वॉटरमार्क मौजूद रहेगा। हालांकि, यदि पूरे टेक्स्ट को मानव द्वारा अपने शब्दों में दोबारा लिखा (Re-write) जाता है, तो यह पैटर्न हट जाएगा।✍️ री-राइटिंग से हट सकेगा वॉटरमार्क, जल्द जारी होगी डिटेक्शन API
क्लॉड द्वारा किए गए विभिन्न भाषाओं के अनुवादों में भी यह वॉटरमार्क बरकरार रहेगा, क्योंकि अनुवाद में शब्दों का चयन मॉडल द्वारा ही किया जाता है। कंपनी पारंपरिक डिटेक्टरों से अलग एक आधिकारिक Detection API भी विकसित कर रही है, जिसकी मदद से उपयोगकर्ता और थर्ड पार्टी डेवलपर्स टेक्स्ट की प्रामाणिकता की स्वतंत्र रूप से जांच कर सकेंगे।
🖼️ इमेज फाइलों में C2PA कंटेंट क्रेडेंशियल्स का उपयोग
टेक्स्ट के साथ-साथ एंथ्रोपिक क्लॉड द्वारा जनरेट या प्रोसेस की गई इमेज फाइलों (जैसे PNG, JPG और SVG) के लिए C2PA कंटेंट क्रेडेंशियल्स का इस्तेमाल करेगा:
मेटाडेटा सुरक्षा: क्रिप्टोग्राफिक तरीके से हस्ताक्षरित यह मेटाडेटा स्पष्ट करेगा कि संबंधित मीडिया फाइल के निर्माण में क्लॉड की भूमिका रही है।
ओपन स्टैंडर्ड: C2PA एक अंतरराष्ट्रीय ओपन स्टैंडर्ड है, जिसका उपयोग दुनिया भर के प्रमुख कैमरा निर्माता और फोटो एडिटिंग सॉफ्टवेयर पहले से कर रहे हैं।
एंथ्रोपिक इस वॉटरमार्किंग सिस्टम को विश्व स्तर पर एक साथ लागू कर रहा है। यह कदम यूरोपीय संघ के एआई एक्ट (EU AI Act) के अनुपालन और पारदर्शिता के मानकों को पूरा करने के लिए उठाया गया है।🌍 यूरोपीय संघ (EU) के AI एक्ट के तहत दुनियाभर में लागू होगी व्यवस्था
कंपनी ने जुलाई 2026 में यूरोपीय संघ के कोड ऑफ प्रैक्टिस पर हस्ताक्षर किए थे, जिसमें दुनिया की प्रमुख टेक कंपनियां शामिल हैं। एंथ्रोपिक 2 अगस्त 2026 से पूर्व लॉन्च किए जा चुके अपने पुराने मॉडलों में भी आगामी समय में इस वाटरमार्किंग तकनीक को एकीकृत करने की दिशा में कार्य कर रहा है।
यह खबर आपको कैसी लगी?



टेक्नोलॉजी




























