बुरहानपुर: मध्य प्रदेश के बुरहानपुर जिले से एक बेहद मार्मिक और झकझोर देने वाली कहानी सामने आई है, जहाँ एक समर्पित पत्नी पिछले नौ लंबे वर्षों से अपने गंभीर रूप से दिव्यांग पति को अपनी पीठ पर लादकर सरकारी सहायता और मदद पाने के लिए दर-दर भटकने को मजबूर थी। इस संवेदनशील मामले से जुड़ी खबर जब मीडिया के विभिन्न माध्यमों पर प्रमुखता से प्रसारित हुई, तो उसका त्वरित और सकारात्मक असर देखने को मिला। खबर के तूल पकड़ते ही प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने खुद इस पूरे मामले का संज्ञान लिया और बुरहानपुर के जिला कलेक्टर विवेक कुमार को तत्काल प्रभाव से दिव्यांग व्यक्ति को एक नई ट्राई साइकिल उपलब्ध कराने के सख्त निर्देश दिए। प्राप्त विवरण के अनुसार, गत 31 अक्टूबर को एक बुजुर्ग महिला द्वारा अपने दिव्यांग जीवनसंग साथी को पीठ पर लादकर जिला कलेक्टर कार्यालय तक की कठिन दौड़ लगाने की खबर सामने आई थी, जो देखते ही देखते सोशल मीडिया पर चर्चा का विषय बन गई। जब यह हृदयस्पर्शी वीडियो और व्यथा राज्य के मुखिया मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव तक पहुँची, तो उनका दिल पसीज गया। मुख्यमंत्री ने बिना किसी देरी के मामले में सीधे हस्तक्षेप किया और बुरहानपुर कलेक्टर को निर्देश दिए कि पीड़ित परिवार को तुरंत राहत पहुंचाई जाए। प्रशासन ने भी बिना एक पल गंवाए त्वरित कार्रवाई करते हुए दिव्यांग पति को ट्राई साइकिल उपलब्ध करा दी, जिसके बाद मुख्यमंत्री ने खुद सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म फेसबुक पर इस बात की आधिकारिक जानकारी साझा की। इस पूरे घटनाक्रम पर अपनी प्रतिक्रिया देते हुए मुख्यमंत्री मोहन यादव ने फेसबुक पर लिखा, “बुरहानपुर की हमारी एक बहन बिंदूबाई का अपने दिव्यांग पति दयाशंकर को अपनी पीठ व कंधे पर उठाकर कलेक्टर कार्यालय पहुंचने का अत्यंत हृदयस्पर्शी वीडियो मेरे संज्ञान में आया था। इसे देखते ही मैंने तत्काल जिला कलेक्टर को आवश्यक सहायता प्रदान करने के निर्देश जारी कर दिए थे। मुझे इस बात की बेहद प्रसन्नता है कि अब दयाशंकर जी को ट्राई साइकिल उपलब्ध करा दी गई है। हमारी यह सरकार पूरी तरह से संवेदनशील सरकार है, और हमारा हमेशा यही प्रयास रहता है कि प्रदेश के किसी भी जरूरतमंद नागरिक की पीड़ा अनसुनी न रह जाए तथा हर परिवार को गरिमापूर्ण जीवन जीने के लिए आवश्यक सहयोग प्राप्त हो।” गौरतलब है कि लगभग 9 वर्ष पूर्व बिंदूबाई के पति दयाशंकर को अचानक लकवा (पैरालिसिस) का गंभीर दौरा पड़ा था, जिसके इलाज के दौरान डॉक्टरों को उनका एक पैर भी काटना पड़ गया था। उस विकट परिस्थिति से लेकर आज तक, यह बुजुर्ग महिला अकेले अपने पति को अपनी पीठ पर बैठाकर एक स्थान से दूसरे स्थान तक लाने-ले जाने का संघर्ष कर रही है। इसी कड़ी में वे अपनी सुगम आवाजाही के लिए एक ट्राई साइकिल की गुहार लगाने कलेक्टर कार्यालय पहुँची थीं। प्रशासनिक मदद के रूप में ट्राई साइकिल मिलने के बाद अब दिव्यांग दयाशंकर और उनकी संघर्षशील पत्नी बिंदूबाई ने चैन और राहत की सांस ली है।सोशल मीडिया और खबरों के जरिए मुख्यमंत्री तक पहुंची बुजुर्ग दंपति की बेबसी, प्रशासनिक अमले ने दिखाई तत्परता
मुख्यमंत्री मोहन यादव ने सोशल मीडिया पर साझा की भावनाएं, कहा— “हमारी संवेदनशील सरकार किसी भी जरूरतमंद की पीड़ा को अनसुनी नहीं होने देगी”
नौ साल पहले पैरालिसिस के बाद काटना पड़ा था पैर, पत्नी के संघर्ष के बाद अब राहत की सांस ले रहा है पीड़ित परिवार
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बुरहानपुर: मध्य प्रदेश के बुरहानपुर जिले से एक बेहद मार्मिक और झकझोर देने वाली कहानी सामने आई है, जहाँ एक समर्पित पत्नी पिछले नौ लंबे वर्षों से अपने गंभीर रूप से दिव्यांग पति को अपनी पीठ पर लादकर सरकारी सहायता और मदद पाने के लिए दर-दर भटकने को मजबूर थी। इस संवेदनशील मामले से जुड़ी खबर जब मीडिया के विभिन्न माध्यमों पर प्रमुखता से प्रसारित हुई, तो उसका त्वरित और सकारात्मक असर देखने को मिला। खबर के तूल पकड़ते ही प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने खुद इस पूरे मामले का संज्ञान लिया और बुरहानपुर के जिला कलेक्टर विवेक कुमार को तत्काल प्रभाव से दिव्यांग व्यक्ति को एक नई ट्राई साइकिल उपलब्ध कराने के सख्त निर्देश दिए।
सोशल मीडिया और खबरों के जरिए मुख्यमंत्री तक पहुंची बुजुर्ग दंपति की बेबसी, प्रशासनिक अमले ने दिखाई तत्परता
प्राप्त विवरण के अनुसार, गत 31 अक्टूबर को एक बुजुर्ग महिला द्वारा अपने दिव्यांग जीवनसंग साथी को पीठ पर लादकर जिला कलेक्टर कार्यालय तक की कठिन दौड़ लगाने की खबर सामने आई थी, जो देखते ही देखते सोशल मीडिया पर चर्चा का विषय बन गई। जब यह हृदयस्पर्शी वीडियो और व्यथा राज्य के मुखिया मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव तक पहुँची, तो उनका दिल पसीज गया। मुख्यमंत्री ने बिना किसी देरी के मामले में सीधे हस्तक्षेप किया और बुरहानपुर कलेक्टर को निर्देश दिए कि पीड़ित परिवार को तुरंत राहत पहुंचाई जाए। प्रशासन ने भी बिना एक पल गंवाए त्वरित कार्रवाई करते हुए दिव्यांग पति को ट्राई साइकिल उपलब्ध करा दी, जिसके बाद मुख्यमंत्री ने खुद सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म फेसबुक पर इस बात की आधिकारिक जानकारी साझा की।
मुख्यमंत्री मोहन यादव ने सोशल मीडिया पर साझा की भावनाएं, कहा— “हमारी संवेदनशील सरकार किसी भी जरूरतमंद की पीड़ा को अनसुनी नहीं होने देगी”
इस पूरे घटनाक्रम पर अपनी प्रतिक्रिया देते हुए मुख्यमंत्री मोहन यादव ने फेसबुक पर लिखा, “बुरहानपुर की हमारी एक बहन बिंदूबाई का अपने दिव्यांग पति दयाशंकर को अपनी पीठ व कंधे पर उठाकर कलेक्टर कार्यालय पहुंचने का अत्यंत हृदयस्पर्शी वीडियो मेरे संज्ञान में आया था। इसे देखते ही मैंने तत्काल जिला कलेक्टर को आवश्यक सहायता प्रदान करने के निर्देश जारी कर दिए थे। मुझे इस बात की बेहद प्रसन्नता है कि अब दयाशंकर जी को ट्राई साइकिल उपलब्ध करा दी गई है। हमारी यह सरकार पूरी तरह से संवेदनशील सरकार है, और हमारा हमेशा यही प्रयास रहता है कि प्रदेश के किसी भी जरूरतमंद नागरिक की पीड़ा अनसुनी न रह जाए तथा हर परिवार को गरिमापूर्ण जीवन जीने के लिए आवश्यक सहयोग प्राप्त हो।”
नौ साल पहले पैरालिसिस के बाद काटना पड़ा था पैर, पत्नी के संघर्ष के बाद अब राहत की सांस ले रहा है पीड़ित परिवार
गौरतलब है कि लगभग 9 वर्ष पूर्व बिंदूबाई के पति दयाशंकर को अचानक लकवा (पैरालिसिस) का गंभीर दौरा पड़ा था, जिसके इलाज के दौरान डॉक्टरों को उनका एक पैर भी काटना पड़ गया था। उस विकट परिस्थिति से लेकर आज तक, यह बुजुर्ग महिला अकेले अपने पति को अपनी पीठ पर बैठाकर एक स्थान से दूसरे स्थान तक लाने-ले जाने का संघर्ष कर रही है। इसी कड़ी में वे अपनी सुगम आवाजाही के लिए एक ट्राई साइकिल की गुहार लगाने कलेक्टर कार्यालय पहुँची थीं। प्रशासनिक मदद के रूप में ट्राई साइकिल मिलने के बाद अब दिव्यांग दयाशंकर और उनकी संघर्षशील पत्नी बिंदूबाई ने चैन और राहत की सांस ली है।


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