देवास: मध्य प्रदेश के देवास जिले में अवैध शराब के अवैध कारोबार और तस्करी पर नकेल कसने पहुंचे एक कर्तव्यनिष्ठ पुलिस अधिकारी को अपनी जान की कीमत चुकानी पड़ी है। शराब तस्करों ने खातेगांव के थाना प्रभारी (TI) दिलीप पुरी को अपने तेज रफ्तार ट्रक से कुचलकर बेरहमी से मार डाला। इस गंभीर रूप से घायल अधिकारी को तुरंत अस्पताल ले जाया गया, जहाँ लगभग दो घंटे तक चले सघन इलाज के बावजूद उनकी प्राण रक्षा नहीं की जा सकी। इस अत्यंत दुखद और वीभत्स घटना के बाद राज्य के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने एक बड़ा और संवेदनशील कदम उठाते हुए दिवंगत टीआई के परिवार को एक करोड़ रुपये की आर्थिक सहायता प्रदान करने तथा उनकी पत्नी को उप-निरीक्षक (SI) के पद पर अनुकंपा नियुक्ति देने की आधिकारिक घोषणा की है। यह सनसनीखेज वारदात रविवार देर रात इंदौर-बैतूल हाईवे पर खातेगांव और संदलपुर के बीच के हिस्से में घटित हुई। दिवंगत टीआई दिलीप पुरी अपनी पुलिस टीम के साथ गुप्त सूचना के आधार पर अवैध शराब से भरे एक संदिग्ध ट्रक को पकड़ने के लिए पहुँचे थे। इसी दौरान बेरहम ट्रक चालक ने उन्हें जानबूझकर कुचल दिया और मौके से फरार हो गया। इस घटना की गंभीरता और भीषणता को देखते हुए राज्य सरकार ने तत्काल प्रभाव से एक विशेष जांच दल (SIT) का गठन कर दिया है। इसके साथ ही, स्पेशल डीजी उपेंद्र जैन ने अन्य वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों के साथ घटनास्थल पर पहुंचकर मुआयना किया और साक्ष्यों का जायजा लिया। दिवंगत थाना प्रभारी दिलीप पुरी के निधन पर गहरा शोक व्यक्त करते हुए मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि कर्तव्य के निर्वहन के दौरान अपने प्राणों की आहुति देने वाले इस जांबाज अधिकारी का बलिदान कभी व्यर्थ नहीं जाने दिया जाएगा। प्रदेश सरकार इस दुख की घड़ी में पीड़ित परिवार के साथ पूरी मजबूती के साथ खड़ी है और इस जघन्य कृत्य में शामिल एक-एक आरोपी के खिलाफ कानून के तहत सबसे कड़ी कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी। वहीं, दूसरी ओर देवास जिले के प्रभारी मंत्री एवं उपमुख्यमंत्री जगदीश देवड़ा ने भी इस घटना की तीव्र भर्त्सना करते हुए स्पष्ट किया है कि इस वीभत्स हत्याकांड के दोषियों को किसी भी कीमत पर बख्शा नहीं जाएगा। प्राप्त विवरण के अनुसार, रविवार की देर रात लगभग एक बजे टीआई दिलीप पुरी को अवैध शराब के परिवहन की पुख्ता सूचना प्राप्त हुई थी, जिसके बाद वे अपनी टीम के साथ तुरंत इंदौर-बैतूल हाईवे पर कार्रवाई के लिए निकल पड़े थे। इस दौरान नेमावर पुलिस भी उसी संदिग्ध ट्रक का पीछा कर रही थी। पुलिस दल को वह ट्रक एक ढाबे के नजदीक डिवाइडर के किनारे खड़ा हुआ मिला। जब टीआई दिलीप पुरी ने ट्रक के चालक को नीचे उतरने का निर्देश दिया, तो चालक ने वाहन रोकने के बजाय हड़बड़ी और दुस्साहस दिखाते हुए ट्रक को डिवाइडर पर चढ़ा दिया और तेजी से आगे बढ़ाने लगा। इसी अफरा-तफरी के बीच तेज रफ्तार ट्रक का पिछला पहिया टीआई के ऊपर से गुजर गया। गंभीर रूप से घायल अवस्था में उन्हें खातेगांव के एक निजी अस्पताल पहुँचाया गया, जहाँ डॉक्टरों ने सीपीआर और तमाम आधुनिक चिकित्सा पद्धतियों से उनकी जान बचाने का अथक प्रयास किया, परंतु वे सफल नहीं हो सके। घटना को अंजाम देने के बाद चालक उस ट्रक को डिवाइडर के दूसरी तरफ ले गया और संदलपुर फाटे के समीप वाहन लावारिस हालत में छोड़कर मौके से फरार हो गया। पुलिस ने तुरंत मुस्तैदी दिखाते हुए इस मामले में केरम सिंह नामक एक आरोपी को आलीराजपुर जिले के बेहड़वा क्षेत्र से गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस पूछताछ में यह बात सामने आई है कि वह पकड़ा गया शख्स उस ट्रक का वास्तविक मालिक है और घटना के वक्त अपनी निजी कार से ट्रक के आगे-आगे चलकर उसकी पायलटिंग (रेकी) कर रहा था। हालांकि, मुख्य ट्रक चालक अभी भी पुलिस की पकड़ से बाहर है। उसकी गिरफ्तारी के लिए पुलिस की कई विशेष टीमें आलीराजपुर, झाबुआ और पड़ोसी राज्य गुजरात के विभिन्न ठिकानों पर लगातार दबिश दे रही हैं। प्रारंभिक जांच में यह भी पता चला है कि इस घटना में प्रयुक्त किया गया ट्रक रतलाम पासिंग का है। इसके अलावा, पुलिस ने हरदा जिले की टिमरनी तहसील के एक शराब ठेकेदार और कुछ कर्मचारियों को भी पूछताछ के दायरे में लिया है। आबकारी उपनिरीक्षक पूजा गेहलोत ने जानकारी साझा करते हुए बताया कि उस संदिग्ध ट्रक का बेस सामान्य ट्रकों की तुलना में लगभग दो फीट अधिक ऊंचा बनाया गया था, और वाहन के भीतर विशेष रूप से गुप्त कंपार्टमेंट (खाना) बनाकर उनमें अवैध शराब भारी मात्रा में भरी गई थी। इस पूरे नेक्सस की गहराई से तहकीकात करने के लिए देवास के एसपी आदित्य मिश्रा के निर्देशन में एक विशेष एसआईटी का गठन किया गया है। जांच के दौरान जो भी नए तथ्य और नाम सामने आएंगे, उनके आधार पर अगली कानूनी कार्रवाई की जाएगी। मामले की संवेदनशीलता को भांपते हुए विशेष डीजी उपेंद्र जैन को विशेष रूप से भोपाल से घटनास्थल पर भेजा गया था, जहाँ उन्होंने उज्जैन रेंज के एडीजी राकेश गुप्ता व अन्य वरिष्ठ अधिकारियों के साथ मिलकर घटनास्थल का जायजा लिया। शहीद हुए थाना प्रभारी दिलीप पुरी वर्ष 2007 बैच के बेहद अनुभवी और कर्तव्यनिष्ठ सब-इंस्पेक्टर थे। वे मूल रूप से मध्य प्रदेश के धार जिले के सरदारपुर तहसील के अंतर्गत आने वाले बरमंडल गांव के रहने वाले थे। अपने लंबे पुलिस सेवाकाल के दौरान उन्होंने खंडवा, आलीराजपुर, बालाघाट, सतना, इंदौर और बड़वानी जैसे जिलों में अपनी उत्कृष्ट सेवाएं दी थीं। कुछ ही महीने पहले उनका तबादला बड़वानी से देवास जिले में हुआ था। उनके परिवार में उनकी धर्मपत्नी कविता के अलावा एक बेटी और एक बेटा हैं, जिनकी बेटी वर्तमान में इंदौर में रहकर एमबीबीएस की पढ़ाई कर रही है। उनके पिता ओमप्रकाश पुरी एक साधारण किसान हैं, जबकि उनका छोटा भाई इंदौर में रहकर निजी नौकरी संभालता है।इंदौर-बैतूल हाईवे पर संदलपुर के पास हुई दर्दनाक घटना, स्पेशल डीजी उपेंद्र जैन ने वरिष्ठ अधिकारियों के साथ किया घटनास्थल का निरीक्षण
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की दो टूक— ‘कर्तव्य पथ पर जान गंवाने वाले पुलिस अधिकारी का बलिदान व्यर्थ नहीं जाएगा, दोषियों को मिलेगी कड़ी सजा’
ट्रक चालक को नीचे उतारने का दिया गया था निर्देश, वाहन रोकने के बजाय डिवाइडर पर चढ़ाकर टीआई को रौंदा
ट्रक का मालिक केरम सिंह आलीराजपुर से गिरफ्तार, मुख्य चालक की तलाश में गुजरात, झाबुआ और आलीराजपुर में पुलिस की दबिश
विशेष रूप से मोडिफाइड था शराब से भरा ट्रक, उच्चस्तरीय जांच के लिए एसआईटी (SIT) गठित
वर्ष 2007 बैच के कुशाग्र सब-इंस्पेक्टर थे दिलीप पुरी, धार जिले के बरमंडल गांव से ताल्लुक रखते थे दिवंगत अधिकारी
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देवास: मध्य प्रदेश के देवास जिले में अवैध शराब के अवैध कारोबार और तस्करी पर नकेल कसने पहुंचे एक कर्तव्यनिष्ठ पुलिस अधिकारी को अपनी जान की कीमत चुकानी पड़ी है। शराब तस्करों ने खातेगांव के थाना प्रभारी (TI) दिलीप पुरी को अपने तेज रफ्तार ट्रक से कुचलकर बेरहमी से मार डाला। इस गंभीर रूप से घायल अधिकारी को तुरंत अस्पताल ले जाया गया, जहाँ लगभग दो घंटे तक चले सघन इलाज के बावजूद उनकी प्राण रक्षा नहीं की जा सकी। इस अत्यंत दुखद और वीभत्स घटना के बाद राज्य के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने एक बड़ा और संवेदनशील कदम उठाते हुए दिवंगत टीआई के परिवार को एक करोड़ रुपये की आर्थिक सहायता प्रदान करने तथा उनकी पत्नी को उप-निरीक्षक (SI) के पद पर अनुकंपा नियुक्ति देने की आधिकारिक घोषणा की है।
इंदौर-बैतूल हाईवे पर संदलपुर के पास हुई दर्दनाक घटना, स्पेशल डीजी उपेंद्र जैन ने वरिष्ठ अधिकारियों के साथ किया घटनास्थल का निरीक्षण
यह सनसनीखेज वारदात रविवार देर रात इंदौर-बैतूल हाईवे पर खातेगांव और संदलपुर के बीच के हिस्से में घटित हुई। दिवंगत टीआई दिलीप पुरी अपनी पुलिस टीम के साथ गुप्त सूचना के आधार पर अवैध शराब से भरे एक संदिग्ध ट्रक को पकड़ने के लिए पहुँचे थे। इसी दौरान बेरहम ट्रक चालक ने उन्हें जानबूझकर कुचल दिया और मौके से फरार हो गया। इस घटना की गंभीरता और भीषणता को देखते हुए राज्य सरकार ने तत्काल प्रभाव से एक विशेष जांच दल (SIT) का गठन कर दिया है। इसके साथ ही, स्पेशल डीजी उपेंद्र जैन ने अन्य वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों के साथ घटनास्थल पर पहुंचकर मुआयना किया और साक्ष्यों का जायजा लिया।
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की दो टूक— ‘कर्तव्य पथ पर जान गंवाने वाले पुलिस अधिकारी का बलिदान व्यर्थ नहीं जाएगा, दोषियों को मिलेगी कड़ी सजा’
दिवंगत थाना प्रभारी दिलीप पुरी के निधन पर गहरा शोक व्यक्त करते हुए मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि कर्तव्य के निर्वहन के दौरान अपने प्राणों की आहुति देने वाले इस जांबाज अधिकारी का बलिदान कभी व्यर्थ नहीं जाने दिया जाएगा। प्रदेश सरकार इस दुख की घड़ी में पीड़ित परिवार के साथ पूरी मजबूती के साथ खड़ी है और इस जघन्य कृत्य में शामिल एक-एक आरोपी के खिलाफ कानून के तहत सबसे कड़ी कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी। वहीं, दूसरी ओर देवास जिले के प्रभारी मंत्री एवं उपमुख्यमंत्री जगदीश देवड़ा ने भी इस घटना की तीव्र भर्त्सना करते हुए स्पष्ट किया है कि इस वीभत्स हत्याकांड के दोषियों को किसी भी कीमत पर बख्शा नहीं जाएगा।
ट्रक चालक को नीचे उतारने का दिया गया था निर्देश, वाहन रोकने के बजाय डिवाइडर पर चढ़ाकर टीआई को रौंदा
प्राप्त विवरण के अनुसार, रविवार की देर रात लगभग एक बजे टीआई दिलीप पुरी को अवैध शराब के परिवहन की पुख्ता सूचना प्राप्त हुई थी, जिसके बाद वे अपनी टीम के साथ तुरंत इंदौर-बैतूल हाईवे पर कार्रवाई के लिए निकल पड़े थे। इस दौरान नेमावर पुलिस भी उसी संदिग्ध ट्रक का पीछा कर रही थी। पुलिस दल को वह ट्रक एक ढाबे के नजदीक डिवाइडर के किनारे खड़ा हुआ मिला। जब टीआई दिलीप पुरी ने ट्रक के चालक को नीचे उतरने का निर्देश दिया, तो चालक ने वाहन रोकने के बजाय हड़बड़ी और दुस्साहस दिखाते हुए ट्रक को डिवाइडर पर चढ़ा दिया और तेजी से आगे बढ़ाने लगा। इसी अफरा-तफरी के बीच तेज रफ्तार ट्रक का पिछला पहिया टीआई के ऊपर से गुजर गया। गंभीर रूप से घायल अवस्था में उन्हें खातेगांव के एक निजी अस्पताल पहुँचाया गया, जहाँ डॉक्टरों ने सीपीआर और तमाम आधुनिक चिकित्सा पद्धतियों से उनकी जान बचाने का अथक प्रयास किया, परंतु वे सफल नहीं हो सके।
ट्रक का मालिक केरम सिंह आलीराजपुर से गिरफ्तार, मुख्य चालक की तलाश में गुजरात, झाबुआ और आलीराजपुर में पुलिस की दबिश
घटना को अंजाम देने के बाद चालक उस ट्रक को डिवाइडर के दूसरी तरफ ले गया और संदलपुर फाटे के समीप वाहन लावारिस हालत में छोड़कर मौके से फरार हो गया। पुलिस ने तुरंत मुस्तैदी दिखाते हुए इस मामले में केरम सिंह नामक एक आरोपी को आलीराजपुर जिले के बेहड़वा क्षेत्र से गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस पूछताछ में यह बात सामने आई है कि वह पकड़ा गया शख्स उस ट्रक का वास्तविक मालिक है और घटना के वक्त अपनी निजी कार से ट्रक के आगे-आगे चलकर उसकी पायलटिंग (रेकी) कर रहा था। हालांकि, मुख्य ट्रक चालक अभी भी पुलिस की पकड़ से बाहर है। उसकी गिरफ्तारी के लिए पुलिस की कई विशेष टीमें आलीराजपुर, झाबुआ और पड़ोसी राज्य गुजरात के विभिन्न ठिकानों पर लगातार दबिश दे रही हैं। प्रारंभिक जांच में यह भी पता चला है कि इस घटना में प्रयुक्त किया गया ट्रक रतलाम पासिंग का है। इसके अलावा, पुलिस ने हरदा जिले की टिमरनी तहसील के एक शराब ठेकेदार और कुछ कर्मचारियों को भी पूछताछ के दायरे में लिया है।
विशेष रूप से मोडिफाइड था शराब से भरा ट्रक, उच्चस्तरीय जांच के लिए एसआईटी (SIT) गठित
आबकारी उपनिरीक्षक पूजा गेहलोत ने जानकारी साझा करते हुए बताया कि उस संदिग्ध ट्रक का बेस सामान्य ट्रकों की तुलना में लगभग दो फीट अधिक ऊंचा बनाया गया था, और वाहन के भीतर विशेष रूप से गुप्त कंपार्टमेंट (खाना) बनाकर उनमें अवैध शराब भारी मात्रा में भरी गई थी। इस पूरे नेक्सस की गहराई से तहकीकात करने के लिए देवास के एसपी आदित्य मिश्रा के निर्देशन में एक विशेष एसआईटी का गठन किया गया है। जांच के दौरान जो भी नए तथ्य और नाम सामने आएंगे, उनके आधार पर अगली कानूनी कार्रवाई की जाएगी। मामले की संवेदनशीलता को भांपते हुए विशेष डीजी उपेंद्र जैन को विशेष रूप से भोपाल से घटनास्थल पर भेजा गया था, जहाँ उन्होंने उज्जैन रेंज के एडीजी राकेश गुप्ता व अन्य वरिष्ठ अधिकारियों के साथ मिलकर घटनास्थल का जायजा लिया।
वर्ष 2007 बैच के कुशाग्र सब-इंस्पेक्टर थे दिलीप पुरी, धार जिले के बरमंडल गांव से ताल्लुक रखते थे दिवंगत अधिकारी
शहीद हुए थाना प्रभारी दिलीप पुरी वर्ष 2007 बैच के बेहद अनुभवी और कर्तव्यनिष्ठ सब-इंस्पेक्टर थे। वे मूल रूप से मध्य प्रदेश के धार जिले के सरदारपुर तहसील के अंतर्गत आने वाले बरमंडल गांव के रहने वाले थे। अपने लंबे पुलिस सेवाकाल के दौरान उन्होंने खंडवा, आलीराजपुर, बालाघाट, सतना, इंदौर और बड़वानी जैसे जिलों में अपनी उत्कृष्ट सेवाएं दी थीं। कुछ ही महीने पहले उनका तबादला बड़वानी से देवास जिले में हुआ था। उनके परिवार में उनकी धर्मपत्नी कविता के अलावा एक बेटी और एक बेटा हैं, जिनकी बेटी वर्तमान में इंदौर में रहकर एमबीबीएस की पढ़ाई कर रही है। उनके पिता ओमप्रकाश पुरी एक साधारण किसान हैं, जबकि उनका छोटा भाई इंदौर में रहकर निजी नौकरी संभालता है।


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