चंडीगढ़: मौसम में बदलाव के साथ ही स्वाइन फ्लू (H1N1) और इन्फ्लुएंजा वायरस का संक्रमण तेजी से पैर पसारने लगा है। पीजीआई (PGI) चंडीगढ़ में इस वर्ष अब तक स्वाइन फ्लू (H1N1) और इन्फ्लुएंजा-बी (Influenza-B) के कुल 170 मरीजों की रिपोर्ट पॉजिटिव आ चुकी है। चिंता की बात यह है कि कुल मरीजों में से लगभग 50 फीसदी मामले अकेले सितंबर माह के दौरान दर्ज किए गए हैं।
मामलों में आई इस अचानक तेजी को देखते हुए विशेषज्ञ चिकित्सकों ने आम जनता को तेज बुखार, लगातार खांसी और सांस लेने में कठिनाई जैसे लक्षणों को कतई नजरअंदाज न करने की चेतावनी दी है। PGI प्रशासन ने आपात स्थिति से निपटने के लिए अस्पताल में विशेष आइसोलेशन वार्ड, त्वरित जांच और समुचित उपचार की विशेष व्यवस्थाएं की हैं।
⚠️ सामान्य वायरल बुखार से होती है शुरुआत: बुजुर्गों और बच्चों को विशेष सावधानी की जरूरत
जोखिम समूह और संक्रमण के खतरे:
गंभीर श्वसन संबंधी समस्या: स्वास्थ्य विशेषज्ञों का कहना है कि इस बीमारी की शुरुआत आम मौसमी फ्लू या वायरल बुखार की तरह ही होती है, लेकिन लापरवाही बरतने पर यह फेफड़ों में संक्रमण फैलाकर गंभीर सांस की बीमारी (Acute Respiratory Distress) का रूप धारण कर लेती है।
हाई-रिस्क वर्ग: वरिष्ठ नागरिकों (बुजुर्गों), छोटे बच्चों, गर्भवती महिलाओं और पहले से हृदय, फेफड़े, मधुमेह अथवा गुर्दे की बीमारी से पीड़ित व्यक्तियों को संक्रमण का खतरा सर्वाधिक है।
तत्काल चिकित्सीय परामर्श: ऐसे मरीजों में लक्षण दिखने पर बिना समय गंवाए नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र या विशेषज्ञ चिकित्सक से परामर्श लेने की सख्त सलाह दी गई है।
संक्रमित मरीजों का राज्यवार व जनसांख्यिकीय विवरण:📊 पंजाब से सर्वाधिक 68 मरीज: चंडीगढ़, हरियाणा और हिमाचल में भी फैलाव
पंजाब सबसे अधिक प्रभावित: PGI द्वारा जारी आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार, कुल 170 पॉजिटिव मरीजों में सबसे ज्यादा 68 मरीज पंजाब राज्य से हैं।
अन्य राज्यों की स्थिति: आंकड़ों में हरियाणा के 34, केंद्र शासित प्रदेश चंडीगढ़ के 28, हिमाचल प्रदेश के 20 और उत्तर प्रदेश के 10 मरीज शामिल हैं।
मरीजों का वर्गीकरण: कुल संक्रमितों में 83 पुरुष और 87 महिलाएं शामिल हैं, जिनमें 36 छोटे बच्चे भी इस वायरस की चपेट में आए हैं।
पहचान और शुरुआती लक्षण:🩺 स्वाइन फ्लू के मुख्य लक्षण: प्रो. लक्ष्मी ने दी अनदेखी न करने की हिदायत
तेज बुखार और कंपकंपी: अचानक तेज बुखार आना और बदन में तेज दर्द होना इसका प्राथमिक लक्षण है।
श्वसन संबंधी दिक्कतें: सूखी अथवा बलगम वाली लगातार खांसी, गले में तेज खराश, नाक बहना और सीने में जकड़न होना।
गंभीर स्थिति के संकेत: सांस लेने में तकलीफ, चक्कर आना, अत्यधिक थकान और लगातार उल्टियां होना गंभीर संक्रमण की ओर इशारा करते हैं। महामारी विज्ञान विशेषज्ञ डॉ. (प्रो.) पी.वी.एम. लक्ष्मी के अनुसार, ऐसे लक्षण सामने आने पर खुद से दवा लेने (Self-medication) के बजाय तुरंत चिकित्सकीय जांच कराएं।
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