गुरदासपुर/कलानौर: कलानौर के बटाला रोड पर घनी रिहायशी आबादी के समीप स्थापित किए जा रहे एक नए लुक (हॉटमिक्स/डामर) प्लांट को लेकर स्थानीय निवासियों में रोष फैल गया है।
परियोजना के विरोध में क्षेत्र के सैकड़ों महिला-पुरुषों ने एकत्र होकर प्रशासन और संबंधित विभाग के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। इस जन-आंदोलन को मजबूती देने के लिए जम्हूरी किसान सभा के प्रतिनिधि भी धरना स्थल पर पहुंचे और स्थानीय निवासियों की मांगों का पुरजोर समर्थन किया।
🏭 धुआं, बदबू और प्रदूषण से बीमारी फैलने का डर: अनिश्चितकालीन धरने की दी चेतावनी
स्थानीय निवासियों की प्रमुख आपत्तियां और मांगें:
स्वास्थ्य पर प्रतिकूल असर: प्रदर्शनकारियों का स्पष्ट कहना है कि घरों के बिल्कुल नजदीक डामर प्लांट चलने से भारी मात्रा में जहरीला धुआं, असहनीय बदबू और वायु प्रदूषण फैलेगा। इससे बच्चों और बुजुर्गों में सांस व दमे जैसी गंभीर बीमारियां बढ़ने का खतरा है।
पर्यावरण को नुकसान: प्लांट से निकलने वाले अपशिष्ट और रासायनिक धुएं से आसपास की हरियाली और भूजल पर भी विपरीत प्रभाव पड़ेगा।
धरने की चेतावनी: आंदोलनकारियों ने दो टूक चेतावनी दी कि यदि जिला प्रशासन ने प्लांट का निर्माण तुरंत बंद नहीं कराया, तो वे किसान संगठनों के साथ मिलकर मुख्य मार्ग पर अनिश्चितकालीन धरना शुरू करेंगे।
ठेकेदार का पक्ष और वर्तमान स्थिति:📋 ठेकेदार ने दी सभी नियमों के पालन की दलील: प्रशासनिक फैसले पर टिकी निगाहें
कानूनी वैधता का दावा: इस विरोध-प्रदर्शन के बीच प्लांट के ठेकेदार ने संपर्क करने पर स्पष्ट किया कि प्लांट की स्थापना सरकार द्वारा तय सभी वैधानिक नियमों, प्रदूषण नियंत्रण मानकों और आवश्यक स्वीकृतियों के तहत ही की जा रही है।
अनियमितता से इनकार: ठेकेदार के अनुसार परियोजना में किसी भी प्रकार का नियम उल्लंघन नहीं किया गया है।
प्रशासनिक हस्तक्षेप की दरकार: एक तरफ जहां जनता प्रदूषण के डर से काम रुकवाने पर अड़ी है, वहीं ठेकेदार सभी स्वीकृतियां होने का दावा कर रहा है। अब देखना यह होगा कि जनहित और पर्यावरण को ध्यान में रखते हुए जिला प्रशासन इस मामले में क्या कदम उठाता है।
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