चरखी दादरी: गांव कलियाणा में घरेलू बिजली कनेक्शन पर व्यावसायिक (कमर्शियल) गतिविधि यानी दुकानें चलाने की शिकायत पर कार्रवाई करने पहुंची बिजली निगम झोझू कलां की सतर्कता (विजिलेंस) टीम पर कुछ ग्रामीणों ने अचानक हमला कर दिया। मीटर उखाड़ने की आधिकारिक प्रक्रिया के दौरान उग्र हुई भीड़ ने अधिकारियों को चारों तरफ से घेर लिया और जमकर हंगामा किया। हमलावरों ने सरकारी कार्रवाई की वीडियो बना रहे एसडीओ प्रवीण कुमार के साथ हाथापाई की और उनका मोबाइल छीन लिया। इसके साथ ही एरिया इंचार्ज फोरमैन रवि को जमीन पर गिराकर लात-घूंसों से बेरहमी से पीटा गया। मौके पर बीच-बचाव करने पहुंचे पुलिसकर्मियों के साथ भी धक्का-मुक्की की गई। हमले में गंभीर रूप से घायल फोरमैन को तुरंत सिविल अस्पताल में भर्ती कराया गया है। एसडीओ की शिकायत पर पुलिस ने मोहित नंबरदार व एक महिला समेत नामजद आरोपियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। कार्रवाई का कारण और घटनाक्रम: कमर्शियल इस्तेमाल की शिकायत: गांव कलियाणा में घरेलू बिजली कनेक्शन का अनुचित इस्तेमाल कर दुकानें संचालित की जा रही थीं, जिससे निगम को राजस्व का नुकसान हो रहा था।
पुलिस बल के साथ पहुंची टीम: शिकायत का संज्ञान लेते हुए एसडीओ प्रवीण कुमार के नेतृत्व में निगम की संयुक्त टीम स्थानीय पुलिस बल के साथ मौके पर छापेमारी के लिए पहुंची थी।
भीड़ को उकसाने का आरोप: टीम ने जैसे ही दो आरोपियों के परिसरों में लगे मीटर उखाड़ने की प्रक्रिया शुरू की, वैसे ही कुछ लोग मौके पर पहुंच गए। आरोप है कि उन्होंने ग्रामीणों को निगम की टीम का विरोध करने के लिए उकसाना शुरू कर दिया, जिसके बाद स्थिति बिगड़ गई और पथराव व मारपीट शुरू हो गई।
पीड़ित कर्मचारी का बयान: मोबाइल छीनने की वारदात: अस्पताल में उपचाराधीन फोरमैन रवि कुमार ने बताया कि जब मीटर उतारने की कार्रवाई की जा रही थी, तब सुरक्षा और साक्ष्य के तौर पर एसडीओ प्रवीण कुमार वीडियो रिकॉर्डिंग कर रहे थे।
जमीन पर गिराकर पीटा: इसी दौरान मुख्य आरोपी मोहित नंबरदार ने एसडीओ के साथ मारपीट करते हुए उनका मोबाइल फोन छीन लिया।
जान बचाकर भागे कर्मी: इसके तुरंत बाद भीड़ ने फोरमैन रवि को घेर लिया और जमीन पर पटक कर लात-घूंसों से बुरी तरह पीटना शुरू कर दिया। रवि ने बताया कि वह किसी तरह जान बचाकर वहां से भागने में सफल रहे, अन्यथा उग्र भीड़ कोई भी गंभीर कदम उठा सकती थी।
कानूनी कार्रवाई और पुलिस जांच: दो टीमों का गठन: बिजली निगम द्वारा गठित दोनों टीमों में अधिकारियों व तकनीकी कर्मियों सहित कुल 12 कर्मचारी शामिल थे।
सरकारी कार्य में बाधा की धाराएं: झोझू कलां थाना प्रभारी (SHO) दिलबाग सिंह ने बताया कि एसडीओ प्रवीण कुमार के आधिकारिक बयान के आधार पर आरोपियों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई अमल में लाई गई है।
नामजद आरोपी: पुलिस ने मुख्य आरोपी मोहित नंबरदार, महिला मिस्त्री, विक्रम, सतबीर, विजय, मामकौर, रमेश कुमार, विनोद और पृथ्वी के खिलाफ सरकारी ड्यूटी में बाधा पहुंचाने, सरकारी कर्मचारियों पर जानलेवा हमला करने और मारपीट करने की विभिन्न धाराओं के तहत केस दर्ज कर उनकी गिरफ्तारी के प्रयास तेज कर दिए हैं।
🔍 घरेलू कनेक्शन पर चल रही थीं दुकानें: छापेमारी के दौरान भड़काया गया विरोध
🏥 सिविल अस्पताल में भर्ती फोरमैन की आपबीती: ‘अगर नहीं भागता तो जान से मार देते’
👮♂️ 12 कर्मचारियों की टीम पर हुआ हमला: पुलिस ने नामजद आरोपियों पर दर्ज किया मुकदमा
यह खबर आपको कैसी लगी?
चरखी दादरी: गांव कलियाणा में घरेलू बिजली कनेक्शन पर व्यावसायिक (कमर्शियल) गतिविधि यानी दुकानें चलाने की शिकायत पर कार्रवाई करने पहुंची बिजली निगम झोझू कलां की सतर्कता (विजिलेंस) टीम पर कुछ ग्रामीणों ने अचानक हमला कर दिया। मीटर उखाड़ने की आधिकारिक प्रक्रिया के दौरान उग्र हुई भीड़ ने अधिकारियों को चारों तरफ से घेर लिया और जमकर हंगामा किया।
हमलावरों ने सरकारी कार्रवाई की वीडियो बना रहे एसडीओ प्रवीण कुमार के साथ हाथापाई की और उनका मोबाइल छीन लिया। इसके साथ ही एरिया इंचार्ज फोरमैन रवि को जमीन पर गिराकर लात-घूंसों से बेरहमी से पीटा गया। मौके पर बीच-बचाव करने पहुंचे पुलिसकर्मियों के साथ भी धक्का-मुक्की की गई। हमले में गंभीर रूप से घायल फोरमैन को तुरंत सिविल अस्पताल में भर्ती कराया गया है। एसडीओ की शिकायत पर पुलिस ने मोहित नंबरदार व एक महिला समेत नामजद आरोपियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
🔍 घरेलू कनेक्शन पर चल रही थीं दुकानें: छापेमारी के दौरान भड़काया गया विरोध
कार्रवाई का कारण और घटनाक्रम:
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कमर्शियल इस्तेमाल की शिकायत: गांव कलियाणा में घरेलू बिजली कनेक्शन का अनुचित इस्तेमाल कर दुकानें संचालित की जा रही थीं, जिससे निगम को राजस्व का नुकसान हो रहा था।
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पुलिस बल के साथ पहुंची टीम: शिकायत का संज्ञान लेते हुए एसडीओ प्रवीण कुमार के नेतृत्व में निगम की संयुक्त टीम स्थानीय पुलिस बल के साथ मौके पर छापेमारी के लिए पहुंची थी।
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भीड़ को उकसाने का आरोप: टीम ने जैसे ही दो आरोपियों के परिसरों में लगे मीटर उखाड़ने की प्रक्रिया शुरू की, वैसे ही कुछ लोग मौके पर पहुंच गए। आरोप है कि उन्होंने ग्रामीणों को निगम की टीम का विरोध करने के लिए उकसाना शुरू कर दिया, जिसके बाद स्थिति बिगड़ गई और पथराव व मारपीट शुरू हो गई।
🏥 सिविल अस्पताल में भर्ती फोरमैन की आपबीती: ‘अगर नहीं भागता तो जान से मार देते’
पीड़ित कर्मचारी का बयान:
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मोबाइल छीनने की वारदात: अस्पताल में उपचाराधीन फोरमैन रवि कुमार ने बताया कि जब मीटर उतारने की कार्रवाई की जा रही थी, तब सुरक्षा और साक्ष्य के तौर पर एसडीओ प्रवीण कुमार वीडियो रिकॉर्डिंग कर रहे थे।
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जमीन पर गिराकर पीटा: इसी दौरान मुख्य आरोपी मोहित नंबरदार ने एसडीओ के साथ मारपीट करते हुए उनका मोबाइल फोन छीन लिया।
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जान बचाकर भागे कर्मी: इसके तुरंत बाद भीड़ ने फोरमैन रवि को घेर लिया और जमीन पर पटक कर लात-घूंसों से बुरी तरह पीटना शुरू कर दिया। रवि ने बताया कि वह किसी तरह जान बचाकर वहां से भागने में सफल रहे, अन्यथा उग्र भीड़ कोई भी गंभीर कदम उठा सकती थी।
👮♂️ 12 कर्मचारियों की टीम पर हुआ हमला: पुलिस ने नामजद आरोपियों पर दर्ज किया मुकदमा
कानूनी कार्रवाई और पुलिस जांच:
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दो टीमों का गठन: बिजली निगम द्वारा गठित दोनों टीमों में अधिकारियों व तकनीकी कर्मियों सहित कुल 12 कर्मचारी शामिल थे।
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सरकारी कार्य में बाधा की धाराएं: झोझू कलां थाना प्रभारी (SHO) दिलबाग सिंह ने बताया कि एसडीओ प्रवीण कुमार के आधिकारिक बयान के आधार पर आरोपियों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई अमल में लाई गई है।
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नामजद आरोपी: पुलिस ने मुख्य आरोपी मोहित नंबरदार, महिला मिस्त्री, विक्रम, सतबीर, विजय, मामकौर, रमेश कुमार, विनोद और पृथ्वी के खिलाफ सरकारी ड्यूटी में बाधा पहुंचाने, सरकारी कर्मचारियों पर जानलेवा हमला करने और मारपीट करने की विभिन्न धाराओं के तहत केस दर्ज कर उनकी गिरफ्तारी के प्रयास तेज कर दिए हैं।


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