चंडीगढ़: हरियाणा के सरकारी स्कूलों में कार्यरत हजारों गेस्ट टीचरों (अतिथि अध्यापकों) के लिए बड़ी राहत भरी खबर सामने आई है। हरियाणा शिक्षक पात्रता परीक्षा (HTET) पास करने की अनिवार्यता को लेकर गेस्ट टीचरों के सिर पर मंडरा रहा नौकरी जाने का खतरा पूरी तरह टल गया है। शिक्षा विभाग ने स्पष्ट किया है कि एचटेट पास न होने की स्थिति में भी किसी भी गेस्ट टीचर की नौकरी नहीं जाएगी।
इसके अतिरिक्त, राज्य सरकार की ओर से गेस्ट टीचरों के नियमितीकरण (Regularization) की योजना को गति देने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। साथ ही, यह भी निर्णय लिया गया है कि आगामी वार्षिक शिक्षक स्थानांतरण अभियान (Teacher Transfer Drive) में भी गेस्ट टीचरों को शामिल किया जाएगा, जिससे वे अपनी सुविधानुसार स्कूलों का चयन कर सकेंगे।
🤝 शिक्षा विभाग और अध्यापक संघ की अहम बैठक: नियमितीकरण, तबादले और सेवा नियमों पर बनी सहमति
बैठक का विवरण और प्रशासनिक आश्वासन:
उच्चस्तरीय वार्ता: शिक्षा विभाग के प्रधान सचिव विजय दहिया ने हरियाणा विद्यालय अध्यापक संघ के प्रतिनिधिमंडल को यह ठोस आश्वासन दिया।
अधिकारियों की उपस्थिति: बैठक में माध्यमिक शिक्षा निदेशक जितेंद्र कुमार और मौलिक शिक्षा निदेशक मनिता मलिक विशेष रूप से उपस्थित रहे, जहां शिक्षकों की विभिन्न मांगों पर बिंदुवार विस्तार से चर्चा की गई।
प्रमुख मुद्दों पर सहमति: बैठक के दौरान टीईटी अनिवार्यता, गेस्ट टीचर्स के स्थायीकरण, अंतर्जिला व सामान्य तबादलों, स्कूलों में बुनियादी ढांचे के विकास, गैर-शैक्षणिक कार्यों से मुक्ति, 2012 के सेवा नियमों में संशोधन और लंबित मामलों के निस्तारण पर सहमति बनी।
नियमितीकरण और स्थानांतरण नीति:📑 एक सप्ताह में शुरू होगी नियमितीकरण प्रक्रिया: जेबीटी और C&V अध्यापकों के तबादलों का रास्ता साफ
एक सप्ताह में प्रक्रिया: अधिकारियों ने आश्वस्त किया कि मुख्य सचिव, हरियाणा सरकार द्वारा 11 अगस्त को जारी पत्र के अनुरूप एक सप्ताह के भीतर गेस्ट टीचर्स से संबंधित रिकॉर्ड और मामले नियमितीकरण के लिए मंगवाए जाएंगे।
तबादलों का क्रम: सबसे पहले जेबीटी (JBT) और सीएंडवी (C&V) अध्यापकों के अंतर्जिला (Inter-District) तबादले किए जाएंगे। इसके तुरंत बाद जेबीटी शिक्षकों के सामान्य तबादले शुरू होंगे।
स्कूल आवंटन: जीएमएस और पीएमएस स्कूलों के शिक्षकों को दो दिन के भीतर स्कूल आवंटित कर दिए जाएंगे, जिसके तुरंत बाद सामान्य तबादला अभियान सक्रिय होगा।
स्कूलों में मूलभूत सुविधाएं और गैर-शैक्षणिक कार्य:🏫 4600 प्राथमिक स्कूलों में भरे जाएंगे पद: 118 भवनविहीन स्कूलों को मिलेगा नया अनुदान
चतुर्थ श्रेणी के पद: स्कूलों में बुनियादी ढांचा मजबूत करने के लिए 4600 प्राथमिक विद्यालयों में चतुर्थ श्रेणी (ग्रुप डी) के पद सृजित करने का फैसला लिया गया है, जिसके बाद अन्य विद्यालयों में भी यह प्रक्रिया बढ़ाई जाएगी।
नए भवनों का निर्माण: 118 प्राथमिक और 9 अन्य भवनविहीन स्कूलों के नए भवनों के निर्माण हेतु आवश्यक वित्तीय अनुदान जारी किया जाएगा।
कक्षाओं में समय: शिक्षकों को गैर-शैक्षणिक कार्यों से मुक्त रखने पर जोर दिया गया ताकि उनका अधिकतम समय विद्यार्थियों के शिक्षण कार्य में उपयोग हो सके।
सेवा नियम 2012: वर्ष 2012 के सेवा नियमों में अध्यापक संघ की मांगों के अनुसार जरूरी संशोधन करने पर सैद्धांतिक सहमति बनी है, जिसके लिए सोमवार को अलग से विस्तृत बैठक तय की गई है।
लंबित मामले और अध्यापक संघ का रुख:⚖️ ACP और वेतन संरक्षण के लिए बनेगा सिटिजन चार्टर: स्कूल मर्जर पर सहमति नहीं, आंदोलन की चेतावनी
सिटिजन चार्टर की व्यवस्था: एसीपी (ACP), मेडिकल प्रतिपूर्ति और वेतन संरक्षण से संबंधित लंबित मामलों के समयबद्ध समाधान के लिए जिला स्तर से लेकर निदेशालय स्तर तक सिटिजन चार्टर लागू किया जाएगा।
सीएंडवी के एसीपी मामले: सीएंडवी अध्यापकों के एसीपी संबंधी मामले अब जिला स्तर पर ही निपटाए जाएंगे और निदेशालय में फाइलें भेजने का पत्र वापस होगा। साथ ही चार राष्ट्रव्यापी हड़तालों की अवधि के नियमितीकरण का पत्र भी जल्द जारी किया जाएगा।
स्कूल मर्जर पर असहमति: 100 मीटर के दायरे वाले स्कूलों के विलय (मर्जर) पर दोनों पक्षों के बीच पूर्ण सहमति नहीं बन पाई। संघ ने स्पष्ट चेतावनी दी है कि यदि मर्जर के मुद्दे और मानी गई मांगों पर तय समय में ठोस कार्रवाई नहीं हुई, तो वे अपने आंदोलन को और अधिक तेज करेंगे।
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