मनेंद्रगढ़-चिरमिरी-भरतपुर/कोरिया: छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय का एमसीबी, कोरिया और चिरमिरी क्षेत्र का औचक दौरा स्थानीय प्रशासनिक अमले के लिए एक बड़ी और सख्त चेतावनी साबित हुआ है। इस दौरे के दौरान एक ओर जहां मुख्यमंत्री का आम जनता और गरीब किसानों के प्रति बेहद संवेदनशील चेहरा देखने को मिला, वहीं दूसरी ओर शासकीय जनकल्याणकारी कार्यों में लापरवाही व भ्रष्टाचार बरतने वाले अधिकारियों पर उन्होंने कड़ा रुख अख्तियार किया। चिरमिरी स्थित एसईसीएल (SECL) के तानसेन भवन में आयोजित संयुक्त समीक्षा बैठक के दौरान मुख्यमंत्री ने कोरिया जिले में किसानों को दिए जाने वाले खाद वितरण में गंभीर अनियमितता और वित्तीय गड़बड़ी सामने आने पर बड़ी कार्रवाई की। उन्होंने सहायक आयुक्त एवं सहायक पंजीयक सहकारी संस्थाएं आयुष प्रताप सिंह और सहायक लेखापाल कल्लू प्रसाद मिश्रा को तत्काल प्रभाव से निलंबित (Suspend) करने के कड़े निर्देश दे दिए। मुख्यमंत्री की इस त्वरित और बड़ी दंडात्मक कार्रवाई से बैठक में मौजूद दोनों जिलों के आला अधिकारियों में हड़कंप की स्थिति मच गई। चिरमिरी के ऐतिहासिक तानसेन भवन में आयोजित इस संयुक्त समीक्षा बैठक में मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने कोरिया और एमसीबी (MCB) जिलों के भीतर चल रहे तमाम विकास कार्यों, लंबित राजस्व मामलों, अधोसंरचना (इंफ्रास्ट्रक्चर), स्वास्थ्य सेवाओं, ग्रीष्मकालीन पेयजल व्यवस्था और आगामी कृषि तैयारियों की बिंदुवार विस्तार से समीक्षा की। बंद कमरे में चली इस मैराथन बैठक में मुख्यमंत्री ने टेबल पर फाइलें खंगालते हुए अधिकारियों को साफ शब्दों में चेतावनी दी कि जनता के काम में लेती-लतीफी और विशेषकर अन्नदाता किसानों से जुड़े संवेदनशील मामलों में किसी भी प्रकार की प्रशासनिक लापरवाही या कोताही को कतई स्वीकार नहीं किया जाएगा। कोरिया जिले की प्राथमिक सहकारी समिति जिल्दा में किसानों को मिलने वाली खाद के वितरण में बड़े स्तर पर गड़बड़ी और अपात्रों को लाभ पहुंचाने की शिकायतें लगातार मुख्यमंत्री सचिवालय तक पहुंच रही थीं। बैठक में जब मुख्यमंत्री ने इस पर जवाब मांगा तो अधिकारी बगले झांकने लगे। इस पर कड़ा संज्ञान लेते हुए मुख्यमंत्री ने कलेक्टर कोरिया को निर्देशित किया कि इस पूरी धांधली की गहराई से जांच कराई जाए। उन्होंने स्पष्ट किया कि केवल दो निलंबन पर्याप्त नहीं हैं, बल्कि इस पूरे खेल में पर्दे के पीछे शामिल अन्य जितने भी जिम्मेदार राजपत्रित अधिकारी या कर्मचारी हैं, उन सभी पर तत्काल कड़ी विभागीय और कानूनी कार्रवाई की जाए। मुख्यमंत्री ने कृषि विभाग और सहकारिता विभाग के अधिकारियों को कड़े लहजे में निर्देशित किया कि आगामी खरीफ सीजन (Kharif Season) को ध्यान में रखते हुए सुदूर वनांचल क्षेत्रों के किसानों को भी समय पर उन्नत खाद और उच्च गुणवत्ता वाले बीज की उपलब्धता हर हाल में सुनिश्चित की जाए। उन्होंने नीतिगत फैसला सुनाते हुए कहा कि यदि किसी भी क्षेत्र में खाद-बीज की कमी के कारण किसानों को लंबी कतारों में लगना पड़ा या परेशानी हुई, तो इसके लिए सीधे तौर पर संबंधित ब्लॉक और जिला स्तर के अधिकारियों की जवाबदेही तय कर उन पर एक्शन लिया जाएगा। इसके साथ ही, नई खुली सहकारी समितियों को पूरी तरह सक्रिय रखने और किसानों को हर आवश्यक तकनीकी सुविधा देने पर विशेष जोर दिया गया। बढ़ती तपन और संभावित पेयजल संकट (Water Crisis) की समीक्षा करते हुए मुख्यमंत्री ने दूरस्थ ग्रामीण व आदिवासी बाहुल्य क्षेत्रों तक स्वच्छ पेयजल पहुंचाने को सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता बताया। उन्होंने अधिकारियों को वित्तीय अधिकार देते हुए निर्देश दिए कि जहां भी जरूरत पड़े, तुरंत नए टैंकरों की खरीदी की जाए और यदि आवश्यक हो तो सीमावर्ती जिलों से भी समन्वय बनाकर जल की उपलब्धता सुनिश्चित कराई जाए। सीएम साय ने मानसून आने से पहले सभी पारंपरिक पेयजल स्रोतों (कुएं, बावड़ी, हैंडपंप) में अनिवार्य रूप से ब्लीचिंग और क्लोरीन डलवाने के निर्देश दिए। इसके साथ ही, मौसमी और जलजनित बीमारियों से आम जनमानस को बचाने के लिए स्वास्थ्य विभाग को जिला स्तर पर व्यापक मेडिकल कैंप लगाने को कहा गया। उन्होंने निर्देशित किया कि दूरदराज के प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों (PHC), सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों (CHC) और उप स्वास्थ्य केंद्रों में जीवन रक्षक दवाइयों और ओआरएस (ORS) के पैकेटों का पर्याप्त एडवांस भंडारण (Buffer Stock) हर हाल में सुनिश्चित होना चाहिए ताकि ग्रामीणों को इलाज के लिए शहर न भागना पड़े।
बैठक में मुख्यमंत्री ने प्रधानमंत्री आवास योजना की प्रगति की समीक्षा करते हुए स्पष्ट कहा कि योजना में किसी भी प्रकार की गड़बड़ी या हितग्राहियों को परेशान करने की शिकायत मिली तो संबंधित अधिकारियों पर कठोर कार्रवाई होगी. उन्होंने अधूरे आवासों को समय-सीमा में पूर्ण कराने और नॉमिनी संबंधी समस्याओं का शीघ्र निराकरण करने के निर्देश दिए. एमसीबी जिले में शिक्षा की खराब प्रगति और परीक्षा परिणामों को लेकर मुख्यमंत्री ने नाराजगी व्यक्त की. उन्होंने जिला शिक्षा अधिकारी को तत्काल प्रभाव से कार्ययोजना तैयार कर शिक्षा स्तर में सुधार लाने के निर्देश दिए. मुख्यमंत्री ने कहा कि आगामी शिक्षा सत्र के लिए अभी से मजबूत रणनीति तैयार की जाए ताकि अगले वर्ष परीक्षा परिणामों में उल्लेखनीय सुधार दिखाई दे. सीएम स्कूलों में पढ़ाई-लिखाई की व्यवस्था मजबूत करने और उसकी नियमित मॉनिटरिंग करने पर भी जोर दिया. मुख्यमंत्री ने स्पष्ट निर्देश दिए कि सड़क, भवन और अन्य निर्माण कार्यों में गुणवत्ता से किसी भी प्रकार का समझौता न किया जाए. उन्होंने अधिकारियों से कहा कि किसी दबाव में आकर कार्य करने की आवश्यकता नहीं है और गुणवत्ता में लापरवाही मिलने पर जिम्मेदारों पर कार्रवाई तय होगी. मातृ मृत्यु दर कम करने और संस्थागत प्रसव बढ़ाने पर जोर बैठक में मुख्यमंत्री ने प्रदेश में मातृ मृत्यु दर कम करने और संस्थागत प्रसव को बढ़ावा देने के निर्देश दिए. उन्होंने स्व-सहायता समूहों के माध्यम से रेडी-टू-ईट निर्माण कार्यों को बढ़ाने पर भी जोर दिया. इसके साथ ही प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना में वन अधिकार पत्रधारकों और संयुक्त खाताधारकों को लाभ दिलाने के निर्देश भी दिए गए. मुख्यमंत्री ने पुलिस विभाग को पॉक्सो सहित गंभीर मामलों में शीघ्र चालान प्रस्तुत करने के निर्देश दिए. सड़क सुरक्षा मामलों में भी आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित करने को कहा गया. सीएम ने जिलों में पेट्रोल, डीजल और गैस की आपूर्ति सामान्य बनाए रखने और पर्याप्त स्टॉक उपलब्ध रखने के निर्देश अधिकारियों को दिए. मुख्यमंत्री ने सड़क, बिजली और सिंचाई नहर परियोजनाओं के लिए वन विभाग को समय पर क्लीयरेंस देने के निर्देश दिए. उन्होंने कोयला खदानों में स्थानीय युवाओं को रोजगार उपलब्ध कराने की आवश्यकता बताते हुए खदानों को अनावश्यक रूप से बंद न करने की बात कही. डीएफओ को नए खदानों की क्लीयरेंस प्रक्रिया में सहयोग करने और गुरु घासीदास राष्ट्रीय उद्यान क्षेत्र के अंदर बसे इच्छुक गांवों के पुनर्वास की प्रक्रिया प्रारंभ करने के निर्देश भी दिए गए. बैठक के दौरान मुख्यमंत्री ने कहा कि सुशासन तिहार का सकारात्मक प्रभाव जनता तक पहुंच रहा है. उन्होंने अधिकारियों से कहा कि शासन का उद्देश्य जनता की समस्याओं का त्वरित समाधान करना है और सभी अधिकारी जनता के सेवक के रूप में कार्य करें. समीक्षा बैठक में स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल, विधायक भैया लाल राजवाड़े, जिला पंचायत अध्यक्ष यशवंती सिंह, महापौर रामनरेश राय, मुख्यमंत्री के प्रमुख सचिव सुबोध कुमार सिंह, विशेष सचिव रजत बंसल, कमिश्नर नरेंद्र दुग्गा, आईजी पंकज झा सहित तीनों जिलों के कलेक्टर, एसपी, डीएफओ और अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे.📊 तानसेन भवन में चली घंटों मैराथन संयुक्त समीक्षा बैठक: विकास कार्यों, राजस्व, स्वास्थ्य और पेयजल व्यवस्था की हुई बारीकी से जांच
🌾 सहकारी समिति जिल्दा में खाद वितरण में बड़ी धांधली उजागर: सीएम साय का बड़ा आदेश—घोटाले में शामिल कई और अधिकारी-कर्मचारी भी नपेंगे
🚜 खरीफ सीजन के लिए किसानों के हितों को सर्वोच्च प्राथमिकता: समय पर खाद-बीज न मिलने पर तय होगी सीधे अधिकारियों की जवाबदेही
💧 भीषण गर्मी में पेयजल संकट से निपटने के लिए युद्धस्तर पर निर्देश: सीमावर्ती जिलों और टैंकरों की मदद से दूरस्थ गांवों तक पहुंचेगा पानी


पीएम आवास योजना में गड़बड़ी बर्दाश्त नहीं
शिक्षा व्यवस्था पर भी जताई नाराजगी
निर्माण कार्यों की गुणवत्ता से समझौता नहीं
सड़क सुरक्षा और गंभीर अपराधों पर सख्ती
वन विभाग को क्लीयरेंस प्रक्रिया तेज करने के निर्देश
“हम जनता के सेवक हैं” — मुख्यमंत्री
बैठक में ये रहे मौजूद
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मनेंद्रगढ़-चिरमिरी-भरतपुर/कोरिया: छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय का एमसीबी, कोरिया और चिरमिरी क्षेत्र का औचक दौरा स्थानीय प्रशासनिक अमले के लिए एक बड़ी और सख्त चेतावनी साबित हुआ है। इस दौरे के दौरान एक ओर जहां मुख्यमंत्री का आम जनता और गरीब किसानों के प्रति बेहद संवेदनशील चेहरा देखने को मिला, वहीं दूसरी ओर शासकीय जनकल्याणकारी कार्यों में लापरवाही व भ्रष्टाचार बरतने वाले अधिकारियों पर उन्होंने कड़ा रुख अख्तियार किया। चिरमिरी स्थित एसईसीएल (SECL) के तानसेन भवन में आयोजित संयुक्त समीक्षा बैठक के दौरान मुख्यमंत्री ने कोरिया जिले में किसानों को दिए जाने वाले खाद वितरण में गंभीर अनियमितता और वित्तीय गड़बड़ी सामने आने पर बड़ी कार्रवाई की। उन्होंने सहायक आयुक्त एवं सहायक पंजीयक सहकारी संस्थाएं आयुष प्रताप सिंह और सहायक लेखापाल कल्लू प्रसाद मिश्रा को तत्काल प्रभाव से निलंबित (Suspend) करने के कड़े निर्देश दे दिए। मुख्यमंत्री की इस त्वरित और बड़ी दंडात्मक कार्रवाई से बैठक में मौजूद दोनों जिलों के आला अधिकारियों में हड़कंप की स्थिति मच गई।
📊 तानसेन भवन में चली घंटों मैराथन संयुक्त समीक्षा बैठक: विकास कार्यों, राजस्व, स्वास्थ्य और पेयजल व्यवस्था की हुई बारीकी से जांच
चिरमिरी के ऐतिहासिक तानसेन भवन में आयोजित इस संयुक्त समीक्षा बैठक में मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने कोरिया और एमसीबी (MCB) जिलों के भीतर चल रहे तमाम विकास कार्यों, लंबित राजस्व मामलों, अधोसंरचना (इंफ्रास्ट्रक्चर), स्वास्थ्य सेवाओं, ग्रीष्मकालीन पेयजल व्यवस्था और आगामी कृषि तैयारियों की बिंदुवार विस्तार से समीक्षा की। बंद कमरे में चली इस मैराथन बैठक में मुख्यमंत्री ने टेबल पर फाइलें खंगालते हुए अधिकारियों को साफ शब्दों में चेतावनी दी कि जनता के काम में लेती-लतीफी और विशेषकर अन्नदाता किसानों से जुड़े संवेदनशील मामलों में किसी भी प्रकार की प्रशासनिक लापरवाही या कोताही को कतई स्वीकार नहीं किया जाएगा।
🌾 सहकारी समिति जिल्दा में खाद वितरण में बड़ी धांधली उजागर: सीएम साय का बड़ा आदेश—घोटाले में शामिल कई और अधिकारी-कर्मचारी भी नपेंगे
कोरिया जिले की प्राथमिक सहकारी समिति जिल्दा में किसानों को मिलने वाली खाद के वितरण में बड़े स्तर पर गड़बड़ी और अपात्रों को लाभ पहुंचाने की शिकायतें लगातार मुख्यमंत्री सचिवालय तक पहुंच रही थीं। बैठक में जब मुख्यमंत्री ने इस पर जवाब मांगा तो अधिकारी बगले झांकने लगे। इस पर कड़ा संज्ञान लेते हुए मुख्यमंत्री ने कलेक्टर कोरिया को निर्देशित किया कि इस पूरी धांधली की गहराई से जांच कराई जाए। उन्होंने स्पष्ट किया कि केवल दो निलंबन पर्याप्त नहीं हैं, बल्कि इस पूरे खेल में पर्दे के पीछे शामिल अन्य जितने भी जिम्मेदार राजपत्रित अधिकारी या कर्मचारी हैं, उन सभी पर तत्काल कड़ी विभागीय और कानूनी कार्रवाई की जाए।
🚜 खरीफ सीजन के लिए किसानों के हितों को सर्वोच्च प्राथमिकता: समय पर खाद-बीज न मिलने पर तय होगी सीधे अधिकारियों की जवाबदेही
मुख्यमंत्री ने कृषि विभाग और सहकारिता विभाग के अधिकारियों को कड़े लहजे में निर्देशित किया कि आगामी खरीफ सीजन (Kharif Season) को ध्यान में रखते हुए सुदूर वनांचल क्षेत्रों के किसानों को भी समय पर उन्नत खाद और उच्च गुणवत्ता वाले बीज की उपलब्धता हर हाल में सुनिश्चित की जाए। उन्होंने नीतिगत फैसला सुनाते हुए कहा कि यदि किसी भी क्षेत्र में खाद-बीज की कमी के कारण किसानों को लंबी कतारों में लगना पड़ा या परेशानी हुई, तो इसके लिए सीधे तौर पर संबंधित ब्लॉक और जिला स्तर के अधिकारियों की जवाबदेही तय कर उन पर एक्शन लिया जाएगा। इसके साथ ही, नई खुली सहकारी समितियों को पूरी तरह सक्रिय रखने और किसानों को हर आवश्यक तकनीकी सुविधा देने पर विशेष जोर दिया गया।
💧 भीषण गर्मी में पेयजल संकट से निपटने के लिए युद्धस्तर पर निर्देश: सीमावर्ती जिलों और टैंकरों की मदद से दूरस्थ गांवों तक पहुंचेगा पानी
बढ़ती तपन और संभावित पेयजल संकट (Water Crisis) की समीक्षा करते हुए मुख्यमंत्री ने दूरस्थ ग्रामीण व आदिवासी बाहुल्य क्षेत्रों तक स्वच्छ पेयजल पहुंचाने को सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता बताया। उन्होंने अधिकारियों को वित्तीय अधिकार देते हुए निर्देश दिए कि जहां भी जरूरत पड़े, तुरंत नए टैंकरों की खरीदी की जाए और यदि आवश्यक हो तो सीमावर्ती जिलों से भी समन्वय बनाकर जल की उपलब्धता सुनिश्चित कराई जाए। सीएम साय ने मानसून आने से पहले सभी पारंपरिक पेयजल स्रोतों (कुएं, बावड़ी, हैंडपंप) में अनिवार्य रूप से ब्लीचिंग और क्लोरीन डलवाने के निर्देश दिए।
इसके साथ ही, मौसमी और जलजनित बीमारियों से आम जनमानस को बचाने के लिए स्वास्थ्य विभाग को जिला स्तर पर व्यापक मेडिकल कैंप लगाने को कहा गया। उन्होंने निर्देशित किया कि दूरदराज के प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों (PHC), सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों (CHC) और उप स्वास्थ्य केंद्रों में जीवन रक्षक दवाइयों और ओआरएस (ORS) के पैकेटों का पर्याप्त एडवांस भंडारण (Buffer Stock) हर हाल में सुनिश्चित होना चाहिए ताकि ग्रामीणों को इलाज के लिए शहर न भागना पड़े।


पीएम आवास योजना में गड़बड़ी बर्दाश्त नहीं
बैठक में मुख्यमंत्री ने प्रधानमंत्री आवास योजना की प्रगति की समीक्षा करते हुए स्पष्ट कहा कि योजना में किसी भी प्रकार की गड़बड़ी या हितग्राहियों को परेशान करने की शिकायत मिली तो संबंधित अधिकारियों पर कठोर कार्रवाई होगी. उन्होंने अधूरे आवासों को समय-सीमा में पूर्ण कराने और नॉमिनी संबंधी समस्याओं का शीघ्र निराकरण करने के निर्देश दिए.
शिक्षा व्यवस्था पर भी जताई नाराजगी
एमसीबी जिले में शिक्षा की खराब प्रगति और परीक्षा परिणामों को लेकर मुख्यमंत्री ने नाराजगी व्यक्त की. उन्होंने जिला शिक्षा अधिकारी को तत्काल प्रभाव से कार्ययोजना तैयार कर शिक्षा स्तर में सुधार लाने के निर्देश दिए. मुख्यमंत्री ने कहा कि आगामी शिक्षा सत्र के लिए अभी से मजबूत रणनीति तैयार की जाए ताकि अगले वर्ष परीक्षा परिणामों में उल्लेखनीय सुधार दिखाई दे. सीएम स्कूलों में पढ़ाई-लिखाई की व्यवस्था मजबूत करने और उसकी नियमित मॉनिटरिंग करने पर भी जोर दिया.
निर्माण कार्यों की गुणवत्ता से समझौता नहीं
मुख्यमंत्री ने स्पष्ट निर्देश दिए कि सड़क, भवन और अन्य निर्माण कार्यों में गुणवत्ता से किसी भी प्रकार का समझौता न किया जाए. उन्होंने अधिकारियों से कहा कि किसी दबाव में आकर कार्य करने की आवश्यकता नहीं है और गुणवत्ता में लापरवाही मिलने पर जिम्मेदारों पर कार्रवाई तय होगी.
मातृ मृत्यु दर कम करने और संस्थागत प्रसव बढ़ाने पर जोर
बैठक में मुख्यमंत्री ने प्रदेश में मातृ मृत्यु दर कम करने और संस्थागत प्रसव को बढ़ावा देने के निर्देश दिए. उन्होंने स्व-सहायता समूहों के माध्यम से रेडी-टू-ईट निर्माण कार्यों को बढ़ाने पर भी जोर दिया.
इसके साथ ही प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना में वन अधिकार पत्रधारकों और संयुक्त खाताधारकों को लाभ दिलाने के निर्देश भी दिए गए.
सड़क सुरक्षा और गंभीर अपराधों पर सख्ती
मुख्यमंत्री ने पुलिस विभाग को पॉक्सो सहित गंभीर मामलों में शीघ्र चालान प्रस्तुत करने के निर्देश दिए. सड़क सुरक्षा मामलों में भी आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित करने को कहा गया.
सीएम ने जिलों में पेट्रोल, डीजल और गैस की आपूर्ति सामान्य बनाए रखने और पर्याप्त स्टॉक उपलब्ध रखने के निर्देश अधिकारियों को दिए.
वन विभाग को क्लीयरेंस प्रक्रिया तेज करने के निर्देश
मुख्यमंत्री ने सड़क, बिजली और सिंचाई नहर परियोजनाओं के लिए वन विभाग को समय पर क्लीयरेंस देने के निर्देश दिए. उन्होंने कोयला खदानों में स्थानीय युवाओं को रोजगार उपलब्ध कराने की आवश्यकता बताते हुए खदानों को अनावश्यक रूप से बंद न करने की बात कही. डीएफओ को नए खदानों की क्लीयरेंस प्रक्रिया में सहयोग करने और गुरु घासीदास राष्ट्रीय उद्यान क्षेत्र के अंदर बसे इच्छुक गांवों के पुनर्वास की प्रक्रिया प्रारंभ करने के निर्देश भी दिए गए.
“हम जनता के सेवक हैं” — मुख्यमंत्री
बैठक के दौरान मुख्यमंत्री ने कहा कि सुशासन तिहार का सकारात्मक प्रभाव जनता तक पहुंच रहा है. उन्होंने अधिकारियों से कहा कि शासन का उद्देश्य जनता की समस्याओं का त्वरित समाधान करना है और सभी अधिकारी जनता के सेवक के रूप में कार्य करें.
बैठक में ये रहे मौजूद
समीक्षा बैठक में स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल, विधायक भैया लाल राजवाड़े, जिला पंचायत अध्यक्ष यशवंती सिंह, महापौर रामनरेश राय, मुख्यमंत्री के प्रमुख सचिव सुबोध कुमार सिंह, विशेष सचिव रजत बंसल, कमिश्नर नरेंद्र दुग्गा, आईजी पंकज झा सहित तीनों जिलों के कलेक्टर, एसपी, डीएफओ और अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे.


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