गुजरात के बनासकांठा जिले के दंता सिविल अस्पताल से स्वास्थ्य सेवाओं में भारी लापरवाही का मामला सामने आया है। यहाँ इलाज के लिए पहुंची एक महिला मरीज को कथित तौर पर एक्सपायरी डेट निकल चुकी ग्लूकोज की बोतल चढ़ा दी गई। ग्लूकोज चढ़ने के कुछ ही देर बाद महिला की तबीयत अचानक बिगड़ने लगी और उसके हाथ-पैर में सूजन आ गई, जिसके बाद अस्पताल परिसर में परिजनों ने जमकर हंगामा किया।
🩺 बिना जांचे चढ़ाई ग्लूकोज की बोतल
परिजनों के अनुसार, निजी अस्पताल बंद होने के कारण महिला को दंता सिविल अस्पताल लाया गया था। आरोप है कि अस्पताल के कर्मचारियों ने बोतल की एक्सपायरी डेट जांचे बिना ही उसे मरीज को लगा दिया। ग्लूकोज की बोतल की एक्सपायरी डेट 5 मई थी। आधी बोतल चढ़ने के बाद परिजनों की नजर उस पर पड़ी, जिससे यह गंभीर मामला सामने आया।
😡 परिजनों का आरोप: ‘मामले को दबाने की कोशिश’
परिजनों का कहना है कि ग्लूकोज चढ़ाने के बाद महिला की स्थिति नाजुक हो गई थी। उन्होंने आरोप लगाया कि इस घटना के बाद ड्यूटी पर तैनात नर्स मौके से गायब हो गई और उस समय वहां कोई जिम्मेदार डॉक्टर भी मौजूद नहीं था। परिजनों ने यह भी आरोप लगाया कि अस्पताल प्रशासन ने शुरुआत में पूरे मामले को दबाने की कोशिश की थी। उन्होंने कहा कि समय रहते ध्यान नहीं जाता तो महिला की जान भी जा सकती थी।
⚠️ प्रशासन की कार्रवाई: डॉक्टर और नर्स को नोटिस
मामला बढ़ने के बाद अस्पताल अधीक्षक ने स्वीकार किया कि स्टॉक में गलती से एक्सपायरी डेट वाली ग्लूकोज की बोतल रह गई थी, जिसे मरीज को लगा दिया गया। अस्पताल प्रशासन ने तत्काल प्रभाव से संबंधित डॉक्टर और नर्स को कारण बताओ नोटिस जारी कर स्पष्टीकरण मांगा है। साथ ही, भविष्य में ऐसी घातक लापरवाही से बचने के लिए मेडिकल स्टॉक की जांच व्यवस्था को और सख्त करने का आश्वासन दिया गया है।
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