दतिया: मध्य प्रदेश के दतिया अंतर्गत गोराघाट (Goraghat) में पिछले दिनों सामूहिक प्रताड़ना से तंग आकर आत्महत्या करने वाली दुष्कर्म पीड़िता के मामले में एक नया और बड़ा कानूनी मोड़ आया है। पीड़िता के भाई के घर जबरन घुसकर जमकर उत्पात और हंगामा मचाने वाली मुख्य आरोपी की तीन सगी बहनों के खिलाफ घटना के सात दिन बीत जाने के बाद आखिरकार आधिकारिक एफआईआर (FIR) दर्ज कर ली गई है। चश्मदीदों और पुलिस रिकॉर्ड के मुताबिक, आरोपियों की इन तीनों बहनों द्वारा पीड़िता के भाई के घर पर मानसिक रूप से प्रताड़ित करने और हंगामा खड़ा करने के महज 24 घंटे के भीतर ही स्तब्ध पीड़िता ने फांसी लगाकर अपनी जीवनलीला समाप्त कर ली थी। इस संवेदनशील मामले में अब ग्वालियर के माधौगंज थाना पुलिस ने जीरो पर मामला कायम कर कानूनी शिकंजा कस दिया है। इस नए केस के साथ ही अब तक इस पूरे मामले में मुख्य आरोपी पर तीन और उसकी बहनों पर दो अलग-अलग एफआईआर दर्ज की जा चुकी हैं।
🏥 होटल में दुष्कर्म के बाद पीड़िता को करानी पड़ी थी सर्जरी: लोक-लाज और आरोपी परिवार की प्रताड़ना से टूट गई थी युवती
घटनाक्रम के अनुसार, गोराघाट थाना क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले सुनारी गांव की रहने वाली एक युवती ने मानसिक अवसाद और प्रताड़ना के चलते फांसी लगाकर अपनी जान दे दी थी। जांच में सामने आया था कि गांव के ही रहने वाले रसूखदार आरोपी योगेश रावत ने पीड़िता को झांसा देकर पड़ाव क्षेत्र में स्थित ‘होटल राम्या’ में ले जाकर उसके साथ जबरन दुष्कर्म (Rape) की घिनौनी वारदात को अंजाम दिया था। इस कृत्य के बाद जब पीड़िता गर्भवती (Pregnant) हो गई, तो गंभीर परिस्थितियों के चलते उसे अस्पताल में अपनी सर्जरी (गंभीर ऑपरेशन) तक करानी पड़ी थी। शारीरिक और मानसिक कष्ट के बीच पीड़िता न्याय की गुहार लगा रही थी, लेकिन तभी इस मामले में एक और खौफनाक मोड़ आया।
⚖️ पूनम, पिंकी और प्रियंका रावत ने भाई के घर जाकर दी थी धमकियां: पुलिस ने दर्ज किया मामला, आरोपियों की तलाश तेज
मामले की जांच कर रहे माधौगंज थाना पुलिस के अधिकारियों ने बताया कि जब पीड़िता ने आरोपी के खिलाफ आवाज उठानी चाही, तो आरोपी योगेश रावत की तीन बहनें—पूनम रावत, पिंकी रावत और प्रियंका रावत एकजुट होकर पीड़िता के भाई के माधौगंज स्थित आवास पर धमक पड़ीं। इन तीनों महिलाओं ने वहां सरेआम जमकर हंगामा किया, पीड़िता के चरित्र पर कीचड़ उछाला और पूरे परिवार को गंभीर परिणाम भुगतने की सीधे तौर पर धमकियां दी थीं। इस सामाजिक अपमान और डराने-धमकाने के कृत्य से आहत होकर पीड़िता ने अगले ही दिन आत्मघाती कदम उठा लिया। पुलिस ने मृतका के भाई की लिखित शिकायत और प्राथमिक गवाहों के बयानों के आधार पर तीनों आरोपी बहनों के खिलाफ दंगा करने, घर में घुसकर धमकी देने और प्रताड़ित करने की विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज कर लिया है और उनकी गिरफ्तारी के लिए दबिश देना शुरू कर दिया है।
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