धार: मध्य प्रदेश के धार की ऐतिहासिक और विवादित भोजशाला (Bhojshala) में आज का शुक्रवार एक नया इतिहास रचने जा रहा है। एक लंबे कानूनी और सामाजिक अंतराल के बाद आज शुक्रवार को हिंदू समाज को सूर्योदय से लेकर सूर्यास्त तक निर्बाध रूप से पूजा-अर्चना और दर्शन करने का पूर्ण अधिकार मिला है। इस ऐतिहासिक फैसले और अवसर के गवाह बनने के लिए सुबह से ही देश और प्रदेश के कोने-कोने से बड़ी संख्या में श्रद्धालु भोजशाला परिसर पहुंचे। भक्तों ने कतारबद्ध होकर बेहद अनुशासित तरीके से परिसर में प्रवेश किया और मां वाग्देवी (Saraswati) की प्रतिमा के समक्ष शीश नवाकर विधि-विधान से पूजा-अर्चना की। भोजशाला मुक्ति यज्ञ समिति और स्थानीय ट्रस्ट से जुड़े पदाधिकारियों ने बताया कि आज सुबह ठीक 9 बजे मंत्रोच्चार और शंखनाद के बीच मां वाग्देवी की भव्य महाआरती संपन्न हुई, जिसमें सैकड़ों श्रद्धालुओं ने हिस्सा लिया। इसके बाद, दोपहर 12 बजे से भोजशाला परिसर के भीतर ही एक बड़े और भव्य सांस्कृतिक व धार्मिक आयोजन की तैयारी की गई है। इस विशेष कार्यक्रम के दौरान भोजशाला आंदोलन में अपने प्राणों की आहुति और बलिदान देने वाले अंचल के तीन प्रमुख शहीद परिवारों को आमंत्रित किया गया है, जिन्हें मंच से विशेष रूप से सम्मानित और गौरवान्वित किया जाएगा। इस आयोजन को लेकर क्षेत्र के सनातन धर्मावलंबियों में भारी उत्साह देखा जा रहा है। इस महा-आयोजन की संवेदनशीलता और कानून-व्यवस्था की स्थिति को ध्यान में रखते हुए जिला प्रशासन और पुलिस मुख्यालय ने पूरे धार शहर में ‘हाई अलर्ट’ घोषित कर दिया है। भोजशाला परिसर के अंदर और बाहर चप्पे-चप्पे पर भारी पुलिस बल, रैपिड एक्शन फोर्स (RAF) और खुफिया कैमरों की तैनाती के साथ सुरक्षा के अभूतपूर्व और कड़े इंतजाम किए गए हैं। वरिष्ठ पुलिस अधिकारी स्वयं सुरक्षा व्यवस्था की मॉनिटरिंग कर रहे हैं। दूसरी ओर, जमीनी हलचल के साथ-साथ कानूनी मोर्चे पर भी सरगर्मी चरम पर है; मस्जिद पक्ष (मुस्लिम पक्ष) द्वारा हाई कोर्ट के इस फैसले के खिलाफ देश की सर्वोच्च अदालत यानी सुप्रीम कोर्ट (Supreme Court) में जो विशेष याचिका दायर की गई है, उस पर आज होने वाली सुनवाई और रुख पर पूरे देश की राजनीतिक व सामाजिक नजरें टिकी हुई हैं।🔱 सुबह 9 बजे शंखनाद के साथ हुई मां वाग्देवी की भव्य महाआरती: दोपहर में होगा बलिदान देने वाले शहीद परिवारों का सम्मान
🛡️ पूरे धार शहर में हाई अलर्ट घोषित, अभूतपूर्व सुरक्षा इंतजाम: मस्जिद पक्ष की सुप्रीम कोर्ट (SC) याचिका पर भी टिकी नजरें
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धार: मध्य प्रदेश के धार की ऐतिहासिक और विवादित भोजशाला (Bhojshala) में आज का शुक्रवार एक नया इतिहास रचने जा रहा है। एक लंबे कानूनी और सामाजिक अंतराल के बाद आज शुक्रवार को हिंदू समाज को सूर्योदय से लेकर सूर्यास्त तक निर्बाध रूप से पूजा-अर्चना और दर्शन करने का पूर्ण अधिकार मिला है। इस ऐतिहासिक फैसले और अवसर के गवाह बनने के लिए सुबह से ही देश और प्रदेश के कोने-कोने से बड़ी संख्या में श्रद्धालु भोजशाला परिसर पहुंचे। भक्तों ने कतारबद्ध होकर बेहद अनुशासित तरीके से परिसर में प्रवेश किया और मां वाग्देवी (Saraswati) की प्रतिमा के समक्ष शीश नवाकर विधि-विधान से पूजा-अर्चना की।
🔱 सुबह 9 बजे शंखनाद के साथ हुई मां वाग्देवी की भव्य महाआरती: दोपहर में होगा बलिदान देने वाले शहीद परिवारों का सम्मान
भोजशाला मुक्ति यज्ञ समिति और स्थानीय ट्रस्ट से जुड़े पदाधिकारियों ने बताया कि आज सुबह ठीक 9 बजे मंत्रोच्चार और शंखनाद के बीच मां वाग्देवी की भव्य महाआरती संपन्न हुई, जिसमें सैकड़ों श्रद्धालुओं ने हिस्सा लिया। इसके बाद, दोपहर 12 बजे से भोजशाला परिसर के भीतर ही एक बड़े और भव्य सांस्कृतिक व धार्मिक आयोजन की तैयारी की गई है। इस विशेष कार्यक्रम के दौरान भोजशाला आंदोलन में अपने प्राणों की आहुति और बलिदान देने वाले अंचल के तीन प्रमुख शहीद परिवारों को आमंत्रित किया गया है, जिन्हें मंच से विशेष रूप से सम्मानित और गौरवान्वित किया जाएगा। इस आयोजन को लेकर क्षेत्र के सनातन धर्मावलंबियों में भारी उत्साह देखा जा रहा है।
🛡️ पूरे धार शहर में हाई अलर्ट घोषित, अभूतपूर्व सुरक्षा इंतजाम: मस्जिद पक्ष की सुप्रीम कोर्ट (SC) याचिका पर भी टिकी नजरें
इस महा-आयोजन की संवेदनशीलता और कानून-व्यवस्था की स्थिति को ध्यान में रखते हुए जिला प्रशासन और पुलिस मुख्यालय ने पूरे धार शहर में ‘हाई अलर्ट’ घोषित कर दिया है। भोजशाला परिसर के अंदर और बाहर चप्पे-चप्पे पर भारी पुलिस बल, रैपिड एक्शन फोर्स (RAF) और खुफिया कैमरों की तैनाती के साथ सुरक्षा के अभूतपूर्व और कड़े इंतजाम किए गए हैं। वरिष्ठ पुलिस अधिकारी स्वयं सुरक्षा व्यवस्था की मॉनिटरिंग कर रहे हैं। दूसरी ओर, जमीनी हलचल के साथ-साथ कानूनी मोर्चे पर भी सरगर्मी चरम पर है; मस्जिद पक्ष (मुस्लिम पक्ष) द्वारा हाई कोर्ट के इस फैसले के खिलाफ देश की सर्वोच्च अदालत यानी सुप्रीम कोर्ट (Supreme Court) में जो विशेष याचिका दायर की गई है, उस पर आज होने वाली सुनवाई और रुख पर पूरे देश की राजनीतिक व सामाजिक नजरें टिकी हुई हैं।


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